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Gorakhpur News: लगन में नए नोट चाहिए तो बैंक नहीं, बैंक रोड वाली फड़ों पर जाएं- इन नोटों की थी मारामारी
Mon, 08 Jul 2024 10:57 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर
Published by: गोरखपुर ब्यूरो
Updated Mon, 08 Jul 2024 10:57 AM IST
सार
शादियों के सीजन में नए नोटों खासकर 10-20 रुपये की गड्डी की जरूरत लोगों को ज्यादा पड़ती है। पहले तो लोग बैंकों का रुख करते हैं। वहां से निराशा मिलने पर बैंक रोड पहुंचते हैं, जहां दुकानदार से ज्यादा रकम देकर नए नोटों की गड्डी ले लेते हैं। इस समय हालात यह हैं कि 10 और 20 के नोट के लिए मारामारी मची हुई है।
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बैंक रोड पर करेंसी की फड़
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तार
जैसा कि सभी लोगों को मालूम है कि नए नोटों के लिए बैंक में जाना पड़ता है, मगर यहां हालात कुछ अलग हैं। लगन में नए नोटों के लिए अब बैंक रोड पर धंधेबाजों की फड़ों पर जाना पड़ रहा है। धंधेबाजों की सेटिंग इतनी तगड़ी है कि बैंक में नए नोट मांगने पर हाथ खड़े कर दिए जा रहे हैं।
10 के नोट तो बैंक में हैं ही नहीं, मगर धंधेबाजों की फड़ों पर भरे पड़े हैं। इसका पूरा फायदा नए नोटों का धंधा करने वाले उठा रहे हैं। लगन का समय आते ही नए नोटों की डिमांड बढ़ी और इसकी कालाबाजारी भी शुरू हो गई। बैंक से नए नोटों की गड्डी न मिलने से इसका फायदा बैंक रोड स्थित दुकानदार खूब उठा रहे हैं।
आलम यह है कि 10 रुपये के नए नोटों की गड्डी के लिए लोगों को डेढ़ गुनी कीमत चुकानी पड़ रही है। 20 रुपये की गड्डी के लिए भी मनमानी कीमत वसूली जा रही है। बैंक प्रबंधन के अनुसार तीन महीने से 10 रुपये के नए नोटों की गड्डी बैंकों में भी नहीं आई। इस कारण कई शाखाओं पर 10 और 20 रुपये की नई करेंसी नहीं है।
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शादियों के सीजन में नए नोटों खासकर 10-20 रुपये की गड्डी की जरूरत लोगों को ज्यादा पड़ती है। पहले तो लोग बैंकों का रुख करते हैं। वहां से निराशा मिलने पर बैंक रोड पहुंचते हैं, जहां दुकानदार से ज्यादा रकम देकर नए नोटों की गड्डी ले लेते हैं। इस समय हालात यह हैं कि 10 और 20 के नोट के लिए मारामारी मची हुई है।
10 रुपये के नए नोट की गड्डी के लिए डेढ़ गुनी कीमत व्यापारी वसूल रहे हैं। 20 रुपये के नोट के लिए भी यही हाल है। 50, 100, 500 रुपये के नोटों की गड्डी पर्याप्त मात्रा में बैंकों में उपलब्ध हैं। बैंक प्रबंधन की मानें तो आरबीआई की ओर से बैंकों की डिमांड पर नए नोट उपलब्ध कराए जाते हैं।
करीब तीन महीने से 10 रुपये के नोट नहीं आए हैं। इसके कारण कुछ चुनिंदा बैंकों को छोड़कर अन्य जगह नए नोट की उपलब्धता नहीं है।
बैंक रोड पर कुछ ही दुकानों पर मिलेगी रकम
10 और 20 रुपये के नए नोट इस समय बैंक रोड पर सभी दुकानों पर नहीं मिलेंगे। कारण यह है कि लगन के शुरू होने पर इसके लिए ज्यादा मांग आने लगती है। जो ग्राहक दुकानदारों को मनचाही रकम दे रहा है, उसे आसानी से उपलब्ध कराया जा रहा है।
अन्य लोगों को कल, परसों आने के लिए कहा जा रहा है। कुछ लोग एडवांस में भी रकम दे रहे हैं ताकि उन्हें शादी वाले दिन नए नोट की गड्डी मिल जाए।
बैंकों में दुकानदारों की जबरदस्त सेटिंग
बैंकों से गायब नए नोट दुकानदारों तक जिस तरह से पहुंच रहे हैं, इससे उनकी सेटिंग का अंदाजा लगाया जा सकता है। कई बैंक प्रबंधन से जुड़े लोगों का भी मानना है कि अगर बैंकों में तीन महीने से नए नोट नहीं आए तो इन तक कैसे पहुंच रहा है। कारोबाकी सेटिंग कर किसी न किसी बैंक के जरिए ही नोट ले रहे हैं। इन पर कार्रवाई जरूरी है।
तारामंडल की मनीष कुमार ने कहा कि 11 जुलाई को भाई की शादी है। 10 और 20 रुपये के नए नोटों की गड्डी के लिए रुस्तमपुर में यूनियन बैंक गया था लेकिन वहां नहीं मिला। इसके बाद बैंक रोड गया तो पता चला कि 10 रुपये के नए नोटों वाली गड्डी के लिए डेढ़ गुनी रकम देनी होगी। यह सुनते ही वापस चला आया। अब बैंक से जुड़े परिचितों और रिश्तेदारों से नए नोटों की गड्डी के लिए जुगाड़ लगा रहा हूं।
