{"_id":"66b9303ca535b329a60a2c24","slug":"if-aadhaar-is-not-linked-to-mobile-caste-and-residence-certificate-will-get-stuck-gorakhpur-news-c-7-gkp1038-650878-2024-08-12","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"Gorakhpur News: आपके काम की खबर, आधार मोबाइल से लिंक नहीं तो फंस जाएगा- जाति, निवास प्रमाणपत्र","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Gorakhpur News: आपके काम की खबर, आधार मोबाइल से लिंक नहीं तो फंस जाएगा- जाति, निवास प्रमाणपत्र
Mon, 12 Aug 2024 01:06 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर
Published by: गोरखपुर ब्यूरो
Updated Mon, 12 Aug 2024 01:06 PM IST
सार
जाति, निवास और आय प्रमाण पत्र बनवाना है तो अपने आधार को मोबाइल नंबर से लिंक करा लें। साथ ही आवेदन के समय रेवन्यू के अनुसार ही पता अपलोड कराएं। आधार कार्ड में अगर पता रेवन्यू के अनुसार नहीं है तो आवेदन निरस्त हो जाएगा। हर महीने जिले में 1000 से ज्यादा आवेदन निरस्त हो रहे हैं।
विज्ञापन
अगर आपका भी है 10 साल पुराना आधार, तो ध्यान दें
- फोटो : istock
विस्तार
जाति, निवास और आय प्रमाण पत्र बनवाना है तो अपने आधार को मोबाइल नंबर से लिंक करा लें। साथ ही आवेदन के समय रेवन्यू के अनुसार ही पता अपलोड कराएं। आधार कार्ड में अगर पता रेवन्यू के अनुसार नहीं है तो आवेदन निरस्त हो जाएगा। हर महीने जिले में 1000 से ज्यादा आवेदन निरस्त हो रहे हैं।
विज्ञापन
दोबारा आवेदन करने पर पूरी प्रक्रिया फिर से अपनानी होगी। सबसे ज्यादा परेशान विद्यार्थी हैं, आवेदन निरस्त होने के चलते उनका प्रमाण पत्र लटक जा रहा है और आधार कार्ड पर पता सही कराने के लिए भागदौड़ करनी पड़ रही है। हालांकि, फौरी राहत देते हुए प्रशासन ने आधार नंबर के साथ कोई भी ऐसा आईडी लगाने की छूट दी है जो रेवन्यू अभिलेखों के मुताबिक हो।
विज्ञापन
आय, जाति एवं निवास प्रमाण पत्र बनवाने में धोखाधड़ी रोकने के लिए शासन ने फरवरी 2024 से ही इन प्रमाणपत्रों के आवेदन ऑनलाइन करते समय आधार कार्ड को लिंक करना अनिवार्य कर दिया है। बहुत सारे लोग इस नियम से अनभिज्ञ हैं और साइबर कैफे या खुद से आवेदन करने में आधार से बिना लिंक वाला मोबाइल नंबर दर्ज करा दे रहे हैं।
विज्ञापन
ऑनलाइन भी आधार डाउनलोड कर सकते हैं( सांकेतिक)
- फोटो : istock
इसके चलते उनका आवेदन अस्वीकार हो जा रहा है। वहीं, गलत पता भी आवेदन निरस्त होने की वजह बन रही है। लेखपाल आवेदनों की जांच करते समय रेवन्यू दस्तावेजों से ही मिलान कर रहे हैं।
शहर में बहुत सारी नई काॅलोनियां बन गई हैं। लोग उसी काॅलोनी का पता आधार कार्ड में दर्ज करा रहे हैं। जबकि, रेवन्यू अभिलेख के अनुसार ही लेखपाल रिपोर्ट लगाते हैं। पता अगल होने से फार्म निरस्त हो जाता है। उदाहरण के तौर पर बिछिया इलाके में सर्वोदय नगर काॅलोनी है, इस काॅलोनी का नाम लोग आवेदन में दर्ज करा रहे हैं जबकि उन्हें जंगल तुलसीराम दर्ज कराना चाहिए।
वरिष्ठ अधिवक्ता वेंकटेश्वर नाथ तिवारी ने बताया कि जानकारी के अभाव में सदर तहसील में हर महीने 200 से 300 आवेदन निरस्त हो रहे हैं। आवेदन करते समय इस बात का जरूर ध्यान रखें कि पता रेवन्यू अभिलेख के अनुसार दर्ज कराएं। मोबाइल नंबर वहीं दर्ज कराएं जो आधार नंबर से लिंक हो।
तहसीलदार ध्रवेश कुमार सिंह ने बताया कि साफ्टवेयर पर रेवन्यू के अभिलेख के अनुसार ही पता स्वीकृत होगा। बहुत सारे लोग घर का पता गलत अपलोड कर रहे हैं। जिनका मोबाइल नंबर आधार कार्ड से लिंक नहीं है उनका भी आवेदन स्वीकृत नहीं होगा। यह समस्या सामने आई है।
बहुत सारे आवेदन अस्वीकृत हो जा रहे हैं। आवेदक आधार के साथ ही कोई और आईडी अपलोड कर दें, जो रेवन्यू के अनुसार हो। लेखपालों को निर्देश दिया गया है कि वे मिलान कर आवेदन को स्वीकृत करें। ताकि लोगों को दिक्कत न होने पाए।
शहर में बहुत सारी नई काॅलोनियां बन गई हैं। लोग उसी काॅलोनी का पता आधार कार्ड में दर्ज करा रहे हैं। जबकि, रेवन्यू अभिलेख के अनुसार ही लेखपाल रिपोर्ट लगाते हैं। पता अगल होने से फार्म निरस्त हो जाता है। उदाहरण के तौर पर बिछिया इलाके में सर्वोदय नगर काॅलोनी है, इस काॅलोनी का नाम लोग आवेदन में दर्ज करा रहे हैं जबकि उन्हें जंगल तुलसीराम दर्ज कराना चाहिए।
वरिष्ठ अधिवक्ता वेंकटेश्वर नाथ तिवारी ने बताया कि जानकारी के अभाव में सदर तहसील में हर महीने 200 से 300 आवेदन निरस्त हो रहे हैं। आवेदन करते समय इस बात का जरूर ध्यान रखें कि पता रेवन्यू अभिलेख के अनुसार दर्ज कराएं। मोबाइल नंबर वहीं दर्ज कराएं जो आधार नंबर से लिंक हो।
तहसीलदार ध्रवेश कुमार सिंह ने बताया कि साफ्टवेयर पर रेवन्यू के अभिलेख के अनुसार ही पता स्वीकृत होगा। बहुत सारे लोग घर का पता गलत अपलोड कर रहे हैं। जिनका मोबाइल नंबर आधार कार्ड से लिंक नहीं है उनका भी आवेदन स्वीकृत नहीं होगा। यह समस्या सामने आई है।
बहुत सारे आवेदन अस्वीकृत हो जा रहे हैं। आवेदक आधार के साथ ही कोई और आईडी अपलोड कर दें, जो रेवन्यू के अनुसार हो। लेखपालों को निर्देश दिया गया है कि वे मिलान कर आवेदन को स्वीकृत करें। ताकि लोगों को दिक्कत न होने पाए।