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Gorakhpur News: मधुमक्खी आकार में छोटी जरूर लेकिन जीवन में उपयोगी
Sat, 26 Sep 2026 02:53 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
Updated Sat, 26 Sep 2026 02:53 AM IST
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गोरखपुर। मधुमक्खी आकार में छोटी जरूर हैलेकिन मानव जीवन और पर्यावरण के लिए बेहद उपयोगी है। इससे मिलने वाला शहद, मोम और रॉयल जेली उपयोगी होने के साथ औषधीय महत्व भी रखते हैं। मधुमक्खी पालन का वैज्ञानिक तरीका सीखकर इसे स्वरोजगार का माध्यम बनाया जा सकता है।
जीबी पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, पंतनगर के कीट विज्ञान विभागाध्यक्ष प्रो. पीके मल्ल ने महात्मा गांधी पीजी कॉलेज में प्राणी विज्ञान विभाग की ओर से डीबीटी स्टार कॉलेज योजना के तहत आयोजित व्याख्यान में कहा कि मधुमक्खी सामाजिक कीट है और इसमें श्रम विभाजन स्पष्ट दिखाई देता है। पौधों में परागण में भी इसकी महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने शहद में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट और अन्य औषधीय गुणों की जानकारी दी। मधुमक्खी के डंक के विष के चिकित्सकीय उपयोग के बारे में भी बताया।
प्राचार्य प्रो. अनिल कुमार सिंह ने विद्यार्थियों को कीटनाशकों के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक किया। डॉ. संतोष कुमार त्रिपाठी ने मधुमक्खी पालन का वैज्ञानिक तरीका सीखकर आय बढ़ाने पर जोर दिया। विद्यार्थियों ने विशेषज्ञ से सवाल पूछकर जानकारी प्राप्त की। संचालन डॉ. प्रज्ञा पांडेय ने किया और धन्यवाद डॉ. जितेंद्र कुमार ने दिया। इस अवसर पर डॉ. शैलेंद्र कुमार, डॉ. फणींद्र तिवारी, डॉ. शशांक कुमार श्रीवास्तव, डॉ. अरुण कुमार श्रीवास्तव, स्मिता शर्मा समेत शिक्षक और विद्यार्थी मौजूद रहे।
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जीबी पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, पंतनगर के कीट विज्ञान विभागाध्यक्ष प्रो. पीके मल्ल ने महात्मा गांधी पीजी कॉलेज में प्राणी विज्ञान विभाग की ओर से डीबीटी स्टार कॉलेज योजना के तहत आयोजित व्याख्यान में कहा कि मधुमक्खी सामाजिक कीट है और इसमें श्रम विभाजन स्पष्ट दिखाई देता है। पौधों में परागण में भी इसकी महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने शहद में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट और अन्य औषधीय गुणों की जानकारी दी। मधुमक्खी के डंक के विष के चिकित्सकीय उपयोग के बारे में भी बताया।
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प्राचार्य प्रो. अनिल कुमार सिंह ने विद्यार्थियों को कीटनाशकों के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक किया। डॉ. संतोष कुमार त्रिपाठी ने मधुमक्खी पालन का वैज्ञानिक तरीका सीखकर आय बढ़ाने पर जोर दिया। विद्यार्थियों ने विशेषज्ञ से सवाल पूछकर जानकारी प्राप्त की। संचालन डॉ. प्रज्ञा पांडेय ने किया और धन्यवाद डॉ. जितेंद्र कुमार ने दिया। इस अवसर पर डॉ. शैलेंद्र कुमार, डॉ. फणींद्र तिवारी, डॉ. शशांक कुमार श्रीवास्तव, डॉ. अरुण कुमार श्रीवास्तव, स्मिता शर्मा समेत शिक्षक और विद्यार्थी मौजूद रहे।
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