अब छात्रों को कुपोषित होने से बचाएगी सरकार, इस नियम में किया बड़ा बदलाव
- जिले के राजकीय, एडेड, परिषदीय, मदरसा और माध्यमिक विद्यालयों में पढ़ने वाले साढ़े तीन लाख विद्यार्थियों को होगा फायदा
- प्राथमिक विद्यालय के छात्र को 374.29 रुपये और साढ़े सात किलो खाद्यान्न मिलेगा
- उच्च प्राथमिक विद्यालय के छात्र को 561 रुपये और 11 किलो खाद्यान्न दिया जाएगा
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लॉकडाउन के कारण मार्च से स्कूल बंद किए गए हैं। ऐसे में सरकारी या अनुदानित प्राथमिक, जूनियर और माध्यमिक विद्यालयों के लाखों विद्यार्थियों को मिड डे मील नहीं मिल पा रहा है। भोजन की कमी से बच्चे कुपोषित न हो जाएं, इसे लेकर सरकार ने अनोखी पहल की है।
मिड डे मील के जिला समन्वयक दीपक पटेल ने बताया कि सरकार की ओर से विद्यार्थियों को खाद्य सुरक्षा भत्ता मुहैया कराए जाने का निर्णय लिया गया है। इसके तहत परिवर्तन लागत की कीमत विद्यार्थियों के अभिभावकों के खातों में भेजी जाएगी। वहीं खाद्यान्न का वितरण कोटेदार के माध्यम से कराया जाएगा। जिले के 3,60702 विद्यार्थियों को इस योजना का लाभ मिलेगा।
इसे लेकर अपर मुख्य सचिव रेणुका कुमार का आदेश गोरखपुर में भी पहुंच गया है। आदेश के मुताबिक (24 मार्च से 30 जून) 76 दिन के एमडीएम की परिवर्तन लागत के रूप में प्राथमिक विद्यालय के विद्यार्थी को 374 रुपये और उच्च प्राथमिक विद्यालय के विद्यार्थी को 561.02 रुपये प्रति छात्र ऑनलाइन अभिभावकों के खातों में भेजा जाएगा।
धनराशि के भुगतान के लिए खंड शिक्षा अधिकारी की ओर से प्रेरणा पोर्टल पर उपलब्ध विद्यालयों का डाटा एक्सल शीट में प्रधानाध्यापक को मुहैया कराएंगे। विद्यालय के प्रधानाध्यापक डाटा की जांच के बाद विद्यार्थियों के नाम के आगे अभिभावक का नाम, मोबाइल नंबर, बैंक खाता संख्या, आईएफएसी कोड, बैंक का नाम सत्यापित करेंगे। उसके बाद विद्यालय के मिड डे मील खाते से डीबीटी के रूप में हस्तांतरित की जाएगी।
कोटेदार के पास से मिलेगा खाद्यान्न
खाद्य सुरक्षा भत्ता के तहत विद्यार्थियों को 76 दिन का खाद्यान्न भी मुहैया कराया जाएगा। इसके तहत प्राथमिक विद्यालयों के हर छात्र को 7.60 किलोग्राम और उच्च प्राथमिक विद्यालयों को 11.40 किलोग्राम खाद्यान्न कोटेदार बांटेंगे। प्रधानाध्यापक हर विद्यार्थी को एक वाउचर जारी करेंगे। इसमें विद्यालय, विद्यार्थी, पंजीयन संख्या, कक्षा और खाद्यान्न की मात्रा का ब्यौरा होगा। जिसपर प्रधानाध्यापक का पठनीय हस्ताक्षर और नाम मौजूद रहेगा।
जिले में एमडीएम वितरण की वर्तमान स्थिति
विद्यालय संख्या नामांकन
राजकीय विद्यालय 4 259
प्राथमिक विद्यालय 2151 232764
उच्च प्राथमिक विद्यालय 834 67805
समाज कल्याण (प्राइमरी) 16 1648
अनुदानित विद्यालय (बेसिक) 83 16110
इंटर माध्यमिक 5 1473
उच्च प्राथमिक माध्यमिक 95 24710
मॉडल स्कूल 2 174
मदरसा 10 3630
इंटरमीडिएट 22 12129
कुल 3222 360702
बेसिक शिक्षा अधिकारी बीएन सिंह ने बताया कि लॉकडाउन की वजह से मार्च से स्कूल बंद चल रहे हैं। ऐसे में सरकार ने बच्चों को खाद्य सुरक्षा भत्ता उपलब्ध कराए जाने का फैसला लिया है। इसके तहत एमडीएम की परिवर्तन लागत को बच्चों के अभिभावकों के खातों में हस्तांतरित किया जाएगा। वहीं खाद्यान्न वितरण कोटेदार के माध्यम से सुनिश्चित किया जाएगा।