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Gorakhpur News: छात्र संख्या कम तो नहीं कर पाएंगे पुरस्कार के लिए आवेदन
Sat, 15 Jun 2024 04:29 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
Updated Sat, 15 Jun 2024 04:29 AM IST
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गोरखपुर। परिषदीय विद्यालयों में छात्रों की संख्या कम होने पर विद्यालय के अध्यापक राज्य अध्यापक पुरस्कार के लिए आवेदन करने से वंचित रह जाएंगे। बेसिक शिक्षा परिषद की नियमावली से राज्य अध्यापक पुरस्कार प्राप्त करने की मंशा रखने वाले अध्यापकों को यह खबर मायूस कर रही है।
प्रदेश भर के परिषदीय विद्यालयाें के अध्यापकों के लिए राज्य अध्यापक पुरस्कार के लिए आवेदन करने की प्रक्रिया शनिवार से शुरू हो रही है। प्रेरणा पोर्टल पर 10 जुलाई तक आवेदन किया जा सकेगा। इसके लिए परिषदीय विद्यालय के प्राथमिक, उच्च प्राथमिक और अशासकीय सहायता प्राप्त जूनियर हाईस्कूल के शिक्षक आवेदन कर सकते हैं। जिला चयन समिति प्रत्येक जिले से दो-दो श्रेष्ठ शिक्षकों का चयन कर राज्य स्तरीय चयन समिति को भेजेगी। इसमें एक-एक सर्वश्रेष्ठ अध्यापक को पुरस्कार के लिए चयनित किया जाएगा। प्रत्येक अध्यापक का मूल्यांकन 100 अंक पर होगा।
अध्यापक के तैनाती विद्यालय में 15 वर्ष के दौरान छात्र नामांकन में वृद्धि पर 10 अंक, अध्यापक के नियमित विद्यालय उपस्थित होने पर पांच अंक, कक्षा में छात्रों की उपस्थिति 90 प्रतिशत होने पर 10 अंक, 80 प्रतिशत उपस्थिति पर पांच अंक व 75 फीसदी उपस्थिति पर तीन अंक मिलेंगे। दीक्षा पोर्टल पर मिले प्रशिक्षण का 90 फीसदी से अधिक उपयोग कक्षा में करने पर पांच अंक, कक्षा में 50 फीसदी से अधिक बच्चे 90 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करते है तो पांच अंक मिलेंगे। निपुण भारत के लक्ष्य प्राप्ति, कक्षा पांच में पास छात्रों का कक्षा छह में नामांकन के आधार पर अंक के साथ विद्यालय में प्रचलित रजिस्टर को शतप्रतिशत ऑनलाइन करने पर भी अंक दिये जाएंगे। चयन समिति के समक्ष व्यक्तिगत प्रस्तुतिकरण के लिए 20 अंक होंगे। इसके अतिरिक्त अध्यापक की सामुदायिक सहभागिता, आइसीटी का उपयोग व गतिविधियों का विवरण भी देना होगा। विद्यालय प्रबंध समिति के अध्यक्ष शिक्षक के नियमित विद्यालय आने का प्रमाणपत्र देंगे।
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शिक्षकों के लिए आवेदन करने के लिए रखीं शर्तें
बेसिक शिक्षा परिषद की ओर से संचालित स्कूलों में कार्यरत केवल नियमित अध्यापक ही आवेदन के लिए मान्य होंगे। 15 वर्ष की सेवा पूर्ण कर चुके हों और सेवानिवृत्त होने में पांच वर्ष से कम अवधि बची हो। प्राथमिक विद्यालय में 150 से कम, उच्च प्राथमिक विद्यालय में 105 से कम एवं कंपोजिट विद्यालय में 255 विद्यार्थियों से कम नामांकन न हों।
नामांकन की तीसरी शर्त अध्यापकों को पुरस्कार प्राप्त करने से वंचित कर रही है। छात्र संख्या के आधार पर आवेदन के नियम को लेकर अध्यापकों में नाराजगी है। शिक्षक संघ के अध्यक्ष श्रीधर मिश्रा के अनुसार छात्र संख्या को आवेदन का आधार बनाना उचित नहीं है। इस वर्ष विद्यालय में छात्रों के लिए प्रवेश की उम्र छह वर्ष अनिवार्य करने से छात्रों की संख्या में कमी आयी है। 15 वर्ष की सेवा को अनिवार्य करने पर युवा अध्यापक आवेदन नहीं कर सकेंगे जबकि कई युवा अध्यापक विद्यालयों में नवाचार के माध्यम से शैक्षिक वातावरण को बेहतर बना रहे हैं।
