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मरीज माफिया: अर्पित हॉस्पिटल जैसे शहर में और कितने...? खंगाले जाएंगे कनेक्शन- ये हॉस्पिटल रडार पर

Mon, 24 Feb 2025 11:05 AM IST
रोहित सिंह अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो Published by: रोहित सिंह Updated Mon, 24 Feb 2025 11:05 AM IST
सार

सीएमओ के अनुसार, नियम यह है कि जिस डॉक्टर के नाम पर हॉस्पिटल का पंजीकरण कराया जाता है, वह खुद भी वहां प्रैक्टिस करेगा, लेकिन अर्पित हॉस्पिटल सारे नियमों को दरकिनार कर चलाया जा रहा था। पुलिस सूत्रों के अनुसार, डॉक्टर की डिग्री लेकर पंजीकरण के समय एक लाख रुपये दिए गए थे।

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Hospitals running on fake degrees are being searched in Gorakhpur, action will be taken
सील अर्पित हॉस्पिटल - फोटो : स्त्रोत- सोशल मीडिया

विस्तार

मरीजों की खरीद-फरोख्त में अर्पित हॉस्पिटल के खिलाफ कार्रवाई के बाद पुलिस एक्शन मोड में आ गई है। शहर में अर्पित हॉस्पिटल जैसे और कितने हॉस्पिटल संचालित हो रहे हैं, पुलिस इसकी जांच में जुट गई है। ऐसे हॉस्पिटल को चिह्नित कर कार्रवाई के लिए रिपोर्ट सीएमओ को भेजेगी।

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इसके साथ ही यह भी पता लगा रही है कि फर्जी डिग्री प्रकरण में आरोपी और कुशीनगर के तमकुहीराज के रहने वाले अलाउद्दीन से तो इस मामले में कोई कनेक्शन नहीं है।
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दरअसल, अर्पित हॉस्पिटल की शिकायत होने पर जब जांच हुई तो पता चला कि संचालक प्रवीण सिंह ने बिहार के एक डॉक्टर की डिग्री पर हॉस्पिटल का पंजीकरण कराया था। जांच में यह भी सामने आया है कि वह डॉक्टर बिहार में प्रैक्टिस करता है। यहां केवल उसके डिग्री का इस्तेमाल कर डॉक्टर के नाम का बोर्ड लगवाया गया था।
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सीएमओ के अनुसार, नियम यह है कि जिस डॉक्टर के नाम पर हॉस्पिटल का पंजीकरण कराया जाता है, वह खुद भी वहां प्रैक्टिस करेगा, लेकिन अर्पित हॉस्पिटल सारे नियमों को दरकिनार कर चलाया जा रहा था।

पुलिस सूत्रों के अनुसार, डॉक्टर की डिग्री लेकर पंजीकरण के समय एक लाख रुपये दिए गए थे। इसके बाद प्रत्येक माह 40-40 हजार रुपये देने का दावा किया गया था। जांच में यह बात सामने आने के बाद पुलिस ने गोपनीय ढंग से ऐसे हॉस्पिटल का पता लगाना शुरू कर दिया है।

फर्जी डिग्री प्रकरण से कनेक्शन तलाश रही पुलिस
फर्जी डिग्री प्रकरण में आरोपी, कुशीनगर के तमकुहीराज का रहने वाला अलाउद्दीन वर्तमान में जिला जेल में बंद है। गुलरिहा पुलिस को कहीं से खबर मिली है कि अर्पित हॉस्पिटल के संचालक का अलाउद्दीन से भी संबंध है। अब पुलिस संचालक और अलाउद्दीन का कनेक्शन तलाश रही है। वहीं अलाउद्दीन के गिरोह पर गैंगस्टर लगाने के लिए गैंग चार्ट तैयार हो चुका है। संचालक का संबंध मिलने पर उसका भी नाम शामिल किया जा सकता है।

अर्पित हॉस्पिटल पर शनिवार को हुई थी कार्रवाई
चिलुआताल इलाके में संचालित अर्पित हॉस्पिटल के खिलाफ पुलिस की रिपोर्ट मिलने पर सीएमओ ने जांच कर शनिवार को कार्रवाई की थी। अर्पित हॉस्पिटल की ओटी, एनआईसीयू और आईसीयू को सील करके ताला बंद कर चाबियां गुलरिहा थाने की पुलिस को सौंप दी गईं। साथ ही मानक के विपरीत चल रहे हॉस्पिटल का पंजीकरण भी रद्द कर दिया गया।



अर्पित हॉस्पिटल के खिलाफ कार्रवाई की गई है। इसका पंजीकरण बिहार के डॉक्टर की डिग्री पर कराया गया था। डॉक्टर से बयान लिया गया है। ऐसे और कितने हॉस्पिटल चल रहे हैं, उनका भी पता लगाया जा रहा है: अभिनव त्यागी, एसपी सिटी


 

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