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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gorakhpur News ›   In Gorakhpur, people are facing problems due to heavy load on servers, cases entangled in court.

Gorakhpur News: सर्वर ओवरलोड, एक खतौनी के लिए बर्बाद हो रहा दो दिन- जमानत, जमीनी विवाद तक उलझे

Wed, 20 Mar 2024 11:47 AM IST
रोहित सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर Published by: रोहित सिंह Updated Wed, 20 Mar 2024 11:47 AM IST
सार

जिले की सात तहसीलों में 3103 गांवों की खतौनी रियल टाइम बनाई जा रही है, जिसमें 314 गांवों की खतौनी अधूरी है। राजस्व कर्मियों के अनुसार बैंकों का काम भी बढ़ जाने के कारण सर्वर ओवरलोड हो रहा है जिससे बार-बार बंद हो जा रहा है। इससे काउंटर से प्रमाणित खतौनी नहीं निकल पा रही है।

 

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In Gorakhpur, people are facing problems due to heavy load on servers, cases entangled in court.
खतौनी के लिए लाइन में लगे लोग - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

गोरखपुर में भू-लेख पोर्टल का सर्वर स्लो होने के कारण लोगों को एक खतौनी के लिए दो-तीन दिन तहसील के काउंटर पर लाइन लगानी पड़ रही है, जबकि रियल टाइम खतौनी बनाने का काम भी अटक रहा है। 31 मार्च तक जिले में 314 राजस्व गांवों की खतौनी को रियल टाइम करने का लक्ष्य है, लेकिन अभी जो स्थिति है, उसे देखकर लग नहीं रहा कि निर्धारित समय में यह पूरा होने वाला है।
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भू-लेख पोर्टल से ही बैंकों में लोन की संपत्ति बंधक बनाने का काम हो रहा है। काम का दबाव बढ़ा तो पोर्टल पर अलग-अलग काम के लिए समय बांट दिया गया है, लेकिन इससे सुविधा नहीं बढ़ी, बल्कि असुविधा ही हो रही है।
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जिले की सात तहसीलों में 3103 गांवों की खतौनी रियल टाइम बनाई जा रही है, जिसमें 314 गांवों की खतौनी अधूरी है।

राजस्व कर्मियों के अनुसार बैंकों का काम भी बढ़ जाने के कारण सर्वर ओवरलोड हो रहा है जिससे बार-बार बंद हो जा रहा है। इससे काउंटर से प्रमाणित खतौनी नहीं निकल पा रही है।
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जमानत, बैंक लोन, रजिस्ट्री, किसान सम्मान निधि सहित अन्य कार्यों के लिए प्रमाणित खतौनी की आवश्यकता पड़ रही है, जबकि जनसेवा केंद्र से निकाली गई खतौनी अप्रमाणित होती है और उसके आधार पर कार्य नहीं हो सकते हैं।

तहसील सदर में मंगलवार दोपहर 12:30 बजे खतौनी के लिए दोनों काउंटरों पर लंबी लाइन लगी थी, लेकिन यहां सर्वर बंद होने का बोर्ड रखा हुआ था। लोग इस उम्मीद में अपनी जगह खड़े थे कि हो सकता है कि कुछ देर में खतौनी मिल जाएगी तो बड़ा काम हो जाएगा।

कुछ देर बाद जब सर्वर शुरू हुआ तो दोपहर के एक बज गए। बाबू ने बताया कि एक बजे के बाद खतौनी निकालने का काम नहीं होता है, लेकिन लोग अपनी जगह से हट नहीं रहे थे। खतौनी के बिना किसी की जमानत नहीं हो पा रही है तो किसी के जमीन विवाद में साक्ष्य नहीं जमा हो पा रहे हैं।

इस तरह बांट दिया गया समय
पहले बैंक में बंधक अचल संपत्ति पर लोन स्वीकृत करने के मामले में तहसील कार्यालय और रजिस्ट्री विभाग में पत्र भेजा जाता था, लेकिन अब भू-लेख पोर्टल के माध्यम से भूमि बंधक बनाने का कार्य हो रहा है। इससे फर्जीवाड़ा पर अंकुश लगने की संभावना है, लेकिन इसका लोड बढ़ने के कारण पोर्टल का समय बांट दिया गया है।

दोपहर एक बजे से खतौनी निकालने, दोपहर एक बजे के बाद रियल टाइम खतौनी बनाने एवं शाम पांच से सात बजे तक बैंक संबंधी कार्य किए जा रहे हैं।

अटकी है इतने गांवों की खतौनी

 
तहसील रियल टाइम खतौनी वाले राजस्व गांव अवशेष गांव
सदर   511 112
कैंपियरगंज 212  0
खजनी  648   42
गोला  657 94
चौरीचौरा  193     10
बांसगांव 541 4
सहजनवा  341  12


अधिवक्ता की राय

अधिवक्ता रवि प्रकाश श्रीवास्तव ने बताया कि भू-लेख काउंटर पर सर्वर डाउन होने के कारण लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। जमानत, किसान सम्मान निधि, बैंक व रजिस्ट्री के कार्यों में प्रमाणित खतौनी की आवश्यकता पड़ रही है। तमाम लोग दिन भर लाइन में लगते हैं और काउंटर बंद होने तक खतौनी नहीं मिल पाती है।

तहसीलदार विकास सिंह ने बताया कि यूपी भू-लेख पोर्टल में दिक्कत आ रही है। सर्वर स्लो होने के मामले में पत्राचार किया गया है। खतौनी निकालने के साथ रियल टाइम खतौनी बनाने के लिए सक्रियता से कार्य किए जा रहे हैं।
 
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