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निजी अस्पतालों को चलाने के लिए भरना होगा शपथ पत्र, ऐसे मिलेगी इमरजेंसी ओपीडी की अनुमति
Thu, 21 May 2020 10:09 AM IST
vivek shukla
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Thu, 21 May 2020 10:09 AM IST
सार
- स्वास्थ्य विभाग ने निजी अस्पतालों को चलाने पर भरी हामी
- 110 निजी अस्पतालों को अब तक मिली है अनुमति
- क्लीनिक चलाने वालों को अनुमति 31 मई तक नहीं
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सांकेतिक तस्वीर।
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विस्तार
कोरोना महामारी के बीच बंद निजी अस्पतालों को इमरजेंसी में ओपीडी चलाने की अनुमति विभाग ने देना शुरू कर दिया है। इसके लिए निजी अस्पतालों और नर्सिंग होम को कोविड-19 के नियमों का पालन करने का एक शपथ पत्र भरना होगा। मंजूरी के बाद विभाग की टीम उन अस्पतालों का निरीक्षण भी करेगी।
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निजी और सरकारी अस्पतालों में ओपीडी करीब 50 दिनों से बंद है। इसकी वजह से मरीजों को काफी परेशानी उठानी पड़ रही है। लॉकडाउन-तीन में 110 निजी अस्पतालों को इमरजेंसी में इलाज की मंजूरी दी थी। इस बीच सीएम योगी आदित्यनाथ ने वीडियो काफ्रेंसिंग में सभी निजी अस्पतालों को इमरजेंसी में इलाज की मंजूरी देने की बात कही थी।
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क्लीनिक और डेंटल कॉलेज को अनुमति नहीं
इसके बाद विभाग ने लॉकडाउन-चार में सभी निजी अस्पतालों और नर्सिंग होम को मंजूरी देने के लिए शपथ पत्र भरवाना शुरू कर दिया है। शपथ पत्र में कोविड-19 के नियमों का पालन करने की बात कही गई है। जिले की बात करें तो 238 निजी अस्पताल और नर्सिंग होम रजिस्टर्ड हैं।
विभाग के अधिकारियों का कहना है कि उन्हीं निजी अस्पतालों और नर्सिंग होमों को अनुमति दी जाएगी, जहां पर 10 बेड से अधिक की सुविधा है। सीएमओ डॉ श्रीकांत तिवारी ने बताया कि शपथ पत्र भर कर इमरजेंसी इलाज की अनुमति निजी अस्पताल ले सकते हैं। लेकिन उन्हें कोविड-19 के नियमों का पालन करना होगा। अगर ऐसा नहीं करते हैं तो उनकी अनुमति निरस्त की जाएगी।
सीमएओ डॉ श्रीकांत तिवारी ने बताया कि निजी क्लीनिक और डेंटल कॉलेज को 31 मई तक इलाज करने की अनुमति नहीं है। जिले में करीब 140 दांत के क्लीनिक और अस्पताल है। इसके अलावा 300 के करीब क्लीनिक है।
विभाग के अधिकारियों का कहना है कि उन्हीं निजी अस्पतालों और नर्सिंग होमों को अनुमति दी जाएगी, जहां पर 10 बेड से अधिक की सुविधा है। सीएमओ डॉ श्रीकांत तिवारी ने बताया कि शपथ पत्र भर कर इमरजेंसी इलाज की अनुमति निजी अस्पताल ले सकते हैं। लेकिन उन्हें कोविड-19 के नियमों का पालन करना होगा। अगर ऐसा नहीं करते हैं तो उनकी अनुमति निरस्त की जाएगी।
सीमएओ डॉ श्रीकांत तिवारी ने बताया कि निजी क्लीनिक और डेंटल कॉलेज को 31 मई तक इलाज करने की अनुमति नहीं है। जिले में करीब 140 दांत के क्लीनिक और अस्पताल है। इसके अलावा 300 के करीब क्लीनिक है।