फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gorakhpur News ›   GST people reform the big vicious people..don't know the treatment of rats

Gorakhpur News: बड़े शातिरों को सुधारते हैं जीसटी वाले..चूहों का इलाज नहीं मालूम

Tue, 13 Jun 2023 01:39 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Tue, 13 Jun 2023 01:39 AM IST
विज्ञापन
GST people reform the big vicious people..don't know the treatment of rats
जीएसटी विभाग के अधिकारी ने नगर निगम को चूहे पकड़ने के लिए दो बार लिखा पत्र
विज्ञापन




संवाद न्यूज एजेंसी



गोरखपुर। नगर आयुक्त साहब, दफ्तर में चूहे बहुत ज्यादा हैं। इन्हें जल्दी पकड़वाइए...वरना फाइलें कुतर देंगे। व्यापारियों के करोड़ों के लेनदेन के रिकॉर्ड रखे हैं। यह जीएसटी विभाग द्वारा लिखे गए खत का मजमून है। इससे चूहों के आतंक को तो समझा जा सकता है, मगर यह भी साफ हो रहा है कि अच्छों-अच्छों की कुंडली खोलने वाले जीएसटी अधिकारी चूहों के इलाज का सही रास्ता नहीं जानते। उन्हें मालूम ही नहीं कि नगर निगम चूहे पकड़ने का काम नहीं करता। उनका यह पत्र निगम अफसरों को चौंका रहा है।
जीएसटी के उपायुक्त प्रशासन विधुशेखर पांडेय ने नगर आयुक्त को बीते में दो बार पत्र लिखकर चूहों से होने वाले नुकसान के बारे में जानकारी दी। पहला पत्र 30 मई को लिखा गया। नगर निगम की ओर से कोई पहल नहीं हुई तो उन्होंने तीन जून को दोबारा पत्र लिखकर राज्य कर कार्यालय भवन में पेस्ट कंट्रोल कराने संबंधी आवश्यक कार्रवाई करने का अनुरोध किया है।
विज्ञापन

पत्र में कहा गया है कि वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) विभाग के भवन में मंडल के व्यापारियों की फाइलें रखी गईं हैं। ये वो फाइलें हैं, जिनमें 40 लाख रुपये से लेकर करोड़ों रुपयों के व्यावसायिक लेनदेन का रिकाॅर्ड है। तारामंडल स्थित कॉम्प्लेक्स में प्रथम व द्वितीय तल पर संचालित राज्य कर कार्यालय भवन में दीमक और चूहों के कारण विभागीय फाइलें, पत्रों आदि को सुरक्षित रखना मुश्किल हो रहा है। इनसे फाइलों और पत्रों की सुरक्षा पर संकट खड़ा हो जा रहा है। ऐसी स्थिति में राज्य कर कार्यालय भवन में पेस्ट कंट्रोल कराने संबंधी आवश्यक कार्रवाई करने का अनुरोध है। अफसरों ने बताया कि अभी तक निगम की ओर से कोई कार्रवाई नहीं हुई।
विज्ञापन
विज्ञापन

जीएसटी अफसरों के पत्र पर थोड़ी हैरत हुई, फिर भी नगर निगम के अफसरों से जानकारी ली गई। अफसर इस सवाल पर मुस्कुराने लगे। बताया कि जीएसटी को चूहों का इलाज कहीं और से करवाना होगा। क्योंकि नगर निगम चूहे नहीं पकड़ता। इस संबंध में निगम के जिस अफसर को पता लगा वह मुस्कुराने लगा।
कोट

जीएसटी विभाग में व्यापारियों के अलावा विभागीय महत्वपूर्ण पत्र हैं। चूहों और दीमक से इनके खराब होने का खतरा बना है। नगर निगम को पत्र लिखा गया है। : विमल कुमार राय, एडिश्नल कमिश्नर ग्रेड वन



नगर निगम अधिनियम में चूहा पकड़ने का कोई प्रावधान नहीं है। जीएसटी विभाग के जिम्मेदारों ने पत्र क्यों लिखा? जानकारी नहीं। हो सकता है नगर स्वास्थ्य अधिकारी के पास पत्र भेजा गया हो। लेकिन, अधिनियम के तहत ऐसा कोई प्रावधान नहीं हैं। - संजय शुक्ला, अपर नगर आयुक्त( नगर निगम)
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed