{"_id":"5feb2399176c50517b4c58b5","slug":"health-department-gathers-in-search-of-foreigners-coming-from-outside","type":"story","status":"publish","title_hn":"पीएम मोदी के संसदीय क्षेत्र के छह लोगों की तलाश में जुटा स्वास्थ्य महकमा, जानिए क्या है वजह","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पीएम मोदी के संसदीय क्षेत्र के छह लोगों की तलाश में जुटा स्वास्थ्य महकमा, जानिए क्या है वजह
Tue, 29 Dec 2020 06:10 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Tue, 29 Dec 2020 06:10 PM IST
विज्ञापन
पीएम मोदी। (फाइल फोटो)
- फोटो : पीटीआई
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
ब्रिटेन में कोरोना के नए स्टेन के बाद वहां से आने वाले लोगों पर केंद्र और प्रदेश सरकार की विशेष निगाह है। इसी के तहत प्रदेश में 70 से अधिक ऐसे लोग हैं, जो ब्रिटेन व यूरोप के अन्य देशों से हाल में ही आए हैं। इनमें पीएम मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी के भी छह लोग शामिल हैं।
विज्ञापन
गोरखपुर से वाराणसी नजदीक होने के कारण यहां भी अलर्ट जारी किया गया है। ऐसे लोगों की तलाश करने के लिए स्वास्थ्य विभाग की टीम लगाई गई है। उनकी सूची भी स्वास्थ्य विभाग को सौंपी गई है। सीएमओ डॉ. श्रीकांत तिवारी ने बताया कि इनकी तलाश शुरू कर दी गई है।
विज्ञापन
जानकारी के मुताबिक गोरखपुर में 25 नवंबर के बाद 41 लोग ब्रिटेन सहित यूरोप के अन्य देशों से आए हैं। इनमें आठ दिसंबर के पहले आने वाले लोगों के 28 दिन पूरे भी हो चुके हैं। इसके बाद आए नौ लोगों की जांच आरटीपीसीआर और एंटीजन से कराई गई है।
विज्ञापन
सभी की रिपोर्ट निगेटिव आने पर स्वास्थ्य विभाग ने राहत की सांस ली है। लेकिन अभी भी उनकी निगरानी की जा रही है। शासन से निर्देश आने के बाद स्वास्थ्य महकमा विदेश से आए अन्य जिलों के लोगों की भी तलाश शुरू कर दी है।
सभी स्वास्थ्य केंद्रों को निर्देश जारी किए गए हैं कि यदि कहीं भी ऐसे लोगों का पता चले, तत्काल सीएमओ कार्यालय को सूचना दें। सीएमओ डॉ. श्रीकांत तिवारी ने बताया कि गोरखपुर में यूरोप के देशों से आए लोगों की पहचान कर ली गई है। उनमें संक्रमण नहीं मिला है। एहतियात के तौर पर उनमें से नौ लोगों की 28 दिनों तक निगरानी की जा रही है।