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गलवां घाटी विवाद पर पूर्व सैनिकों ने बढ़ाया हौसला, कहा- चीनी सेना का मुंहतोड़ जवाब देने में सक्षम हैं भारतीय जवान

Wed, 17 Jun 2020 04:25 PM IST
vivek shukla प्रदीप अग्रहरि, फरेंदा।
प्रदीप अग्रहरि, फरेंदा। Published by: vivek shukla Updated Wed, 17 Jun 2020 04:25 PM IST
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india china dispute retired army soldier support indian Army
- फोटो : अमर उजाला

भारत-चीन सीमा के गलवां घाटी में सोमवार-मंगलवार को हुई हिंसक झड़प में भारतीय सेना के 20 जवानों के शहादत के बाद पूरा देश गुस्से में है। ऐसे में चीन को भी मुंहतोड़ जवाब देने का समय बताते हुए भारतीय पूर्व सैनिकों ने मजबूत सेना बताया है। पूर्व सैनिकों ने चीन के हरकत की कड़ी निंदा करते हुए पुरानी गलती को न दोहराने की नसीहत देते हुए भारतीय सेना के शहीद सैनिकों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की है।

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फरेंदा क्षेत्र के सैनिक गांव उदितपुर के 1962 भारत-चीन युद्ध के दौरान मेंचुका में तैनात पूर्व सैनिक कैप्टन मान सिंह ने वर्तमान हालत के बारे में बताया कि चीन बेहद खतरनाक देश है, उस पर भरोसा करना गलत है। लेकिन चीन भी न भूले कि भारतीय सेना 1962 जैसी नहीं रह गई है। अब भारत की सेना मजबूत हालत में है वह किसी भी देश को मुंहतोड़ जवाब देने में सक्षम है।
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हवलदार गंगा राम गुरूंग 1962 के युद्ध के दौरान भारत-चीन सीमा के वालूंग में तैनात रहे। युद्ध के दिनों पर चर्चा के दौरान कहा कि दिन रात के युद्ध में भारत को निराशा हाथ लगी थी। पुराने हथियार थे चीन के तुलना में सेना भी कम थी, चीन के पास आधुनिक हथियार थे। इसलिए भारतीय सेना को हटना पड़ा था। अब हालत कुछ अलग है भारत की मजबूत सेना किसी भी देश से टक्कर ले सकती है।

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सूबेदार मेजर एसबी गुरूंग भारत-चीन सीमा पर तनाव पर कहा कि भारतीय सेना युद्ध कला में पारंगत हो चुकी है, भारत को कोई भी देश आंख नहीं दिखा सकता है। चीन भारत पर दबाव बनाने का प्रयास कर रहा है। जिसका जवाब भी सैनिक दे रहे हैं। उसको आभास हो गया है कि भारत अब कमजोर नहीं है। सेना के जवाबी कार्रवाई चीन भी भुगत चुका है।

सूबेदार शिवशंकर सिंह ने कहा कि चीनी सेना ने धोखा से भारत के 20 सैनिकों को मारा है जो बेहद निंदनीय है। भारत जवाब देगा तो चीन को मुंह की खानी पड़ेगी। भारतीय सेना अब 1962 की सेना नहीं है, 2020 की सेना है। देश के रक्षामंत्री ने कह भी दिया है। मामला शांतिपूर्ण ढंग से निपट जाए तो बेहतर होगा, नहीं तो परिणाम कुछ और ही होगा।

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