UP: पत्नी को मार दिया, ताकि न देने पड़े रुपये, छह महीने पहले रची थी हत्या की साजिश, जमीन बेचकर खरीदी थी पिस्टल
दोनों के बीच अनबन इतनी ज्यादा हो गई थी कि अब सुलह की गुंजाइश खत्म हो गई थी। 6 महीने पहले जब विश्वकर्मा चौहान तारीख पर गया था तो वहां ममता ने किसी युवक से उसे पिटवा दिया था।
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हत्यारोपी विश्वकर्मा चौहान ने छह माह पहले पत्नी ममता चौहान की हत्या की साजिश रची थी। अपने हिस्से का खेत बेचने के बाद एक परिचित के जरिये 60 हजार में पिस्टल खरीदी। इसके बाद पत्नी की रेकी करने लगा। बुधवार को वह घटना स्थल के बाहर पत्नी का इंतजार किया। पत्नी के बाहर निकलते ही गोली मार कर हत्या कर दी। इसका पर्दाफाश पुलिस की जांच में हुआ।
ममता चौहान का मायका खजनी में है। जेल रोड पर बुधवार शाम उनकी गोली मारकर हत्या की वारदात की तहकीकात में पुलिस को कई चौंकाने वाली जानकारी मिली है। पुलिस की पड़ताल में पता चला है कि विश्वकर्मा चौहान पत्नी ममता से इतना परेशान था कि वह उसे मौत के घाट उतारने के लिए उतावला था। मौके की तलाश रहा था। उसे कई मौके मिले मगर हथियार न होने से वह तिलमिला कर रह गया।
तब उसने अपने हिस्से की जमीन बेचकर पिस्टल खरीदी। दोनों के बीच अनबन इतनी ज्यादा हो गई थी कि अब सुलह की गुंजाइश खत्म हो गई थी। 6 महीने पहले जब विश्वकर्मा चौहान तारीख पर गया था तो वहां ममता ने किसी युवक से उसे पिटवा दिया था। तभी से विश्वकर्मा चौहान और ज्यादा खफा था। उसे पहले ही शक था कि पत्नी का किसी से संबंध है जोकि पुख्ता हो गया था।
बोला- अब मुझे रुपये देने की चिंता नहीं
पूछताछ में आरोपी विश्वकर्मा चौहान ने पुलिस को बताया कि वह तलाक चाहता था, लेकिन ममता की ओर से बेटी के भरण-पोषण को लेकर दबाव बनाए जाने से वह नाराज था। इसी नाराजगी में उसने बुधवार शाम ममता की गोली मारकर हत्या कर दी। आरोपी ने यह भी बताया कि उसे पत्नी की मौत का दुख नहीं है, बल्कि अब उसे कोई रुपये देने की चिंता नहीं होगी।
इधर, पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद ममता का शव उसके भाई और अन्य रिश्तेदारों को सौंप दिया। इसके बाद परिजनों ने अंतिम संस्कार किया। ममता के माता-पिता का पहले ही निधन हो चुका है। उनके तीन भाई लुधियाना में रहते हैं। ममता की हत्या के बाद उनके मोबाइल से नंबर निकालकर पुलिस ने भाई संदीप को सूचना दी। ममता के तीन भाई संदीप चौहान, शनि चौहान और सुभाष चौहान हैं।
पुलिस की सूचना पर वे बृहस्पतिवार दोपहर गोरखपुर पहुंचे और ममता की बेटी को अपने साथ ले गए। इधर, वारदात के बाद एक सीसीटीवी फुटेज सामने आया, जिसमें ममता जमीन पर पड़ी दिखाई देती हैं और पास कोई व्यक्ति उन्हें उठाने की कोशिश करता दिखाई देता है।
दोनों एक दूसरे पर करते थे संदेह
विश्वकर्मा और ममता विवाद के बाद अलग रहने लगे थे। दोनों एक-दूसरे पर संदेह करते थे। विश्वकर्मा के कई महिलाओं से संबंध होने के कारण ममता नाराज होकर उससे अलग रह रही थीं। वहीं, विश्वकर्मा को भी ममता पर किसी युवक के साथ संबंध का संदेह था।
आरोपी का भतीजे था शातिर लुटेरा
विश्वकर्मा का भतीजा नामी लुटेरा था। वर्ष 2018 में उसकी हत्या हो गई थी, जिसके बाद से विश्वकर्मा को भी अपनी हत्या का भय सताने लगा था। इसके बाद उसने खुद की सुरक्षा के लिए वर्ष 2019 में उसने अवैध तरीके से पिस्टल खरीदी। उसे वह साथ में लेकर चलता था। बुधवार शाम उसने उसी पिस्टल से पत्नी ममता की हत्या की थी। पुलिस ने उसके पास से पिस्टल भी बरामद कर ली है।
घटनास्थल पर नहीं मिले खून के निशान
गोली लगने के बाद महिला के शरीर से खून नहीं गिरा। पुलिस के मुताबिक महिला के सीने में गोली लगने पर मामूली खून के निशान थे। जमीन पर कहीं भी खून नहीं गिरा था।
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