प्रभारी मंत्री ने बिजली घर का किया निरीक्षण: बोले, बिजली देते रहिए, चाय-पानी बाद में
प्रभारी मंत्री ने बिजली घर का निरीक्षण किया, बोले- वीआईपी जिले में आपूर्ति गड़बड़ाई तो गलत संदेश जाएगा।
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बिजली देते रहिए, चाय-पानी बाद में करेंगे। गोरखपुर में बिजली व्यवस्था गड़बड़ हुई तो प्रदेश में गलत संदेश जाएगा। यह वीआईपी जिला है। बिजली रोजमर्रा की जिंदगी का अहम हिस्सा है। निर्बाध आपूर्ति की व्यवस्था बनी रहे, इसका इंतजाम सभी अधिकारियों पर है।
यह प्रतिक्रिया जिले के प्रभारी व योगी सरकार में कैबिनेट मंत्री धर्मपाल सिंह ने उस वक्त दी, जब गोरखपुर विश्वविद्यालय परिसर स्थित बिजली घर के निरीक्षण के बाद अफसरों ने चाय-पानी का ऑफर दिया। हालांकि, मंत्री ने आठ मिनट में ही निरीक्षण खत्म कर दिया।
जिले के प्रभारी मंत्री धर्मपाल सिंह, माध्यमिक शिक्षा मंत्री गुलाब देवी और गन्ना विकास राज्य मंत्री संजय सिंह गंगवार ने शुक्रवार शाम 6:28 बजे बिजली निगम के प्रथम खंड के विश्वविद्यालय बिजली घर पहुंचे। उन्होंने फीडरों का निरीक्षण किया। अधीक्षण अभियंता शहरी यूसी वर्मा व अधिशासी अभियंता प्रथम नवनीत पटेल ने एक-एक जानकारी दी। मंत्रियों ने कहा कि बिजली घर में तीन बड़े फीडर हैं। सभी की आपूर्ति निर्बाध की जाती है। प्रभारी मंत्री बिजली घर के पास गए तो पुराना ट्रांसफार्मर दिख गया। इसपर मरम्मत करवाने की सलाह दी।
मंत्री ने आपूर्ति की जानकारी चाही तो जवाब मिला कि क्षमता से कम बिजली ट्रांसफार्मर से दी जाती है। इससे फाल्ट या दूसरे तरह की समस्या की संभावना कम रहती है, फिर भी मरम्मत कार्य करवा लिया जाएगा। इस दौरान अधीक्षण अभियंता यूसी वर्मा, सुरेश राम, विनोद कुमार, एके सिंह, अधिशासी अभियंता नवनीत प्रजापति, अतुल रघुवंशी, वीके चौधरी, अविनाश गौतम, एसडीओ ऐश्वर्य सिंह, अवर अभियंता एसपी सिंह, कैलाश प्रसाद मौजूद रहें।
कितनी बिजली शहर व ग्रामीण में दी जाती है?
प्रभारी मंत्री ने अधिकारियों से पूछा कि कितनी बिजली शहरी व ग्रामीण इलाकों में दी जाती है। इसपर शहरी क्षेत्र के अधीक्षण अभियंता ने बताया कि समय से ही ट्रांसफार्मरों की मरम्मत करवाई जा चुकी है, लिहाजा ओवरलोड की दिक्कत से फाल्ट नहीं है। पांच और नए बिजली घर बनाए जाने का प्रस्ताव भेजा गया है। वैसे ही, ग्रामीण खंड के अधीक्षण अभियंता सुरेश राम ने बताया कि तहसील और ग्रामीण क्षेत्रों में भी पर्याप्त बिजली दी जाती है। हां, तेज हवा चलने पर कुछ इलाकों में बिजली काट दी जाती।
जिलाधिकारी ने दी थ्रू रेट की जानकारी
जिलाधिकारी विजय किरन आनंद ने थ्रू रेट की जानकारी दी। बताया कि इस समय शहरी क्षेत्र में 6.36 रुपये के हिसाब से थ्रू रेट लिया जा रहा है। उपभोक्ता समय से बिजली बिल भी जमा करते हैं। शहरी क्षेत्र में उपभोक्ताओं ने बड़ी संख्या में बिजली बिल जमा किया है।
क्या होता है थ्रू रेट
बिजली खपत के हिसाब से जो वसूली होती है, उसके बदले प्रति यूनिट मिलने वाले रुपये को थ्रू रेट कहते हैं। इस समय शहरी क्षेत्र में 6.36 रुपये से हिसाब से थ्रू-रेट लिया जा रहा है।