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चूने से खुला राज: पांच हजार दो... दस हजार वापस लो, पूर्व विधायक का पौत्र बेटों संग छाप रहा था नकली नोट, अरेस्ट

Thu, 24 Aug 2023 08:15 AM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर Published by: शाहरुख खान Updated Thu, 24 Aug 2023 08:15 AM IST
सार

गोरखपुर पुलिस ने नकली नोट बनाने की फैक्टरी का पर्दाफाश किया है। वाराणसी के गंगाराम सीट से विधायक रहीं धनेश्वरी देवी का पौत्र राहुल सिंह अपने बेटों अवनीश सिंह, अविनाश, विकास सिंह व बड़हलगंज के चांद मोहम्मद के साथ मिलकर नकली नोट की फैक्टरी चला रहा था। पिछले छह साल से यह धंधा चल रहा था।

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Grandson of former MLA of Varanasi was printing fake currency with sons in gorakhpur
पुलिस की गिरफ्त में आरोपी - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

वाराणसी के गंगाराम सीट से विधायक रहीं धनेश्वरी देवी का पौत्र राहुल सिंह अपने बेटों अवनीश सिंह, अविनाश, विकास सिंह व बड़हलगंज के चांद मोहम्मद के साथ मिलकर अपने गांव बांसगांव इलाके के धनौड़ा बुजुर्ग में नकली नोट की फैक्टरी चला रहा था। 
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सूचना मिलने पर गगहा पुलिस ने राहुल सिंह, उसके पुत्र अवनीश राय उर्फ अवनीश सिंह और बड़हलगंज के बड़ी बेदौली निवासी चांद मोहम्मद को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस इस मामले में फरार अविनाश और विकास सिंह की तलाश में जुटी है।
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पुलिस के मुताबिक, पिछले छह साल से राहुल सिंह नकली नोट छापने का अवैध धंधा कर रहा था। वह नकली नोट छापकर उसे आधे दाम में बेच दिया करता था। आरोपियों के पास से पुलिस को दस रुपये के चार, बीस रुपये का एक, 50 रुपये का एक, 100 रुपये के 98 और 200 रुपये के छह नकली नोट मिले हैं। 
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इसके अलावा नोट के साइज के पेपर के कई बंडल, मशीन में इस्तेमाल की जाने वाली प्लेट, कांच की बोतल में केमिकल भी बरामद किया गया है। इसी की मदद से नकली नोट तैयार किया जाता था। आरोपियों से इंटेलिजेंस ब्यूरो के अफसरों ने भी पूछताछ की है।

राहुल सिंह वाराणसी जिले के जनसा थाना क्षेत्र के सरवली गांव का मूल निवासी है। एसपी साउथ अरुण कुमार सिंह ने पुलिस लाइंस में प्रेस कांफ्रेंस कर पकड़े गए आरोपियों के बारे में जानकारी दी। एसपी साउथ ने बताया कि आरोपी पिछले छह साल से नकली नोट को छाप रहे थे। अगर किसी को दस हजार रुपये की जरूरत होती थी तो उसे बदले में पांच हजार के असली नोट देने होते थे।

 

एसपी ने बताया कि पुलिस के हाथ एक वीडियो लगा था, जिसमें काले रंग के कागज पर केमिकल व अन्य तरीके से नोट तैयार किया जा रहा था। वीडियो की सत्यता जांचने के लिए गोपनीय जांच शुरू की गई तो पुलिस के हाथ चांद मोहम्मद लग गया। 

 

उसके पास से 200 रुपये के पांच नकली नोट बरामद किए गए। उसने पूछताछ में बताया कि इन एक हजार रुपयों के बदले उसने पांच सौ रुपये राहुल सिंह को दिए हैं। इसके बाद पुलिस, राहुल सिंह के पास पहुंच गई। उसके घर से पुलिस ने नोट छापने की सामग्री और नकली नोटों को बरामद कर लिया।

 

एसपी ने बताया कि राहुल वर्ष 2006 में भी नकली नोटों के साथ पकड़ा गया था। तब उसे जेल भेजा गया था। पुलिस नकली नोट छापने के फरार आरोपियों की तलाश में जुटी है, जल्द ही उनकी गिरफ्तारी कर ली जाएगी।

चूना लगाने पर छूटा नकली नोट का रंग
आरोपियों के पास मिले नकली नोट को पहचानने में पुलिस के साथ ही बैंककर्मियों के भी पसीने छूट गए। बाद में आरोपियों से सख्ती से पूछताछ की गई, फिर पता चला कि नोट पर चूना लगाना पड़ेगा। चूना लगाते ही नोट का रंग छूटने लगेगा। लिहाजा, पुलिस ने चूना मंगाया और नोट पर लगा दिया। कुछ देर बाद नकली नोट से रंग छूटने लगा। पुलिस ने असली नोट पर भी चूना लगाकर देखा, लेकिन रंग नहीं छूटा। हालांकि असली नोट पर चूना लगाने की मनाही है।
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