फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gorakhpur News ›   honorarrium has not been received four years

कोरोना संकट में इन शिक्षकों के सामने खड़ा हो गया है रोजी-रोटी का संकट, चार वर्षों से नहीं मिला मानदेय

Wed, 09 Sep 2020 03:14 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर।
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर। Published by: गोरखपुर ब्यूरो Updated Wed, 09 Sep 2020 03:14 PM IST
विज्ञापन
honorarrium has not been received four years
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला

केंद्र पुरोनिधानित मदरसा आधुनिकीकरण योजना के तहत प्रदेश के मदरसों में विज्ञान, गणित, हिंदी-अंग्रेजी पढ़ाने वाले शिक्षकों को केंद्र सरकार की ओर से चार साल से मानदेय नहीं मिला। जबकि इनके दस्तावेजों की जांच समय-समय पर होती रहती है। अपनी समस्याओं को लेकर हाल में मदरसा शिक्षकों ने सांसद रवि किशन से मिलने का भी प्रयास किया लेकिन उनसे मुलाकात न हो सकी। कोरोना काल में इन शिक्षकों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है।

विज्ञापन


प्रदेश के करीब 6726 मदरसों में उपरोक्त योजना संचालित है। इसे वर्ष 1993 में शुरू किया गय था। इसके तहत 30 हजार शिक्षकों की नियुक्ति हुई जो विज्ञान, हिंदी, अंग्रेजी, सामाजिक विज्ञान, कंप्यूटर विषयों की शिक्षा दे रहे हैं। पहले हर मदरसे में दो शिक्षकों की नियुक्ति हुई जिसे दो बार में बढ़ाकर चार कर दिया गया। इन्हें पांच वर्ष की संविदा पर रखा गया।
विज्ञापन


योजना के तहत केंद्र सरकार स्नातक शिक्षक को छह हजार रुपये और स्नातकोत्तर शिक्षक को 12 हजार रुपये मानदेय देती है। वहीं राज्य सरकार स्नातक शिक्षक को दो हजार रुपये और स्नातकोत्तर शिक्षक को तीन हजार रुपये अलग से देती है। केंद्र सरकार की ओर से मिलने वाला मानदेय चार साल से नहीं मिला। वहीं राज्य सरकार की ओर से इस वर्ष सिर्फ चार माह ही मानदेय मिला।

विज्ञापन
विज्ञापन

अखिल भारतीय मदरसा आधुनिकीकरण शिक्षक संघ के मंडल अध्यक्ष नवेद आलम ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा संचालित मदरसा आधुनिकीकरण योजना जब से शुरू हुई है तभी से सरकार माह के हिसाब से मानदेय देने की व्यवस्था सुनिश्चित नहीं कर सकी। जिले में करीब 163 मदरसे केंद्र सरकार की उपरोक्त योजना के तहत चल रहे हैं। इसमें करीब 489 शिक्षक कार्यरत हैं। मानदेय रोके जाने से शिक्षक आक्रोशित हैं। कोरोना काल में इनकी हालत और भी खराब हो गई है।
 
जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी आशुतोष पांडेय ने बताया कि मदरसा आधुनिक शिक्षकों को राज्य सरकार की ओर से मिलने वाली धनराशि पिछले वर्ष पूरी दी गई थी, जबकि इस वर्ष भी चार माह की धनराशि दे दी गई है। लेकिन केंद्र सरकार की ओर से मिलने वाला मानदेय इन्हें नहीं मिल पा रहा है। प्रदेश सरकार की इस मसले पर केंद्र सरकार के साथ बातचीत चल रही है। जल्द ही इनकी समस्या का समाधान होने की उम्मीद है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed