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युवक की मौत के बाद हरकत आया जीडीए, जॉर्बिंग बॉल का अवैध तरीके से हो रहा था संचालन
Fri, 14 Feb 2020 09:03 AM IST
vivek shukla
डिजिटल न्यूज डेस्क, गोरखपुर।
डिजिटल न्यूज डेस्क, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Fri, 14 Feb 2020 09:03 AM IST
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रामगढ़ ताल झील।
- फोटो : अमर उजाला
रामगढ़ताल के जिस जॉर्बिंग बॉल में अमन राय (20) की बुधवार की शाम मौत हो गई, उसका संचालन ही अवैध तरीके से हो रहा था। टेंडर के बाद जार्बिंग बाल का संचालन कर रही फर्म और गोरखपुर विकास प्राधिकरण (जीडीए) के बीच अनुबंध ही नहीं हुआ था। घटना के बाद जागे जीडीए ने संबंधित फर्म को नोटिस देकर सात दिन के भीतर अनुबंध नहीं कराने पर टेंडर निरस्त करने की चेतावनी दी है।
प्राधिकरण ने इस संबंध में इंस्पेक्टर रामगढ़ताल को भी पत्र लिखकर अनुबंध पत्र नहीं दिखाने तक जार्बिंग बॉल के संचालन न होने का आग्रह किया है। उधर, फर्म के मालिक गोविंद गौड़ ने बृहस्पतिवार की सुबह जार्बिंग बॉल का संचालन बंद कर दिया।
रामगढ़ताल में वाटर स्पोर्ट्स को बढ़ावा देने के उद्देश्य से बोटिंग, जार्बिंग बॉल, रेस्त्रां आदि के लिए ई-टेंडर निकाला था। एक्सपर्ट फर्म को ही आवेदन करने को कहा गया था। अलग-अलग खेलों में जनवरी 2020 में एक फर्म ने जार्बिंग बॉल के लिए सबसे ज्यादा बोली लगाकर एक साल के लिए टेंडर हासिल किया।
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फर्म इस गेम के संचालन के लिए जीडीए को 79 हजार रुपये महीने शुल्क देती है। प्राधिकरण के मुताबिक तमाम शर्तों पर परखने के बाद फर्म को ट्रायल के तौर पर रामगढ़ताल में जॉर्बिंग बॉल उतारने की अनुमति दी गई थी। साथ ही अनुबंध होने पर गेम का पूर्ण रूप से संचालन करने को कहा था। मगर ब्याज की रकम को लेकर महीने भर तक फर्म ने अनुबंध ही नहीं भरा। उधर, प्राधिकरण ने भी इसकी सुधि नहीं ली।
सचिव जीडीए राम सिंह गौतम ने कहा कि टेंडर के जरिए जार्बिंग बॉल गेम का संचालन कर रही फर्म को चुना गया था। फर्म को नोटिस देकर अनुबंध कराने के लिए सात दिन का मौका दिया गया है। तय समय के भीतर अनुबंध नहीं कराने पर टेंडर निरस्त कर दिया जाएगा।
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प्राधिकरण ने इस संबंध में इंस्पेक्टर रामगढ़ताल को भी पत्र लिखकर अनुबंध पत्र नहीं दिखाने तक जार्बिंग बॉल के संचालन न होने का आग्रह किया है। उधर, फर्म के मालिक गोविंद गौड़ ने बृहस्पतिवार की सुबह जार्बिंग बॉल का संचालन बंद कर दिया।
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रामगढ़ताल में वाटर स्पोर्ट्स को बढ़ावा देने के उद्देश्य से बोटिंग, जार्बिंग बॉल, रेस्त्रां आदि के लिए ई-टेंडर निकाला था। एक्सपर्ट फर्म को ही आवेदन करने को कहा गया था। अलग-अलग खेलों में जनवरी 2020 में एक फर्म ने जार्बिंग बॉल के लिए सबसे ज्यादा बोली लगाकर एक साल के लिए टेंडर हासिल किया।
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फर्म इस गेम के संचालन के लिए जीडीए को 79 हजार रुपये महीने शुल्क देती है। प्राधिकरण के मुताबिक तमाम शर्तों पर परखने के बाद फर्म को ट्रायल के तौर पर रामगढ़ताल में जॉर्बिंग बॉल उतारने की अनुमति दी गई थी। साथ ही अनुबंध होने पर गेम का पूर्ण रूप से संचालन करने को कहा था। मगर ब्याज की रकम को लेकर महीने भर तक फर्म ने अनुबंध ही नहीं भरा। उधर, प्राधिकरण ने भी इसकी सुधि नहीं ली।
सचिव जीडीए राम सिंह गौतम ने कहा कि टेंडर के जरिए जार्बिंग बॉल गेम का संचालन कर रही फर्म को चुना गया था। फर्म को नोटिस देकर अनुबंध कराने के लिए सात दिन का मौका दिया गया है। तय समय के भीतर अनुबंध नहीं कराने पर टेंडर निरस्त कर दिया जाएगा।