फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

तस्वीरें: बरसात में गोरखपुर आना तो नाव जरूर लाना, बारिश में दरिया बन गया शहर

Fri, 27 Aug 2021 12:58 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर। Published by: गोरखपुर ब्यूरो Updated Fri, 27 Aug 2021 12:58 PM IST
विज्ञापन
Gorakhpur city became river after 107 mm of rain fell in four hours
गोरखपुर में जलभराव। - फोटो : अमर उजाला।
बरसात में गोरखपुर आना तो नाव जरूर लेकर आना, अन्यथा शहर के कई इलाकों में कमर भर पानी में डूब कर ही जाना होगा। बुधवार आधी रात के बाद से गुरुवार सुबह तक करीब चार घंटे की मूसलाधार बारिश (107 मिलीमीटर) ने शहर के कई इलाकों को दरिया में तब्दील कर दिया। वाकई, शहर में घर से बाहर निकलने के लिए किसी को नाव का सहारा लेना पड़ा तो किसी को तख्त को ही नाव बनाना पड़ा। वहीं शहर के कुछ मोहल्लों में पिछले एक-डेढ़ महीने से हुए जलभराव की स्थिति और बदतर हो गई। 500 से ज्यादा परिवार घरों में कैद हैं तो कई लोग अपने इलाके से पलायन कर स्वजनों के घर आसरा लिए हुए हैं।


भादों पूरे शबाब पर है। रक्षाबंधन पर्व के खत्म होने के बाद से 23 अगस्त से लगातार बारिश हो रही है। वहीं, बुधवार रात ढाई बजे के बाद शुरू हुई बारिश ने गुरुवार की सुबह तक रुकने का नाम नहीं लिया। मात्र साढ़े चार घंटे के दौरान ही 107 मिलीमीटर बारिश हो गई। इसकी वजह से साहबगंज मंडी, महेवा मंडी, रुस्तमपुर, महुई सुघरपुर, बशारतपुर, विष्णुपुरम, जंगल सालिकराम की व्यासनगर कॉलोनी, धर्मशाला ओवरब्रिज के नीचे, सिंघड़िया क्षेत्र के विभिन्न इलाके प्रकृति नगर, गोरक्षनगर, प्रज्ञापुरम, करीम नगर, फ्रेंडस कॉलोनी, स्वर्ण सिटी, श्रवण नगर, मौसम विभाग कार्यालय, सरयू नहर आदि इलाकों में जबरदस्त जलभराव हो गया।
Gorakhpur city became river after 107 mm of rain fell in four hours
गोरखपुर में जलभराव। - फोटो : अमर उजाला।
जिन इलाकों में पहले से जलभराव था, वहां की हालत और ज्यादा बिगड़ गई। पहले से जलभराव का शिकार हुए इलाकों के करीब 500 से भी ज्यादा परिवार एक महीने से भी ज्यादा समय से अपने-अपने घरों में कैद हैं। उनकी हालत बिगड़ गई। वहीं मेडिकल कॉलेज रोड किनारे की कॉलोनी गणेशपुरम में तो लोगों को घर से बाहर निकलने के लिए नाव का सहारा लेना पड़ा। वार्ड संख्या 18 के खालेटोला, प्रेमनगर, विद्यानगर के लोग जलभराव से बेहाल हो गए।
Gorakhpur city became river after 107 mm of rain fell in four hours
गोरखपुर में जलभराव। - फोटो : अमर उजाला।
गोड़धोइया नाले के किनारे बसे तीन परिवारों को एनडीआरएफ ने किया रेस्क्यू
गोड़धोइया नाले के किनारे बसे तीन परिवारों को एनडीआरएफ की टीम ने रेस्क्यू कर निकाला। धर्मपुर सहयोग विहार में छह परिवार जलभराव वाले क्षेत्र में फंसे हुए थे। भूतल पूरा पानी में डूब गया था। गुरुवार को पार्षद आलोक सिंह विशेन ने नगर आयुक्त अविनाश सिंह को मामले की जानकारी दी। बताया कि मनोज यादव, गिरीश पांडेय और रामवृक्ष चौहान समेत छह परिवार पानी में घिर गए हैं। इन तीनों घरों के भूतल में करीब सात से आठ फीट पानी भर हुआ था। वहीं तीनों परिवार दूसरी मंजिल पर शरण लिए हुए थे। जानकारी मिलने के बाद नगर आयुक्त ने नगर निगम की इंफोर्समेंट टीम और जिला प्रशासन को इसकी सूचना दी। शाम को एनडीआरएफ की टीम के इंस्पेक्टर सीपी चंद्रा, इंफोर्समेंट टीम के कर्नल सीपी सिंह, पार्षद आलोक कुमार विशेन दो बोट से मौके पर पहुंचे और तीनों परिवारों को रेस्क्यू कर बाहर निकाला। आलोक सिंह विशेन ने बताया कि तीन परिवारों ने अपना घर छोड़ने से इंकार कर दिया है। बाकी तीन परिवारों को रेस्क्यू कर बाहर निकाला गया।
विज्ञापन
विज्ञापन
Gorakhpur city became river after 107 mm of rain fell in four hours
गोरखपुर में जलभराव। - फोटो : अमर उजाला।
ग्रामीण विधायक ने पंपिंग स्टेशन का किया निरीक्षण
गोरखपुर ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र के विधायक विपिन सिंह ने नरसिंहपुर, इलाहीबाग, जाफरा बाजार आदि शहरी इलाकों में जलभराव की सूचना पर गुरुवार शाम को इलाहीबाग पंपिंग स्टेशन का किया। कहा जब तक जलभराव पूरी तरह से समाप्त न हो जाये पंपिंग हाउस लगातार संचालित हो। इस दौरान कमलेश अग्रवाल, दीपू कसौधन, वैभव अग्रहरि, रूपेश मौर्या, राजेंद्र कुशवाहा, सोनू विश्वकर्मा, अंगद कुशवाहा, अमित गुप्ता आदि उपस्थित रहे।
विज्ञापन
Gorakhpur city became river after 107 mm of rain fell in four hours
गोरखपुर में जलभराव। - फोटो : अमर उजाला
इंद्रप्रस्थपुरम में लगा जल कर्फ्यू
वार्ड संख्या 28 इंद्रप्रस्थपुरम कॉलोनी में जलभराव के चलते जल कर्फ्यू लागू हो गया। जो जहां थे वहीं पर फंसे रहे। कॉलोनी के लेन नंबर एक से लगायत लेन नंबर 11 तक करीब तीन सौ घरों में रहने वाले लोगों को बारिश के बाद हुए जलभराव से परेशान होना पड़ा। नौकरी पेशा लोग घुटने तक पानी से होकर मुख्य मार्ग तक पहुंचे। वहीं बच्चे, महिलाएं और बूढे़ दिनभर घरों में ही कैद रहे। दूध, राशन और सब्जियों के लिए भी लोगों को परेशान होना पड़ा। मोहल्ले के दीप शर्मा, राजेश श्रीवास्तव, भानु प्रकाश नारायण, आरए सिंह, गजेंद्र चौधरी, राजेश सिंह, डॉ. मंयकेश्वर नारायण द्विवेदी, ओपी सिंह आदि ने बताया कि लगभग ढाई दशक पुरानी इस कॉलोनी के सभी घर जीडीए से अप्रूव्ड हैं और सभी प्रकार के कर भी देते हैं लेकिन मोहल्ले के एक बड़े क्षेत्र में रहने वाले लोग मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं।
अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed