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गोविवि: विश्वविद्यालय और कॉलेजों की खींचतान में फंसा तीन हजार छात्रों का भविष्य

Fri, 06 Oct 2023 01:16 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर Updated Fri, 06 Oct 2023 01:16 AM IST
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Govi: Future of three thousand students stuck in the tussle between universities and colleges
-कॉलेजों से अंक पोर्टल पर अपलोड नहीं होने से परिणाम नहीं हो पा रहा घोषित
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-बीए, बीएससी व एमए पाठ्यक्रम का वार्षिक परीक्षा परिणाम नहीं निकल पाया
-कुलपति ने लापरवाह महाविद्यालयों को नोटिस देने का दिया है आदेश
संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय एवं संबंद्ध कॉलेजों के बीच खींचतान में वार्षिक पाठ्यक्रम के करीब तीन हजार छात्रों का भविष्य संकट में फंस गया है। विश्वविद्यालय और कॉलेजों की लापरवाही के बीच छात्र आगे की कक्षा में प्रवेश नहीं ले पा रहे हैं। बीए, बीएससी और एमए बैक पेपर का वार्षिक परीक्षा परिणाम का इंतजार कर रहे छात्र विश्वविद्यालय और कॉलेजों का चक्कर लगा रहे हैं। विश्वविद्यालय का दावा है कि कॉलेज के द्वारा पोर्टल पर अंक अपलोड नहीं करने से परिणाम घोषित नहीं हो पा रहा है। इसको लेकर परीक्षा नियंत्रक कार्यालय से कई बार उनको नोटिस भी दिया गया लेकिन उन्होंने गंभीरता से नहीं लिया। कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने ऐसे एक दर्जन कॉलेजों को नोटिस देने का निर्देश दिया है।

गोरखपुर विश्वविद्यालय एवं उसके संबंद्ध कॉलेजों में सेमेस्टर प्रणाली सत्र 2021-22 में लागू कर दिया गया। पुराने पाठ्यक्रम से पढ़ाई करने वाले कई कॉलेजों के बीए, बीएससी, एमए बैक पेपर के छात्रों का वार्षिक परीक्षा परिणाम अभी भी जारी नहीं हो सका है। इसके अलावा सेमेस्टर प्रणाली से हुई परीक्षा का परिणाम भी जारी नहीं हो सका है। समय से परीक्षा परिणाम जारी नहीं होने से छात्र परेशान हैं। कॉलेज व विश्वविद्यालय एक-दूसरे पर जिम्मेदारी टाल कर छात्रों को दौड़ाते रहे। कुलपति ने इसको गंभीरता से लिया है।
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लापरवाह महाविद्यालयों को दी जाएगी नोटिस

छह महीने से ज्यादा समय होने के बाद और कई बार परीक्षा नियंत्रक द्वारा अवगत कराने के बाद भी कई महाविद्यालय अभी भी अंक अपलोड नहीं किये हैं, जिससे परिणाम घोषित करने में देरी हो रही है। जिन्हाेंने अंको को पोर्टल पर अपलोड नहीं किया है, उन महाविद्यालयों के खिलाफ विश्वविद्यालय सख्त रुख अपनाने जा रहा है। इन सभी महाविद्यालयों को नोटिस भेजी जाएगी।
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सप्ताहभर में घोषित करें परीक्षा परिणाम: कुलपति
गोरखपुर विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. पूनम टंडन की अध्यक्षता में बृहस्पतिवार को प्रशासनिक भवन में परीक्षा के परिणामों से संबंधित बैठक की गई। कुलपति ने कहा कि समय से परीक्षा परिणाम नहीं घोषित नहीं कर पाना विद्यार्थियों के साथ सबसे बड़ा अन्याय है। उन्होंने कहा कि कार्यभार संभालने के एक महीने में करीब पांच हजार छात्रों ने मुलाकात की। जिसमें ज्यादातर की समस्या परीक्षा परिणाम का ना घोषित होना रहा। उन्होंने सख्त लहजे में कहा कि सभी एक साथ मिल कर ज्यादातर लंबित परीक्षा परिणामों को एक सप्ताह में घोषित करें। परिणाम में हो रही देरी के लिए सबकी जबाबदेही तय की जाएगी। उन्होंने कहा कि हम जल्द ही एक परीक्षा के लिए एक मजबूत एवं बेहतर व्यवस्था बनाने जा रहे हैं।
बैठक में कुलसचिव प्रो. शांतनु रस्तोगी, परीक्षा नियंत्रक डॉ. कुलदीप सिंह, समस्त अधिष्ठाता, विभागाध्यक्ष, ईडीपी सेल एवं आईटीसी सेल के समंवयक एवं अधिकारियों ने प्रतिभाग किया।

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एजेंसी और ईडीपी सेल पर सख्त रही कुलपति
परीक्षा परिणाम को लेकर हुई बैठक में कुलपति प्रो. पूनम टंडन के निशाने पर ईडीपी सेल के साथ परीक्षा कराने वाली एजेंसी भी रही। बैठक के दौरान विभागाध्यक्षों ने बताया कि अप्रैल में हुई परीक्षा की कॉपी मूल्यांकन के लिए उनको अगस्त में दिया गया। एजेंसी तीन माह तक कॉपियों का मूल्यांकन करते रह गई। इसपर कुलपति ने एजेंसी से अपनी कार्यप्रणाली में सुधार लाने के साथ विभागाध्यक्षों से समंवय स्थापित कर जल्द परिणाम घोषित करने का निर्देश दिया।
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