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Gorakhpur News: अंतरराष्ट्रीय जर्नल में प्रकाशित होगा महिला सशक्तीकरण पर गोविवि का शोध

Mon, 24 Nov 2025 12:02 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Mon, 24 Nov 2025 12:02 AM IST
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Govind Ballabh Pant University's research on women empowerment will be published in an international journal.
शोध में ''''डेवलेपमेंट इंडिया विजन- 2047'''' के संदर्भ में शोधार्थियों ने किया है अध्ययन
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पांच सदस्यीय शोध टीम का राजनीति विज्ञान के आचार्य प्रो. गोपाल प्रसाद का मिला है मार्गदर्शन
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय ने एक बार फिर शोध के क्षेत्र में अपनी प्रभावी उपस्थिति दर्ज कराई है। राजनीति विज्ञान विभाग के आचार्य प्रो. गोपाल प्रसाद के मार्गदर्शन में तैयार एक महत्वपूर्ण शोध कार्य को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता मिली है। क्यू-3 श्रेणी के प्रतिष्ठित शोध जर्नल ''''टेस्टिंग, साइकोमेट्रिक्स, मैथोडोलाजी इन अप्लायड साइकोलाजी'''' ने इस शोध को प्रकाशित करने स्वीकृति प्रदान की है।

''''ए स्टडी आफ द पालिसी फ्रेमवर्क फार वुमेन्स इम्पावरमेंट इन द कांटेस्ट आफ डेवलप्ड इंडिया विजन-2047'''' शीर्षक से प्रकाशित होने जा रहे इस शोधपत्र को राजनीति विज्ञान की शोधार्थी श्रेया द्विवेदी, सोना ओझा, विकास कुमार पांडेय, रोहित सिंह व शिवम ने संयुक्त रूप से तैयार किया है। शोधार्थियों की इस टीम ने महिला सशक्तिकरण के नीतिगत ढांचे का गहन अध्ययन करते हुए इसे भारत के विकसित राष्ट्र लक्ष्य विजन 2047 के परिप्रेक्ष्य में विश्लेषित किया है।
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शोध में भारतीय संविधान के प्रविधान, विधिक संरक्षण और सरकार द्वारा संचालित प्रमुख योजनाओं जैसे मिशन शक्ति, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ, स्टैंडअप इंडिया और डिजिटल साक्षरता अभियान की प्रभावशीलता का मूल्यांकन किया गया है। शोधार्थियों ने केवल नीतियों का विश्लेषण ही नहीं किया, बल्कि इसके सामाजिक प्रभाव, कार्यान्वयन चुनौतियों और दीर्घकालीन परिणामों को भी विस्तार से समझा और समझाया है।
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प्रो. गोपाल प्रसाद ने अध्ययन की विशेषता की जानकारी देते हुए बताया है कि शोध में स्वामी विवेकानंद, डाॅ. भीमराव आंबेडकर और अमर्त्य सेन जैसे महान चिंतकों के विचारों को आधार बनाकर महिला सशक्तीकरण को भारत के सतत राष्ट्रीय विकास का केंद्रीय स्तंभ सिद्ध किया गया है। शोध में दिखाया गया है कि आर्थिक, शैक्षणिक, सामाजिक और डिजिटल सशक्तिकरण को बढ़ावा दिए बिना विकसित भारत का लक्ष्य अधूरा रहेगा। इस सफलता पर कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने प्रो. गोपाल प्रसाद और उनकी शोध टीम को बधाई दी है। कहा है कि यह उपलब्धि विश्वविद्यालय की शैक्षणिक उत्कृष्टता, शोध संस्कृति और नवोन्मेषी सोच को वैश्विक पहचान दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
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