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प्रदेश भर के परिषदीय विद्यालयाें के अध्यापकों के लिए राज्य अध्यापक पुरस्कार के लिए आवेदन करने की प्रक्रिया शनिवार से शुरू हो रही है। प्रेरणा पोर्टल पर 10 जुलाई तक आवेदन किया जा सकेगा। इसके लिए परिषदीय विद्यालय के प्राथमिक, उच्च प्राथमिक और अशासकीय सहायता प्राप्त जूनियर हाईस्कूल के शिक्षक आवेदन कर सकते हैं। जिला चयन समिति प्रत्येक जिले से दो-दो श्रेष्ठ शिक्षकों का चयन कर राज्य स्तरीय चयन समिति को भेजेगी। इसमें एक-एक सर्वश्रेष्ठ अध्यापक को पुरस्कार के लिए चयनित किया जाएगा। प्रत्येक अध्यापक का मूल्यांकन 100 अंक पर होगा।
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अध्यापक के तैनाती विद्यालय में 15 वर्ष के दौरान छात्र नामांकन में वृद्धि पर 10 अंक, अध्यापक के नियमित विद्यालय उपस्थित होने पर पांच अंक, कक्षा में छात्रों की उपस्थिति 90 प्रतिशत होने पर 10 अंक, 80 प्रतिशत उपस्थिति पर पांच अंक व 75 फीसदी उपस्थिति पर तीन अंक मिलेंगे। दीक्षा पोर्टल पर मिले प्रशिक्षण का 90 फीसदी से अधिक उपयोग कक्षा में करने पर पांच अंक, कक्षा में 50 फीसदी से अधिक बच्चे 90 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करते है तो पांच अंक मिलेंगे। निपुण भारत के लक्ष्य प्राप्ति, कक्षा पांच में पास छात्रों का कक्षा छह में नामांकन के आधार पर अंक के साथ विद्यालय में प्रचलित रजिस्टर को शतप्रतिशत ऑनलाइन करने पर भी अंक दिये जाएंगे। चयन समिति के समक्ष व्यक्तिगत प्रस्तुतिकरण के लिए 20 अंक होंगे। इसके अतिरिक्त अध्यापक की सामुदायिक सहभागिता, आइसीटी का उपयोग व गतिविधियों का विवरण भी देना होगा। विद्यालय प्रबंध समिति के अध्यक्ष शिक्षक के नियमित विद्यालय आने का प्रमाणपत्र देंगे।
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शिक्षकों के लिए आवेदन करने के लिए रखीं शर्तें
बेसिक शिक्षा परिषद की ओर से संचालित स्कूलों में कार्यरत केवल नियमित अध्यापक ही आवेदन के लिए मान्य होंगे। 15 वर्ष की सेवा पूर्ण कर चुके हों और सेवानिवृत्त होने में पांच वर्ष से कम अवधि बची हो। प्राथमिक विद्यालय में 150 से कम, उच्च प्राथमिक विद्यालय में 105 से कम एवं कंपोजिट विद्यालय में 255 विद्यार्थियों से कम नामांकन न हों।
नामांकन की तीसरी शर्त अध्यापकों को पुरस्कार प्राप्त करने से वंचित कर रही है। छात्र संख्या के आधार पर आवेदन के नियम को लेकर अध्यापकों में नाराजगी है। शिक्षक संघ के अध्यक्ष श्रीधर मिश्रा के अनुसार छात्र संख्या को आवेदन का आधार बनाना उचित नहीं है। इस वर्ष विद्यालय में छात्रों के लिए प्रवेश की उम्र छह वर्ष अनिवार्य करने से छात्रों की संख्या में कमी आयी है। 15 वर्ष की सेवा को अनिवार्य करने पर युवा अध्यापक आवेदन नहीं कर सकेंगे जबकि कई युवा अध्यापक विद्यालयों में नवाचार के माध्यम से शैक्षिक वातावरण को बेहतर बना रहे हैं।