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ऑपरेशन कवच: युवाओं की टोली रोकेगी घुसपैठ और तस्करी, एडीजी ने तैयार किया प्लान

Fri, 14 Jul 2023 12:01 PM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Fri, 14 Jul 2023 12:01 PM IST
सार

एडीजी अखिल कुमार ने कहा कि सीमावर्ती जिलों के एसपी को निर्देश दिया गया है कि युवाओं की टोली बनाई जाए। इसके तहत काम भी शुरू कर दिया गया है। गांवों वालों से पुलिस लगातार संपर्क में रहकर घुसपैठ, अपराध रोकने पर प्रभावी कार्रवाई करेगी।

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Youth group will stop infiltration and smuggling in Gorakhpur
एडीजी जोन अखिल कुमार। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

भारत और नेपाल की सरहद पर अब युवाओं की टोली भी खुफिया नजर रखेगी। एक टोली में नई उम्र के दस तेजतर्रार युवा रहेंगे, जो हर तरह की संदिग्ध गतिविधियों की गोपनीय जानकारी पुलिस को देंगे। तस्करी और आतंकी गतिविधियों की रोकथाम के लिए पुलिस ने यह प्रयोग किया है। इसका नाम ऑपरेशन कवच रखा गया है। हाल ही में नेपाल बॉर्डर से भारत की सीमा में एक पाकिस्तानी महिला के प्रवेश के बाद एडीजी अखिल कुमार ने इस संबंध में आदेश जारी किया है।

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अभी तक ग्राम सुरक्षा समितियों ही भारत-नेपाल बार्डर पर नजर रखती थीं। प्रदेश सरकार के आदेश पर पुलिस नेपाल से सटे सात जिलों में भूतपूर्व सैनिक या सेवानिवृत्त सरकारी कर्मचारी अध्यक्षता में ग्राम सुरक्षा समितियों का गठन कर चुकी है। इस कार्य के लिए अब युवाओं की टोली भी तैयार की जाएगी। एडीजी ने पुलिस अफसरों के साथ बैठक कर बार्डर पर नजर रखने के लिए युवाओं की मदद लेने की रणनीति तैयार की है।
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एडीजी जोन गोरखपुर अखिल कुमार को नेपाल बॉर्डर सुरक्षा का नोडल अधिकारी बनाया गया है। एडीजी का मानना है कि समय के साथ तस्करी और अपराध के नए-नए तौर-तरीके सामने आ रहे हैं। इससे संबंधित जानकारी और समझ युवाओं के पास बेहतर है। इस वजह से युवाओं की टोली बनाए जाने का आदेश दिया गया है।
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सरहद पर 570 किमी में 300 से ज्यादा पगडंडियां

उत्तर प्रदेश के महराजगंज, सिद्धार्थनगर, बलरामपुर, श्रावस्ती, बहराइच, लखीमपुर खीरी और पीलीभीत जिले से नेपाल की 570 किलोमीटर सीमा लगी है। दोनों देश में आने जाने के लिए सोनौली, खूंनवा, रुपईडीहा के अलावा 300 से अधिक पगडंडियां हैं। इन रास्तों से देश विरोधी गतिविधियों में लिप्त लोगों के घुसपैठ करने व तस्करी की संभावना बनी रहती हैं।

ये जानकारियां देंगे

  • गांव में किसी भी बाहरी व्यक्ति के आने की।
  • गांव में किसी के द्वारा कोई आपराधिक कृत्य करने की।
  • मादक पदार्थों के आवाजाही की।
  • देश विरोधी गतिविधियों में किसी के भी संलिप्तता की।


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महराजगंज में 219, सिद्धार्थनगर में 443 ग्राम सुरक्षा समितियां

भारत-नेपाल बार्डर पर नजर रखने के लिए ग्राम सुरक्षा समितियां भी गठित की गईं हैं। इसके तहत महराजगंज में 219, सिद्धार्थनगर में 443, बलरामपुर में 24, श्रावस्ती में 115, बहराइच में 85, खीरी में 77, पीलीभीत में 17 समितियां गठित हो चुकी हैं।

पगडंडियों पर बढ़ाई गई गश्त
पगडंडी के रास्ते भारत में आने और यहां से जाने वालों पर एसएसबी, खुफिया एजेंसियों के अलावा स्थानीय पुलिस भी नजर रख रही है। एडीजी के निर्देश पर नेपाल सीमा से सटे थानों की पुलिस अपने क्षेत्र में एसएसबी के साथ पेट्रोलिंग कर रही है, जिसकी रोजाना रिपोर्ट बनती है।

एडीजी अखिल कुमार ने कहा कि सीमावर्ती जिलों के एसपी को निर्देश दिया गया है कि युवाओं की टोली बनाई जाए। इसके तहत काम भी शुरू कर दिया गया है। गांवों वालों से पुलिस लगातार संपर्क में रहकर घुसपैठ, अपराध रोकने पर प्रभावी कार्रवाई करेगी।

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