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सुखद परिणाम के लिए कड़ी मेहनत जरूरी : जस्टिस राहुल
Sat, 16 Dec 2023 12:40 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
Updated Sat, 16 Dec 2023 12:40 AM IST
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दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के विधि विभाग द्वारा आयोजित अभिनंदन समारोह में न्यायमूर्
- डीडीयू के विधि विभाग में आयोजित अभिनंदन समारोह में बोले प्रयागराज हाईकोर्ट के न्यायाधीश
संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर। प्रयागराज उच्च न्यायालय के न्यायाधीश राहुल चतुर्वेदी ने कहा कि विधि वृत्ति अनिश्चितताओं से भरी पड़ी है। इस प्रोफेशन के लिए नो रिस्क नो गेन का सिद्धांत पूरी तरह से लागू होता है। ऐसे में जरूरी है कि छात्र बेहतर और सुखद परिणाम हासिल करने के लिए कड़ी मेहनत करें। शिक्षकों से आह्वान है कि वे बच्चों को सही पथ पर लेकर चलें। उन्हें इस बात के लिए प्रेरित करें कि इस वृत्ति में कड़ी मेहनत से ही सुखद परिणाम हासिल हो सकता है।
जस्टिस चतुर्वेदी शुक्रवार को दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के विधि विभाग द्वारा आयोजित अभिनंदन समारोह को संबोधित कर रहे थे। डीडीयू के पुरातन छात्र रहे जस्टिस राहुल अपने समय के शिक्षकों को याद कर भावुक हो गए। कहा कि जिन्होंने शिक्षकों ने हमें पढ़ाया उन्हें शिक्षक नहीं संत की संज्ञा दी जानी चाहिए।
अध्यक्षीय उद्बोधन में कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने कहा कि छात्र ही हमारी पहचान हैं। उन्होंने विधि विभाग के छात्रों की सराहना की और उनको उच्च से लेकर उच्चतम न्यायालय तक जाने के लिए प्रोत्साहित किया। अधिष्ठाता विधि संकाय प्रो. अहमद नसीम ने स्वागत किया। संचालन डॉ. टीएन मिश्र व धन्यवाद ज्ञापन डॉ. आशीष शुक्ल ने किया।
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कार्यक्रम में जनपद न्यायाधीश तेज प्रताप तिवारी, जनपद न्यायाधीश (परिवार न्यायालय) राजेश्वर शुक्ल, जनपद न्यायाधीश एमपी सिंह, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट आदर्श श्रीवास्तव एवं सिविल कोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष मनोज पांडेय, मंत्री धीरेंद्र कुमार दूबे, अधिवक्ता जेपी सिंह, रामकृष्ण त्रिपाठी आदि मौजूद रहे।
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गोरखपुर। प्रयागराज उच्च न्यायालय के न्यायाधीश राहुल चतुर्वेदी ने कहा कि विधि वृत्ति अनिश्चितताओं से भरी पड़ी है। इस प्रोफेशन के लिए नो रिस्क नो गेन का सिद्धांत पूरी तरह से लागू होता है। ऐसे में जरूरी है कि छात्र बेहतर और सुखद परिणाम हासिल करने के लिए कड़ी मेहनत करें। शिक्षकों से आह्वान है कि वे बच्चों को सही पथ पर लेकर चलें। उन्हें इस बात के लिए प्रेरित करें कि इस वृत्ति में कड़ी मेहनत से ही सुखद परिणाम हासिल हो सकता है।
जस्टिस चतुर्वेदी शुक्रवार को दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के विधि विभाग द्वारा आयोजित अभिनंदन समारोह को संबोधित कर रहे थे। डीडीयू के पुरातन छात्र रहे जस्टिस राहुल अपने समय के शिक्षकों को याद कर भावुक हो गए। कहा कि जिन्होंने शिक्षकों ने हमें पढ़ाया उन्हें शिक्षक नहीं संत की संज्ञा दी जानी चाहिए।
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अध्यक्षीय उद्बोधन में कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने कहा कि छात्र ही हमारी पहचान हैं। उन्होंने विधि विभाग के छात्रों की सराहना की और उनको उच्च से लेकर उच्चतम न्यायालय तक जाने के लिए प्रोत्साहित किया। अधिष्ठाता विधि संकाय प्रो. अहमद नसीम ने स्वागत किया। संचालन डॉ. टीएन मिश्र व धन्यवाद ज्ञापन डॉ. आशीष शुक्ल ने किया।
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कार्यक्रम में जनपद न्यायाधीश तेज प्रताप तिवारी, जनपद न्यायाधीश (परिवार न्यायालय) राजेश्वर शुक्ल, जनपद न्यायाधीश एमपी सिंह, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट आदर्श श्रीवास्तव एवं सिविल कोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष मनोज पांडेय, मंत्री धीरेंद्र कुमार दूबे, अधिवक्ता जेपी सिंह, रामकृष्ण त्रिपाठी आदि मौजूद रहे।