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Gorakhpur News: जालसाजी के मामले में एपीओ से सलाह पर दर्ज होगा केस
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- डीजीपी ने जारी किया आदेश, अब थानों पर ऐसे मामलों में तत्काल नहीं दर्ज होगा केस
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। जालसाजी की घटनाओं में अब पुलिस सीधे केस नहीं दर्ज करेगी। प्रार्थनापत्र पर एसपीओ अपनी सलाह देंगे कि जालसाजी की घटना में अपराध हुआ या नहीं। अपराध होने पर ही केस दर्ज करने की अनुमति होगी। इस संबंध में डीजीपी ने आदेश जारी कर दिया है, लेकिन गोरखपुर में एहतियातन पहले से ही सीओ की जांच के बाद ही केस दर्ज किया जाता है। जिस तरह से यहां पर जालसाजी के मामले हैं, उसमें यह नया आदेश प्रक्रिया और बढ़ाना देगा, यह तय माना जा रहा है। फिलहाल अफसर आदेश के क्रम में जांच करा रहे हैं।
जानकारी के मुताबिक, कई ऐसे मामले होते हैं, जिसमें जमीन के बदले एग्रीमेंट किया जाता है और फिर जालसाजी हो जाती है। ऐसे ही केस को सिविल का मानते हुए विधिक राय लेने को कहा गया है। प्रार्थनापत्र आने पर अफसर विधिक सलाह के लिए एसपीओ के पास भेजेंगे जो यह तय करेंगे कि फरियादी के साथ अपराध हुआ या फिर सिर्फ लेनदेन का विवाद है। इसी आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। जालसाजी की घटनाओं में अब पुलिस सीधे केस नहीं दर्ज करेगी। प्रार्थनापत्र पर एसपीओ अपनी सलाह देंगे कि जालसाजी की घटना में अपराध हुआ या नहीं। अपराध होने पर ही केस दर्ज करने की अनुमति होगी। इस संबंध में डीजीपी ने आदेश जारी कर दिया है, लेकिन गोरखपुर में एहतियातन पहले से ही सीओ की जांच के बाद ही केस दर्ज किया जाता है। जिस तरह से यहां पर जालसाजी के मामले हैं, उसमें यह नया आदेश प्रक्रिया और बढ़ाना देगा, यह तय माना जा रहा है। फिलहाल अफसर आदेश के क्रम में जांच करा रहे हैं।
जानकारी के मुताबिक, कई ऐसे मामले होते हैं, जिसमें जमीन के बदले एग्रीमेंट किया जाता है और फिर जालसाजी हो जाती है। ऐसे ही केस को सिविल का मानते हुए विधिक राय लेने को कहा गया है। प्रार्थनापत्र आने पर अफसर विधिक सलाह के लिए एसपीओ के पास भेजेंगे जो यह तय करेंगे कि फरियादी के साथ अपराध हुआ या फिर सिर्फ लेनदेन का विवाद है। इसी आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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