गोरखपुर: माफिया प्रदीप सिंह पर पुलिस प्रशासन का शिकंजा, संपत्ति जब्त करने की कार्रवाई शुरू
करीब छह सौ करोड़ की खेती योग्य जमीन जब्त की गई। दो लग्जरी वाहन व मकान किया गया चिन्हित। जल्द होगी जब्तीकरण की कार्रवाई।
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जानकारी के मुताबिक, डीएम के आदेश पर तहसील प्रशासन सहजनवां ने प्रदीप सिंह की अपराध के दम पर अर्जित संपत्ति का ब्योरा जुटाया है। इसमें खेती योग्य भूमि को चिह्नित किया गया है। तीन गाड़ी, तीन मकान भी सामने आए हैं। इन सबको भी जब्त किया जाना है। इसी क्रम में प्रशासनिक टीम ने कार्रवाई शुरू कर दी है। उसकी खेती योग्य भूमि को जब्त कर लिया गया है और अन्य पर जल्द कार्रवाई की जाएगी।
तहसीलदार सहजनवां शशि भूषण पाठक ने बताया कि जो संपत्ति अपराध से अर्जित की गई है, उसे चिह्नित कर डीएम के आदेश पर सरकारी संपत्ति में स्थानांतरित कर दिया गया है। मल्हीपुर स्थित प्रदीप के आवास व वाहनों पर भी बृहस्पतिवार को तहसील प्रशासन द्वारा कार्रवाई की जानी थी लेकिन मौसम खराब होने और अन्य कारणों से कार्रवाई को स्थगित कर दिया गया है। शीघ्र ही यह कार्रवाई पूरी की जाएगी।
प्रदीप सिंह पर दर्ज हैं 54 मुकदमे
प्रदीप सिंह पर 54 मुकदमे दर्ज हैं। लूट और हत्या का पहला मुकदमा गोला, फिर उसी थाने में गैंगस्टर, बेलीपार में हत्या की कोशिश, राजघाट में आर्म्स एक्ट और हत्या, गुलरिहा में हत्या की कोशिश, कैंट में चार मुकदमे हत्या, डकैती, हत्या की कोशिश, सहजनवां थाने में लूट, हत्या, हत्या की कोशिश, आर्म्स एक्ट, धमकी देने सहित दस मुकदमे, शाहपुर में हत्या की कोशिश और आपराधिक साजिश, कोतवाली में हत्या की कोशिश, हत्या, गैंगस्टर, धमकी समेत 11 मुकदमे, तिवारीपुर, खलीलाबाद, दुधरा बस्ती, बखिरा, मेहदावल, उसका बाजार, गोरखनाथ में भी केस दर्ज हैं।
ब्लॉक प्रमुख की हत्या के बाद सुर्खियों में आया था प्रदीप
प्रदीप सिंह वर्ष 1996 में पिपरौली के तत्कालीन ब्लॉक प्रमुख सुरेंद्र सिंह की हत्या के बाद सुर्खियों में आया था। जिला परिषद कार्यालय के गेट पर दिनदहाड़े हत्या करने के बाद प्रदीप उनके गनर की स्टेनगन लूटकर फरार हो गया था। उस समय के कुख्यात बदमाश परवेज टांडा के साथ मिलकर प्रदीप सिंह ने इस घटना को अंजाम दिया था। बाद में परवेज टांडा ने नेपाल में अपना ठिकाना बना लिया था। नेपाल में ही उसकी हत्या हो गई थी।