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Gorakhpur News: आयुष विवि की दवाओं से मरीजों को कितना लाभ, बनाएं रिपोर्ट
Sat, 16 May 2026 02:30 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
Updated Sat, 16 May 2026 02:30 AM IST
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भटहट। प्रदेश के आयुष मंत्री दयाशंकर मिश्र ''''दयालु'''' ने शुक्रवार को महायोगी गुरु गोरखनाथ आयुष विश्वविद्यालय का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने विभिन्न विभागों का जायजा लिया। व्यवस्था की समीक्षा की और आवश्यक निर्देश दिए।
आयुष मंत्री ने ओपीडी, आईपीडी, ऑपरेशन थिएटर, दवा भंडारण कक्ष, फार्मेसी कक्ष और पंचकर्म विभाग समेत सभी कक्षों का बारी-बारी से निरीक्षण किया। निरीक्षण के बाद उन्होंने मीटिंग हॉल में चिकित्सकों, पीएचडी, डीएलएड और एमडी के छात्र-छात्राओं के साथ बैठक कर विभिन्न विषयों पर चर्चा की।
बैठक के दौरान मंत्री ने चिकित्सकों को निर्देश दिए कि ओपीडी में आने वाले मरीजों को दवाओं से कितना लाभ मिल रहा है, इसका नियमित मूल्यांकन कर एक रजिस्टर में दर्ज किया जाए। इससे उपचार व्यवस्था की प्रभावशीलता का आकलन किया जा सकेगा।
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निरीक्षण के दौरान मंत्री ने रंग-रोगन व्यवस्था पर नाराजगी जताई। उन्होंने कुलपति को निर्देश देते हुए कहा कि आयुष विश्वविद्यालय किसी सामान्य संस्थान की तरह नहीं दिखना चाहिए। टूटी हुई खिड़कियों और पुराने रंग-रोगन को ठीक कर विभिन्न भवनों को आकर्षक बनाने के निर्देश दिए।
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भगवान धन्वंतरि की प्रतिमा स्थापित करने का निर्देश
आयुष मंत्री ने परिसर में भगवान धन्वंतरि की प्रतिमा स्थापित कराने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय में एक स्थान पर भगवान धन्वंतरि की प्रतिमा होनी चाहिए, जहां प्रतिदिन सुबह सभी लोग एक साथ प्रार्थना करें और उसके बाद ही कार्य शुरू हो। उन्होंने कुलपति डॉ. के. रामचंद्र रेड्डी को एक सप्ताह के भीतर प्रतिमा स्थापित कराने का निर्देश दिया।
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आयुष मंत्री ने ओपीडी, आईपीडी, ऑपरेशन थिएटर, दवा भंडारण कक्ष, फार्मेसी कक्ष और पंचकर्म विभाग समेत सभी कक्षों का बारी-बारी से निरीक्षण किया। निरीक्षण के बाद उन्होंने मीटिंग हॉल में चिकित्सकों, पीएचडी, डीएलएड और एमडी के छात्र-छात्राओं के साथ बैठक कर विभिन्न विषयों पर चर्चा की।
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बैठक के दौरान मंत्री ने चिकित्सकों को निर्देश दिए कि ओपीडी में आने वाले मरीजों को दवाओं से कितना लाभ मिल रहा है, इसका नियमित मूल्यांकन कर एक रजिस्टर में दर्ज किया जाए। इससे उपचार व्यवस्था की प्रभावशीलता का आकलन किया जा सकेगा।
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निरीक्षण के दौरान मंत्री ने रंग-रोगन व्यवस्था पर नाराजगी जताई। उन्होंने कुलपति को निर्देश देते हुए कहा कि आयुष विश्वविद्यालय किसी सामान्य संस्थान की तरह नहीं दिखना चाहिए। टूटी हुई खिड़कियों और पुराने रंग-रोगन को ठीक कर विभिन्न भवनों को आकर्षक बनाने के निर्देश दिए।
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भगवान धन्वंतरि की प्रतिमा स्थापित करने का निर्देश
आयुष मंत्री ने परिसर में भगवान धन्वंतरि की प्रतिमा स्थापित कराने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय में एक स्थान पर भगवान धन्वंतरि की प्रतिमा होनी चाहिए, जहां प्रतिदिन सुबह सभी लोग एक साथ प्रार्थना करें और उसके बाद ही कार्य शुरू हो। उन्होंने कुलपति डॉ. के. रामचंद्र रेड्डी को एक सप्ताह के भीतर प्रतिमा स्थापित कराने का निर्देश दिया।