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Gorakhpur News: दोस्त ही स्टेनो और पीआरओ...झांसे के लिए काफी थे अंदाज अफसरों वाले

Sun, 14 Dec 2025 01:06 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sun, 14 Dec 2025 01:06 AM IST
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His friends, who acted as his stenographer and PRO, were enough to create the illusion of him being a high-ranking officer.
- कोलकाता और बिहार में मिली साथियों की लोकेशन, आरोपियों की तलाश में जुटीं पुलिस टीमें
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अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। फर्जी आईएएस के करोड़ों की ठगी के मामले की जांच में रोजाना चौंकाने वाले तथ्य सामने आ रहे हैं। पुलिस की जांच में पता चला है कि मुख्य आरोपी ललित किशोर उर्फ गौरव कुमार सिंह खुद को आईएएस अधिकारी दिखाने के लिए अपने दोस्तों को स्टेनो और पीआरओ के तौर पर साथ रखता था। ये लोग ऐसा माहौल बनाए रखते थे कि सामने वाला व्यक्ति आसानी से झांसे में आ जाता था। कई टीमें आरोपियों की तलाश में जुटी हैं, पुलिस को उनकी लोकेशन कोलकाता और बिहार में मिलने की बात सामने आई है।

जांच अधिकारियों के अनुसार, गौरव के साथ रहने वाले दोस्त ही कभी स्टेनो बनते थे तो कभी पीआरओ। सरकारी गाड़ियों जैसी दिखने वाली कार, मोबाइल पर लगातार कॉल और रौबदार बातचीत के जरिये लोगों को झांसे में लेता था। पुलिस को आशंका है कि यह पूरा नेटवर्क सुनियोजित तरीके से ठगी को अंजाम देता था और अलग-अलग राज्यों में सक्रिय था। इसकी ठगी का शिकार हुए मोकामा निवासी ठेकेदार माधव मुकुंद ने पुलिस को बताया है कि हर मुलाकात किसी न किसी होटल में होती थी। आरोपी अपने साथ प्रेमिका को भी रखता था और उसे अपनी भांजी बताता था। होटल में ठहरने, खाने-पीने और अन्य खर्च के भुगतान मुकुंद से कराता था।
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मुकुंद के मुताबिक गौरव हर मुलाकात में किसी न किसी बहाने से रुपये की मांग करता था। कभी सरकारी फाइल आगे बढ़ाने के नाम पर, कभी उच्च अधिकारियों को मैनेज करने के नाम पर। वह बातों में इस तरह फंसाता था कि इन्कार करना मुश्किल हो जाता था। कभी कहा जाता था कि आज नहीं दिए तो काम अटक जाएगा, तो कभी यह डर दिखाया जाता था कि ऊपर तक गलत संदेश चला जाएगा। जब भी मुकुंद ने काम होने या पैसे वापस मिलने की बात कही तो आरोपी टालमटोल करने लगा।
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होटल में रात प्रेमिका के साथ बिताता और खर्च दूसरों से वसूलता

जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी होटल में रात प्रेमिका के साथ बिताता था और खर्च दूसरों से वसूल करता था। ठेकेदार मुकुंद ने पुलिस को बताया है कि आरोपी सबके सामने उसे भांजा कहकर बुलाता था और कहता था कि सरकारी काम में खर्च तो लगता ही है। वह खुद को आईएएस बताता था इसलिए कोई उस पर सवाल उठाने की हिम्मत नहीं करता था।

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मामले की जांच की जा रही है। पुलिस की टीमें उसके साथियों और नेटवर्क को खंगाल रही है। जल्द ही आरोपी के पूरे नेटवर्क को ध्वस्त किया जाएगा।

- रवि सिंह, सीओ गोरखनाथ
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