जेल से रिहा होने के बाद घर नहीं पहुंचा ये शख्स, रास्ते में ही उतार दिया गया था मौत के घाट
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गोरखपुर जेल से पंद्रह साल पहले छूटा एक कैदी कभी घर नहीं पहुंच सका। अब आप सोच रहे होंगे आखिर क्यों? क्योंकि जेल से छूटने के बाद गांव के बाहर ही गोलियां बरसाकर उसकी हत्या कर दी गई थी।
ये है पूरी कहानी
बता दें कि नेपाल के बैरहवा निवासी जीतनारायण मिश्र शातिर अपराधी था। वह गोरखपुर जेल में बंद था। वर्ष 2004 में एक केस में गोरखपुर के शाहपुर निवासी माफिया विनोद उपाध्याय भी जेल में बंद था। जीतनारायण का माफिया विनोद से किसी बात को लेकर जेल में विवाद हो गया था।
इस दौरान जीतनारायण ने विनोद को थप्पड़ जड़ दिया था। उस समय तो विनोद ने कुछ नहीं बोला। बाद में जीतनारायण को बस्ती जेल भेज दिया गया। इस बीच विनोद जमानत पर बाहर आ गया। लेकिन उसके मन में भड़की बदले की भावना अभी शांत नहीं हुई थी।
सात अगस्त 2005 को जीतनारायण बस्ती जेल से छूट गया। वह जेल से छूटने के बाद संतकबीरनगर के बखिरा के फेउसी निवासी बहनोई गोरेलाल के यहां जाने के लिए निकला। उधर जेल से ही विनोद और उसके साथी पीछा कर रहे थे।
बहनोई के गांव के बाहर जैसे ही जीतनारायण जीप से उतरा और पैदल ही बहनोई के साथ जाने लगा तभी कार सवार विनोद व उसके साथियों ने जीतनारायण को गोलियों से भून दिया।
घटना को अंजाम देकर भाग रहे विनोद के कार पर ग्रामीणों ने पत्थर बरसा दिया, जिससे उसकी कार क्षतिग्रस्त हो गई। उसके बाद पुलिस ने विनोद व उसके साथियों को पीछा कर गिरफ्तार कर लिया। इस मामले में विनोद के खिलाफ गैंगेस्टर की भी कार्रवाई की गई थी। वर्ष 2015 में विनोद ने उसी मामले में संतकबीरनगर कोर्ट में सरेंडर कर दिया था। माफिया विनोद पर 38 से अधिक केस दर्ज हैं।