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गोविवि : बढ़ा शुल्क हो सकता है कम, विद्यार्थियों को राहत की उम्मीद
Fri, 29 Sep 2023 02:17 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
Updated Fri, 29 Sep 2023 02:17 AM IST
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गोरखपुर। गोरखपुर विश्वविद्यालय में संचालित स्ववित्तपोषित के तहत संचालित विभिन्न पाठ्यक्रमों में वर्तमान शैक्षणिक सत्र में हुए शुल्क वृद्धि के संशोधन की मांग लंबे समय से छात्र कर रहे थे। इसके लिए विश्वविद्यालय प्रशासन ने कमेटी का गठन किया था। कमेटी ने अपनी रिपोर्ट सौंप दी है। वित्त समिति में रिपोर्ट पर निर्णय लिया जाना है।
संभावना है कि कुछ स्ववित्तपोषित पाठ्यक्रमों में बढ़ा शुल्क कम किया जा सकता है। इसके अलावा जिन स्ववित्तपोषित पाठ्यक्रम में विद्यार्थियों की संख्या कम है, उसपर भी विचार किया जा सकता है।
गोविवि के प्रशासनिक भवन में शुक्रवार दोपहर वित्त समिति और कार्य परिषद की बैठक बुलाई गई है। पहले वित्त समिति की बैठक होगी, जिसमें स्ववित्तपोषित पाठ्यक्रम के संचालन को लेकर कई अहम फैसले लिए जा सकते हैं। स्ववित्तपोषित पाठ्यक्रम के अंतर्गत संचालित 60 फीसदी में छात्रों की संख्या बेहद कम है। ऐसे में इन पाठ्यक्रमों को संचालित करने में दिक्कत आ रही है।
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इसके अलावा स्ववित्तपोषित के कई पाठ्यक्रमों में काफी ज्यादा शुल्क बढ़ा दिया गया है। इस शुल्क को नए विद्यार्थियों के साथ पाठ्यक्रम में पढ़ने वाले पुराने विद्यार्थियों से भी वसूलने का निर्णय लिया गया है। इसके लिए विद्यार्थी कई बार प्रार्थनापत्र देकर संशोधन की गुहार लगा चुके हैं। स्ववित्तपोषित पाठ्यक्रम के संचालन एवं शुल्क वृद्धि पर रिपोर्ट के लिए प्रो. सुरेंद्र दूबे की अध्यक्षता में कमेटी का गठन किया गया है। कमेटी ने रिपोर्ट विश्वविद्यालय प्रशासन को सौंप दी है।
रसायन शास्त्र विभाग में नियुक्ति पर फंसे पेच पर होगा विचार
गोरखपुर विश्वविद्यालय में वर्ष 2018 में नियुक्ति हुई थी। इसमें रसायन शास्त्र विभाग में सहायक आचार्य पद पर हुई नियुक्ति पर पेच फंस गया। नियुक्ति पर आवेदनकर्ता वेंकटेश कुमार पांडेय ने हाईकोर्ट में अपील की। हाईकोर्ट ने विश्वविद्यालय को निर्देश भी जारी किया। इस बीच वर्ष 2021 में विश्वविद्यालय प्रशासन ने उस पद पर नियुक्ति कर लिया। इस पर हाईकोर्ट ने अवमानना नोटिस जारी किया है। कार्यपरिषद की बैठक में प्रमुखता से इस पर निर्णय लिया जाना है। संभावना है कि अपीलकर्ता वेंकटेश कुमार पांडेय काे राहत मिल सकती है। इसके अलावा अन्य एजेंडे पर भी बैठक में निर्णय लिया जाना है।
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संभावना है कि कुछ स्ववित्तपोषित पाठ्यक्रमों में बढ़ा शुल्क कम किया जा सकता है। इसके अलावा जिन स्ववित्तपोषित पाठ्यक्रम में विद्यार्थियों की संख्या कम है, उसपर भी विचार किया जा सकता है।
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गोविवि के प्रशासनिक भवन में शुक्रवार दोपहर वित्त समिति और कार्य परिषद की बैठक बुलाई गई है। पहले वित्त समिति की बैठक होगी, जिसमें स्ववित्तपोषित पाठ्यक्रम के संचालन को लेकर कई अहम फैसले लिए जा सकते हैं। स्ववित्तपोषित पाठ्यक्रम के अंतर्गत संचालित 60 फीसदी में छात्रों की संख्या बेहद कम है। ऐसे में इन पाठ्यक्रमों को संचालित करने में दिक्कत आ रही है।
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इसके अलावा स्ववित्तपोषित के कई पाठ्यक्रमों में काफी ज्यादा शुल्क बढ़ा दिया गया है। इस शुल्क को नए विद्यार्थियों के साथ पाठ्यक्रम में पढ़ने वाले पुराने विद्यार्थियों से भी वसूलने का निर्णय लिया गया है। इसके लिए विद्यार्थी कई बार प्रार्थनापत्र देकर संशोधन की गुहार लगा चुके हैं। स्ववित्तपोषित पाठ्यक्रम के संचालन एवं शुल्क वृद्धि पर रिपोर्ट के लिए प्रो. सुरेंद्र दूबे की अध्यक्षता में कमेटी का गठन किया गया है। कमेटी ने रिपोर्ट विश्वविद्यालय प्रशासन को सौंप दी है।
रसायन शास्त्र विभाग में नियुक्ति पर फंसे पेच पर होगा विचार
गोरखपुर विश्वविद्यालय में वर्ष 2018 में नियुक्ति हुई थी। इसमें रसायन शास्त्र विभाग में सहायक आचार्य पद पर हुई नियुक्ति पर पेच फंस गया। नियुक्ति पर आवेदनकर्ता वेंकटेश कुमार पांडेय ने हाईकोर्ट में अपील की। हाईकोर्ट ने विश्वविद्यालय को निर्देश भी जारी किया। इस बीच वर्ष 2021 में विश्वविद्यालय प्रशासन ने उस पद पर नियुक्ति कर लिया। इस पर हाईकोर्ट ने अवमानना नोटिस जारी किया है। कार्यपरिषद की बैठक में प्रमुखता से इस पर निर्णय लिया जाना है। संभावना है कि अपीलकर्ता वेंकटेश कुमार पांडेय काे राहत मिल सकती है। इसके अलावा अन्य एजेंडे पर भी बैठक में निर्णय लिया जाना है।