फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gorakhpur News ›   Incense sticks, perfumes and feathers will be made from flowers offered in temples in Gorakhpur

तैयारी: मंदिरों में चढ़ाए गए फूलों से बनेगी अगरबत्ती, इत्र और फ्लेदर, कानपुर की कंपना गोरखपुर में लगाएगी 90 लाख का प्लांट

Wed, 11 Aug 2021 09:20 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर। Published by: गोरखपुर ब्यूरो Updated Wed, 11 Aug 2021 09:20 AM IST
सार

आईआईटी कानपुर और भारतीय विद्यापीठ से उत्तीर्ण इंजीनियर लगाएंगे संयंत्र। नगर निगम की तरफ से कंपनी को दी जाएगी किराए पर जमीन। 

विज्ञापन
Incense sticks, perfumes and feathers will be made from flowers offered in temples in Gorakhpur
कानपुर की संस्था के प्रतिनिधियों ने नगर आयुक्त को गोबर से बनी अगरबत्ती एवं अन्य सामग्री प्रदान की। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में मंदिरों में चढ़ाए गए फूलों से अगरबत्ती, इत्र और फ्लेदर (फूलों से बना लेदर) बनाया जाएगा। आईआईटी कानपुर और भारतीय विद्यापीठ से उत्तीर्ण इंजीनियर जिले में करीब 90 लाख रुपये का संयंत्र लगाएंगे। नगर निगम की तरफ से कंपनी को किराए पर जमीन दी जाएगी। कानपुर फ्लावर साइकिलिंग प्राइवेट लिमिटेड (केएफपीएल) और नगर निगम के साथ जल्द ही इस संबंध में करार होगा। इससे करीब 200 महिलाओं को रोजगार मिलेगा।
विज्ञापन


जिले के मंदिरों में रोजाना दो टन से ज्यादा फूल चढ़ाए जाते हैं। यह फूल बाद में फेंक दिए जाते हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बीते दिनों फूलों से अगरबत्ती और अन्य उत्पाद बनाने के लिए सरकारी और निजी संस्थाओं से मदद लेने का आह्वान किया था। इसे देखते हुए कमिश्नर रवि कुमार एनजी ने खाका तैयार किया था। केएफपीएल ने शहर में काम करने का प्रस्ताव दिया है। केएफपीएल के डायरेक्टर अंकित अग्रवाल ने नगर आयुक्त अविनाश सिंह से मुलाकात करके प्रोजेक्ट की जानकारी दी है। निदेशक के मुताबिक शुरुआत में फूलों से अगरबत्ती बनाई जाएगी, फिर इत्र और फ्लेदर बनाया जाएगा। कान्हा उपवन के पास संयंत्र लगाया जा सकता है।
विज्ञापन


नगर आयुक्त अविनाश सिंह ने बताया कि निजी कंपनी फूलों और गोबर से अगरबत्ती समेत अन्य उत्पाद बनाएगी। अगरबत्ती में केमिकल नहीं मिलाया जाएगा। कंपनी को प्लांट लगाने के लिए किराए पर जमीन दी जाएगी। अगरबत्ती के धुएं में कार्बन डाई आक्साइड की मात्रा की जांच कर रिपोर्ट भी देगी। कंपनी ने करीब 90 लाख रुपये का प्रोजेक्ट दिया है। इससे 200 महिलाओं को रोजगार मिलेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

गंगा में फूलों को बहते देखा तो आया स्टार्टअप का विचार

अंकित ने बताया कि एक दिन विदेशी दोस्त के साथ गंगा किनारे बैठा था। उस दिन मकर संक्रांति थी। गंगा में सैकड़ों लोगों को नहाते देखा तो दोस्त परेशान हो गया। उसने पूछा-लोग इतने गंदे पानी में क्यों नहा रहे हैं? इसे साफ क्यों नहीं करते? सरकार और सिस्टम पर दोष लगाकर अंकित बात टालने लगे। विदेशी दोस्त ने कहा कि तुम खुद क्यों नहीं कुछ करते? इसी वक्त चढ़ावे के फूलों से लदा एक टैंपो आकर रुका और सारा कचरा गंगा में उड़ेल दिया। उसी वक्त अंकित के दिमाग में फूलों से स्टार्टअप का विचार आया।

कानपुर और तिरुपति के मंदिरों से रोजोना करीब साढ़े तीन टन उठाते हैं फूल
अंकित ने बताया कि मंदिरों में चढ़ाए फूलों को इकट्ठा करते हैं। इसकी प्रोसेसिंग करके अगरबत्ती, धूपबत्ती और फ्लेदर (फूलों से बना लेदर) बनाते हैं। इससे कचरा तो कम होता ही है, करोड़ों की कमाई और सैकड़ों लोगों को रोजगार मिलता है। कानपुर के मंदिरों व तिरुपति से रोजाना करीब साढ़े तीन टन फूल उठाते हैं। ढाई साल की रिसर्च के बाद एक चमड़े का विकास किया है, जो फूल से तैयार होता है।

दो किलो फूल और 72 हजार रुपये से शुरुआत
अंकित ने बताया कि करीब दो महीने में समझ आ गया कि मंदिरों से जो फूल निकलता है उसका कोई समाधान नहीं है। कुछ लोग खाद बनाते हैं, लेकिन उससे कोई खास कमाई नहीं होती है। हमने दो किलोग्राम फूल और 72 हजार रुपये से शुरुआत की थी। अपने आइडिया के साथ आईआईटी, आईआईएम और अन्य संस्थानों की प्रतियोगिताओं में जाने लगा। इनके जरिए 20 लाख रुपये इकट्ठा किए हैं। अब नौकरी छोड़ दी है और पूरी तरह स्टार्टअप में लग गया हूं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed