गोरखपुर: खोराबार पीएचसी सहित आधा दर्जन स्वास्थ केंद्रों पर कर्मियों ने किया हड़ताल, जानिए क्या है मामला
स्वास्थ कर्मियों की मांग है कि स्वास्थ कर्मियों के साथ मारपीट करने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ जब तक केस नहीं दर्ज किया जाएगा, तब तक वह हड़ताल खत्म नहीं करेंगे।
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गोरखपुर के खोराबार पीएचसी पर तैनात तैनात फॉर्मासिस्ट आनंद प्रकाश सैनी की पिटाई और महिला चिकित्सक डॉ. पारुल उपाध्याय के साथ पुलिस की बदसलूकी का मामला तूल पकड़ लिया है। पुलिस के खिलाफ कार्रवाई और केस दर्ज कराने की मांग को लेकर जिले भर के चिकित्सक व फॉर्मासिस्ट संघ शनिवार को खोराबार पीएचसी पर जुटकर प्रदर्शन करते हुए पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारे लगाए। इसकी वजह से टीकाकरण से लेकर अन्य स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हुई। प्रदर्शन की सूचना पर सीएमओ डॉ सुधाकर पांडेय और सीओ मौके पर पहुंचे और कर्मियों को समझाया। लेकिन कर्मी मुकदमा दर्ज करने की मांग पर अड़ रहे।
जानकारी के मुताबिक, शनिवार की सुबह प्राथमिक चिकित्सा सेवा संघ के अध्यक्ष डॉ एके सिंह, मंत्री सत्यपाल सिंह, फॉर्मासिस्ट एसोसिएशन के जिला अध्यक्ष उमेश पांडेय, मंत्री डीके सिंह और उपाध्यक्ष सत्येंद्र त्रिपाठी के नेतृत्व में सैकड़ों की संख्या में चिकित्सक और फॉर्मासिस्ट खोराबार सीएचसी पहुंचकर प्रदर्शन शुरू कर दिया।
पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कार्रवाई की मांग की। प्रदर्शन के कारण टीका से लेकर अन्य स्वास्थ्य केंद्र पर शुरू ही नहीं हो सकी। यहां तक की प्रसव के लिए आई महिलाएं भी बिना इलाज के वापस लौट गई। डॉ एके सिंह ने कहा कि कोरोना की इस महामारी में जहां पूरा स्वास्थ्य महकमा आमजन की सेवा में बिना छुट्टी लिए दिन रात मेहनत कर रहा है।
वही, पुलिसकर्मियों द्वारा चिकित्सक से अभद्र भाषा का प्रयोग व फॉर्मासिस्ट को पीटना निंदनीय अपराध है। उमेश पांडे ने कहा कि फॉर्मासिस्ट की पिटाई के मामले में संगठन आर-पार की लड़ाई लड़ेगा। जब तक आरोपी दरोगा व सिपाहियों के खिलाफ मेडिकल प्रोटेक्शन एक्ट के तहत कार्रवाई नहीं होगी, तब तक बहिष्कार जारी रहेगा। प्रदर्शन की सूचना पर सीएमओ मौके पर पहुंचकर स्वास्थ्य कर्मियों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन कर्मी मुकदमा दर्ज कराने की मांग पर अड़े रहे। स्वास्थ्यकर्मी दो बजे तक प्रदर्शन करते रहे।
तहरीर दी, केस दर्ज नहीं किया
प्रदर्शन के बाद सैकड़ों की संख्या में संगठन और चिकित्साकर्मी थाने पर पहुंचकर सीओ की मौजूदगी में फॉर्मासिस्ट आनंद प्रकाश सैनी ने इंस्पेक्टर खोराबार को तहरीर देकर आरोपी पुलिसकर्मियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने की मांग की। इस बीच पुलिस से नोकझोंक भी हुई, लेकिन मुकदमा दर्ज नहीं हुआ। हालांकि पुलिस ने तहरीर ले ली है। वही संगठन का कहना है कि अगर मुकदमा दर्ज नहीं होता है तो सोमवार को पूरी तरह से स्वास्थ्य सेवाएं ठप करते हुए प्रदर्शन किया जाएगा। इसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
पुलिस कार्रवाई की जगह धमकी दे रही: उमेश पांडे
फॉर्मासिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष उमेश पांडे ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। कहा कि फॉर्मासिस्ट की पिटाई हुई हैं। उस पर पुलिस पर कार्रवाई के बजाए सीओ उल्टे हम लोगों को धमकी दे रहे हैं।
सीएम और जिलाधिकारी से भी करेंगे मुलाकात: डॉ एके सिंह
प्राथमिक चिकित्सा सेवा संघ के डॉक्टर एके सिंह ने कहा कि आरोपी पुलिस कर्मियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज न करना घोर निराशाजनक है। पुलिसकर्मी हमें ही धमका रहे हैं। इसकी शिकायत जिलाधिकारी और मुख्यमंत्री से की जाएगी।
यह था मामला
शुक्रवार की शाम खोराबार पीएचसी पर हत्या के आरोपियों का मेडिकल कराने पुलिस की टीम गई थी। आरोप है कि पुलिस ने फॉर्मासिस्ट आनंद प्रकाश सैनी की पिटाई कर दी। बीच-बचाव करने पहुंची डॉ पारुल उपाध्याय से भी पुलिसकर्मियों ने बदसलूकी। वही, इस मामले में एसएसपी ने खोराबार थाने के दरोगा दयाशंकर यादव व सिपाही प्रभात को लाइन हाजिर कर दिया है। लेकिन स्वास्थ्यकर्मी पुलिस के खिलाफ केस दर्ज कराने की मांग पर अड़े हैं।