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Gorakhpur News: एमएमएमयूटी में गेस्ट फैकल्टी को मिलेगा 50 हजार रुपये मानदेय, बोर्ड की बैठक में लिया गया निर्णय
Fri, 14 Jul 2023 02:03 PM IST
vivek shukla
संवाद न्यूज एजेंसी गोरखपुर।
संवाद न्यूज एजेंसी गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Fri, 14 Jul 2023 02:03 PM IST
सार
विवि प्रशासन ने एआईसीटीई और यूजीसी के गाइडलाइंस का अध्ययन किया। यूजीसी के अनुसार अधिकतम वेतन को देखते हुए गेस्ट फैकल्टी को 50 हजार रुपये वेतन की मंजूरी बोर्ड की बैठक में मिल गई।
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- फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में पढ़ाने वाले गेस्ट फैकल्टी का अब न्यूनतम 50 हजार रुपये महीने मानदेय मिलेगा। इसे लेकर औपचारिकताएं पूरी कर ली गई हैं। बृहस्पतिवार को प्रबंध बोर्ड की करीब तीन घंटे तक चली मैराथन बैठक में उनके मानदेय समेत कई मुद्दों को मंजूरी मिल गई।
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एमएमएमयूटी के कुलपति प्रो. जेपी पांडेय की अध्यक्षता में बृहस्पतिवार को पूर्वाह्न 11:30 बजे से प्रबंध बोर्ड की बैठक शुरू हुई। अब तक गेस्ट फैकल्टी को 30 हजार रुपये दिए जाने का प्रावधान था। कम वेतन के कारण अच्छे शिक्षक नहीं मिल पा रहे थे। विवि प्रशासन ने एआईसीटीई और यूजीसी के गाइडलाइंस का अध्ययन किया। यूजीसी के अनुसार अधिकतम वेतन को देखते हुए गेस्ट फैकल्टी को 50 हजार रुपये वेतन की मंजूरी बोर्ड की बैठक में मिल गई।
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बताते हैं कि एमएमएमयूटी में आउटसोर्सिंग कर्मचारियों को छह कैटेगरी में बांटा गया है। बोर्ड की बैठक में अकुशल आउटसोर्सिंग कर्मचारियों को उनके अनुभव को देखते हुए न्यूनतम 15 हजार रुपये वेतनमान पर मुहर लग गई। माना जा रहा है कि बढ़ती महंगाई को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है।
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विद्या परिषद में लिए गए बीटेक, एमटेक में नए कोर्स शुरू करने समेत सभी मिनट्स को प्रबंध बोर्ड की बैठक में रखा गया। वहां पास हुए सभी विषयों को मंजूरी मिल गई। वित्त समिति और अन्य समितियों में लिए गए निर्णयों पर भी मंजूरी मिलने की खबर है।
महिला शोधार्थियों को मिलेगी मैटरनिटी लीव
पीएचडी करने वाली महिला शोधार्थियों को भी विश्वविद्यालय प्रशासन ने बड़ी राहत दी है। यूजीसी के गाइडलाइंस के मुताबिक सभी महिला शोधार्थियों को अब मैटरनिटी लीव मिलेगी। काफी समय से इसकी मांग की जा रही थी।
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फर्जी छात्रों पर निर्णय एक हफ्ते में
बीते जनवरी महीने में जिन 40 फर्जी छात्रों को विश्वविद्यालय प्रशासन ने पकड़ा था। उस संबंध में गठित की गई उच्चस्तरीय जांच समिति की रिपोर्ट आ गई है। बैठक में उसे रखा गया। लीगल ओपिनियन के लिए एक सप्ताह का समय लिया गया है। इस मामले में हाईकोर्ट में 24 जुलाई को सुनवाई होनी है। उससे पहले ही विवि प्रशासन द्वारा निर्णय लेकर रिपोर्ट को कोर्ट में पेश किया जाएगा।
एमएमएमयूटी कुलपति प्रो जेपी पाण्डेय ने कहा कि यूजीसी की गाइडलाइंस के अनुसार गेस्ट फैकल्टी को न्यूनतम 50 हजार का मानदेय देने की प्रबंध बोर्ड की बैठक में मंजूरी मिल गई है। अकुशल कर्मचारियों को उनके अनुभव को देखते हुए न्यूनतम 15 हजार रुपये मानदेय दिया जाएगा। महिला शोधार्थियों को मैटरनिटी लीव भी दी जाएगी।
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फर्जी छात्रों पर निर्णय एक हफ्ते में
बीते जनवरी महीने में जिन 40 फर्जी छात्रों को विश्वविद्यालय प्रशासन ने पकड़ा था। उस संबंध में गठित की गई उच्चस्तरीय जांच समिति की रिपोर्ट आ गई है। बैठक में उसे रखा गया। लीगल ओपिनियन के लिए एक सप्ताह का समय लिया गया है। इस मामले में हाईकोर्ट में 24 जुलाई को सुनवाई होनी है। उससे पहले ही विवि प्रशासन द्वारा निर्णय लेकर रिपोर्ट को कोर्ट में पेश किया जाएगा।
एमएमएमयूटी कुलपति प्रो जेपी पाण्डेय ने कहा कि यूजीसी की गाइडलाइंस के अनुसार गेस्ट फैकल्टी को न्यूनतम 50 हजार का मानदेय देने की प्रबंध बोर्ड की बैठक में मंजूरी मिल गई है। अकुशल कर्मचारियों को उनके अनुभव को देखते हुए न्यूनतम 15 हजार रुपये मानदेय दिया जाएगा। महिला शोधार्थियों को मैटरनिटी लीव भी दी जाएगी।