विवेकपुरम पवन उपाध्याय ने बताया कि रिश्तेदारी में शादी है, नए नोट की जरूरत है लेकिन बैंक से नहीं मिल रहा है। वहीं बैंक रोड जाने पर दुकानदार काफी अधिक रकम मांग रहे हैं। समझ में नहीं आ रहा है कि जब बैंक वाले मना कर रहे हैं तो बैंक रोड स्थित दुकानों पर कैसे आसानी से उपलब्ध करा रहे हैं। फिलहाल अब दुकानों से ही नए नोट खरीदना पड़ेगा।
लीड बैंक मेनैजर मनोज श्रीवास्तव ने बताया कि आरबीआई की ओर से कार्रवाई करने का अधिकार है। समय-समय पर कार्रवाई भी की जाती है। फिलहाल करीब तीन महीने से 10 रुपये के नोट बैंकों में नहीं आ रहे हैं।
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10 के नोट तो बैंक में हैं ही नहीं, मगर धंधेबाजों की फड़ों पर भरे पड़े हैं। इसका पूरा फायदा नए नोटों का धंधा करने वाले उठा रहे हैं। लगन का समय आते ही नए नोटों की डिमांड बढ़ी और इसकी कालाबाजारी भी शुरू हो गई। बैंक से नए नोटों की गड्डी न मिलने से इसका फायदा बैंक रोड स्थित दुकानदार खूब उठा रहे हैं।
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आलम यह है कि 10 रुपये के नए नोटों की गड्डी के लिए लोगों को डेढ़ गुनी कीमत चुकानी पड़ रही है। 20 रुपये की गड्डी के लिए भी मनमानी कीमत वसूली जा रही है। बैंक प्रबंधन के अनुसार तीन महीने से 10 रुपये के नए नोटों की गड्डी बैंकों में भी नहीं आई। इस कारण कई शाखाओं पर 10 और 20 रुपये की नई करेंसी नहीं है।
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शादियों के सीजन में नए नोटों खासकर 10-20 रुपये की गड्डी की जरूरत लोगों को ज्यादा पड़ती है। पहले तो लोग बैंकों का रुख करते हैं। वहां से निराशा मिलने पर बैंक रोड पहुंचते हैं, जहां दुकानदार से ज्यादा रकम देकर नए नोटों की गड्डी ले लेते हैं। इस समय हालात यह हैं कि 10 और 20 के नोट के लिए मारामारी मची हुई है।
10 रुपये के नए नोट की गड्डी के लिए डेढ़ गुनी कीमत व्यापारी वसूल रहे हैं। 20 रुपये के नोट के लिए भी यही हाल है। 50, 100, 500 रुपये के नोटों की गड्डी पर्याप्त मात्रा में बैंकों में उपलब्ध हैं। बैंक प्रबंधन की मानें तो आरबीआई की ओर से बैंकों की डिमांड पर नए नोट उपलब्ध कराए जाते हैं।
करीब तीन महीने से 10 रुपये के नोट नहीं आए हैं। इसके कारण कुछ चुनिंदा बैंकों को छोड़कर अन्य जगह नए नोट की उपलब्धता नहीं है।
बैंक रोड पर कुछ ही दुकानों पर मिलेगी रकम
10 और 20 रुपये के नए नोट इस समय बैंक रोड पर सभी दुकानों पर नहीं मिलेंगे। कारण यह है कि लगन के शुरू होने पर इसके लिए ज्यादा मांग आने लगती है। जो ग्राहक दुकानदारों को मनचाही रकम दे रहा है, उसे आसानी से उपलब्ध कराया जा रहा है।
अन्य लोगों को कल, परसों आने के लिए कहा जा रहा है। कुछ लोग एडवांस में भी रकम दे रहे हैं ताकि उन्हें शादी वाले दिन नए नोट की गड्डी मिल जाए।
बैंकों में दुकानदारों की जबरदस्त सेटिंग
बैंकों से गायब नए नोट दुकानदारों तक जिस तरह से पहुंच रहे हैं, इससे उनकी सेटिंग का अंदाजा लगाया जा सकता है। कई बैंक प्रबंधन से जुड़े लोगों का भी मानना है कि अगर बैंकों में तीन महीने से नए नोट नहीं आए तो इन तक कैसे पहुंच रहा है। कारोबाकी सेटिंग कर किसी न किसी बैंक के जरिए ही नोट ले रहे हैं। इन पर कार्रवाई जरूरी है।
तारामंडल की मनीष कुमार ने कहा कि 11 जुलाई को भाई की शादी है। 10 और 20 रुपये के नए नोटों की गड्डी के लिए रुस्तमपुर में यूनियन बैंक गया था लेकिन वहां नहीं मिला। इसके बाद बैंक रोड गया तो पता चला कि 10 रुपये के नए नोटों वाली गड्डी के लिए डेढ़ गुनी रकम देनी होगी। यह सुनते ही वापस चला आया। अब बैंक से जुड़े परिचितों और रिश्तेदारों से नए नोटों की गड्डी के लिए जुगाड़ लगा रहा हूं।
विवेकपुरम पवन उपाध्याय ने बताया कि रिश्तेदारी में शादी है, नए नोट की जरूरत है लेकिन बैंक से नहीं मिल रहा है। वहीं बैंक रोड जाने पर दुकानदार काफी अधिक रकम मांग रहे हैं। समझ में नहीं आ रहा है कि जब बैंक वाले मना कर रहे हैं तो बैंक रोड स्थित दुकानों पर कैसे आसानी से उपलब्ध करा रहे हैं। फिलहाल अब दुकानों से ही नए नोट खरीदना पड़ेगा।
लीड बैंक मेनैजर मनोज श्रीवास्तव ने बताया कि आरबीआई की ओर से कार्रवाई करने का अधिकार है। समय-समय पर कार्रवाई भी की जाती है। फिलहाल करीब तीन महीने से 10 रुपये के नोट बैंकों में नहीं आ रहे हैं।