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Gorakhpur News: पिपराइच कोर्ट में एक पक्ष के पैरोकार ने फाड़ दी आदेश की काॅपी, जांच शुरू
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- जमीन की रजिस्ट्री के बाद नामांतरण को लेकर था विवाद, पक्षकार पर अभद्रता का भी आरोप
- सदर तहसीलदार ने शुरू कराई जांच, नायब तहसीलदार से मांगी रिपोर्ट
गोरखपुर। पिपराइच तहसील न्यायालय में एक पक्ष के पैरोकार ने नायब तहसीलदार के आदेश की कॉपी ही फाड़ दी। आरोप है कि कोर्ट में कार्यरत स्टाफ के साथ अभद्रता भी की। मामला संज्ञान में आने पर सदर तहसीलदार ने जांच बैठा दी है और नायब तहसीलदार से रिपोर्ट मांगी है। इस मामले से कोर्ट के दस्तावेजों की सुरक्षा पर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है।
घटना 19 मई की है। पिपराइच की शैला ने एक जमीन की रजिस्ट्री सुशीला देवी से कराई थी। नामांतरण को लेकर विवाद था। न्यायालय के आदेश पर शैला का नाम खतौनी में दर्ज हो गया था। आरोप है कि नाम को हटवाने के लिए दूसरे पक्ष का पैरोकार कोर्ट में पहुंचा और मुंशी से पत्रावली को देखने के लिए मांगा। पत्रावली मिलने के बाद पैरोकार ने आदेश की कॉपी को फाड़ दिया। मुंशी ने जब विरोध किया तो उससे भी अभ्रदता की। इसकी जानकारी मुंशी ने नायब तहसीलदार नीरू सिंह को दी लेकिन उन्होंने कोई कार्रवाई नहीं की। बुधवार को मामला सदर तहसीलदार के पास पहुंचा तो उन्होंने नायब तहसीलदार से पूरे प्रकरण की रिपोर्ट मांगी है। इस संबंध में सदर तहसीलदार ज्ञान प्रताप सिंह ने बताया कि पूरे प्रकरण की जांच कराई जा रही है। कोर्ट में पत्रावली फाड़ना गंभीर मामला है। जो भी दोषी होगा उसके खिलाफ विधिक कार्रवाई की जाएगी।
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- सदर तहसीलदार ने शुरू कराई जांच, नायब तहसीलदार से मांगी रिपोर्ट
गोरखपुर। पिपराइच तहसील न्यायालय में एक पक्ष के पैरोकार ने नायब तहसीलदार के आदेश की कॉपी ही फाड़ दी। आरोप है कि कोर्ट में कार्यरत स्टाफ के साथ अभद्रता भी की। मामला संज्ञान में आने पर सदर तहसीलदार ने जांच बैठा दी है और नायब तहसीलदार से रिपोर्ट मांगी है। इस मामले से कोर्ट के दस्तावेजों की सुरक्षा पर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है।
घटना 19 मई की है। पिपराइच की शैला ने एक जमीन की रजिस्ट्री सुशीला देवी से कराई थी। नामांतरण को लेकर विवाद था। न्यायालय के आदेश पर शैला का नाम खतौनी में दर्ज हो गया था। आरोप है कि नाम को हटवाने के लिए दूसरे पक्ष का पैरोकार कोर्ट में पहुंचा और मुंशी से पत्रावली को देखने के लिए मांगा। पत्रावली मिलने के बाद पैरोकार ने आदेश की कॉपी को फाड़ दिया। मुंशी ने जब विरोध किया तो उससे भी अभ्रदता की। इसकी जानकारी मुंशी ने नायब तहसीलदार नीरू सिंह को दी लेकिन उन्होंने कोई कार्रवाई नहीं की। बुधवार को मामला सदर तहसीलदार के पास पहुंचा तो उन्होंने नायब तहसीलदार से पूरे प्रकरण की रिपोर्ट मांगी है। इस संबंध में सदर तहसीलदार ज्ञान प्रताप सिंह ने बताया कि पूरे प्रकरण की जांच कराई जा रही है। कोर्ट में पत्रावली फाड़ना गंभीर मामला है। जो भी दोषी होगा उसके खिलाफ विधिक कार्रवाई की जाएगी।
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