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गोरखपुर अग्निकांड: राख की ढेर में जमापूंजी तलाशने में गुजरा दिन, एक ही आस मिल जाए सरकारी मदद
Thu, 13 Apr 2023 01:54 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला ब्यूरो गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Thu, 13 Apr 2023 01:54 PM IST
सार
दुकानदार रविंद्र कुमार शर्मा ने कहा कि हम लोगों का कुछ भी नहीं बचा है। सब कुछ खत्म हो गया है। अब सरकार से ही उम्मीद है, बिना सरकार के आर्थिक मदद के संभव ही नहीं है कि हम लोग दोबारा खड़े हो सकें।
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गोरखपुर अग्निकांड
- फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
गोरखपुर जिले में टाउनहॉल के फर्नीचर बाजार में आग के दूसरे दिन बुधवार को सिर्फ बेबसी थी। राख की ढेर में जमापूंजी के अवशेष दुकानदार खोजते देखे गए। इसी बीच बबलू को एक जली काले रंग की चाभी मिली तो ऐसे चीखें कि जैसे कोई खजाना मिल गया हो? बोले, अरे, यह तो अशरफ भाई के अलमारी की चाभी है, जो उन्हें आज देनी थी। इसके बाद उनकी आंखें नम हो गईं। खामोश होकर पलटे और फिर राख के ढेर में न जाने क्या खोजने लगे। यह हाल सिर्फ बबलू का ही नहीं, बल्कि वहां पर अपना सबकुछ गंवा चुके, हर दुकानदार का था।
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मंगलवार रात में ट्रांसफार्मर से निकली चिंगारी से चाय की दुकान में लगे सिलिंडर तक आग पहुंची और फिर ऐसा ब्लॉस्ट हुआ कि पूरा इलाका थर्रा गया। एक-एक कर आठ दुकानें आग की चपेट में आ गईं। किसी के दुकान में कुछ न बचा। सब जलकर राख हो गया। पास में ही पेट्रोल पंप और होटल भी था। जिसे बचाने की जुगत में आधी रात हो गई।
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धमाका और आग की लपटे देखकर सामने का नर्सिंग हॉस्टल खाली हो गया। स्थानीय लोगों ने रात सड़क पर गुजारी, तो छात्राएं जिला अस्पताल में चली गईं। महिला अस्पताल की चार मंजिला इमारत से तीमारदार के साथ ही मरीज भी नीचे आ गए थे। हादसे से आसपास के लोग इतना डर गए थे कि मंगलवार रात एक बजे आग बुझने के बाद भी घर नहीं गए और वह बुधवार की सुबह ही लौटे।
सब कुछ खत्म हो गया
दुकान से ही पूरे परिवार का पेट पाल रहे थे। वहीं खत्म हो गया तो अब क्या बचा है। आगे जिंदगी कैसे चलेगी, यह संकट है। अब प्रशासन और सरकार को हम लोगों की मदद करनी चाहिए।
सरकार को मदद करना चाहिए
दुकानदार रविंद्र कुमार शर्मा ने कहा कि हम लोगों का कुछ भी नहीं बचा है। सब कुछ खत्म हो गया है। अब सरकार से ही उम्मीद है, बिना सरकार के आर्थिक मदद के संभव ही नहीं है कि हम लोग दोबारा खड़े हो सकें।
इसे भी पढ़ें: सबका एक ही सवाल- ये कैसा विस्फोट, आसमान हुआ लाल, एसपी सिटी बोले-आग को रोको पेट्रोल पंप...
सुबह ही फोन आया, अलमारी पहुंचा दो
प्रवीण शर्मा ने कहा कि आग की खबर सबको लग गई है, लेकिन ग्राहक अपना कुछ भी नहीं छोड़ना चाहते हैं। एक फोन सुबह ही आया कि अभी तक अलमारी नहीं आई, 12 बज गए। फिर उन्हें बताया तो हिसाब बताने लगे।
मदद चाहिए, यादे भी मिट गई
गिरजा देवी ने कहा कि दुकान पति के समय से थी। बहुत सी यादे भी जुड़ी थीं। अब सबकुछ खत्म हो गया। सरकार को मदद करना चाहिए। हम लोगों के पास अब कुछ नहीं बचा है। जो कुछ था खत्म हो गया है।
फिर मिल जाए दुकान
आलोक चंद कौशिक ने कहा कि दुकान को लेकर लंबे समय से मकान मालिक से विवाद चल रहा है। अब तो सब खत्म हो गया। यही एक मांग है कि प्रशासन हम लोगों की दुकान को फिर से बसा दे तो मेहनत जीवन फिर पटरी पर आ जाए।
सरकार को मदद करना चाहिए
दुकानदार रविंद्र कुमार शर्मा ने कहा कि हम लोगों का कुछ भी नहीं बचा है। सब कुछ खत्म हो गया है। अब सरकार से ही उम्मीद है, बिना सरकार के आर्थिक मदद के संभव ही नहीं है कि हम लोग दोबारा खड़े हो सकें।
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सुबह ही फोन आया, अलमारी पहुंचा दो
प्रवीण शर्मा ने कहा कि आग की खबर सबको लग गई है, लेकिन ग्राहक अपना कुछ भी नहीं छोड़ना चाहते हैं। एक फोन सुबह ही आया कि अभी तक अलमारी नहीं आई, 12 बज गए। फिर उन्हें बताया तो हिसाब बताने लगे।
मदद चाहिए, यादे भी मिट गई
गिरजा देवी ने कहा कि दुकान पति के समय से थी। बहुत सी यादे भी जुड़ी थीं। अब सबकुछ खत्म हो गया। सरकार को मदद करना चाहिए। हम लोगों के पास अब कुछ नहीं बचा है। जो कुछ था खत्म हो गया है।
फिर मिल जाए दुकान
आलोक चंद कौशिक ने कहा कि दुकान को लेकर लंबे समय से मकान मालिक से विवाद चल रहा है। अब तो सब खत्म हो गया। यही एक मांग है कि प्रशासन हम लोगों की दुकान को फिर से बसा दे तो मेहनत जीवन फिर पटरी पर आ जाए।