{"_id":"68c319941bc01d503f0b66f7","slug":"government-should-withdraw-the-decision-of-privatization-sanjay-gorakhpur-news-c-209-1-sgkp1039-138282-2025-09-12","type":"story","status":"publish","title_hn":"निजीकरण का फैसला वापस ले सरकार : संजय","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
निजीकरण का फैसला वापस ले सरकार : संजय
Fri, 12 Sep 2025 12:18 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
Updated Fri, 12 Sep 2025 12:18 AM IST
विज्ञापन
संतकबीरनगर। विद्युत निगमों के निजीकरण के विरोध में बृहस्पतिवार को बिजली कर्मियों ने अधीक्षण अभियंता कार्यालय पर धरना दिया। इस दौरान बिजली कर्मियों ने सरकार से हस्तक्षेप पर निजीकरण का फैसला वापस लिए जाने की मांग किया।
संघर्ष समिति के पदाधिकारी संजय यादव ने कहा है कि उत्तर प्रदेश में किए जा रहे बिजली के निजीकरण में वही भयंकर गलतियां दोहराई जा रही हैं जो दिल्ली और उड़ीसा का निजीकरण करने के समय की गई थी। इन्हीं गलतियों के चलते अरबों खरबों रुपये की परिसंपत्तियों को निजी घरानों को कौड़ियों के मोल दे दिया गया और आम उपभोक्ता ठगे रह गए।
संघर्ष समिति के पदाधिकारी भास्कर पांडेय ने कहा कि निजीकरण होने के बाद प्राइवेट कंपनियों का सीएजी ऑडिट नहीं होती। सीएजी ऑडिट न होने से वास्तविक लाइन हानियां कम होने का लाभ उपभोक्ताओं को नहीं मिल पाता है। इसके साथ ही निजीकरण उपभोक्ताओं और कर्मियों के हित में नहीं हैं। इसलिए इसे वापस लिया जाए।
विज्ञापन
इस दौरान इंजीनियर मुकेश गुप्ता, मनीष मिश्रा, सुनील प्रजापति, सूरज प्रजापति, रमेश प्रजापति, अशोक कुमार, संतोष गुप्ता, विजय कुमार, धीरेंद्र यादव, प्रदुम्न कुमार, श्रवण प्रजापति, नारायण चंद्र, आशीष कुमार आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
संघर्ष समिति के पदाधिकारी संजय यादव ने कहा है कि उत्तर प्रदेश में किए जा रहे बिजली के निजीकरण में वही भयंकर गलतियां दोहराई जा रही हैं जो दिल्ली और उड़ीसा का निजीकरण करने के समय की गई थी। इन्हीं गलतियों के चलते अरबों खरबों रुपये की परिसंपत्तियों को निजी घरानों को कौड़ियों के मोल दे दिया गया और आम उपभोक्ता ठगे रह गए।
विज्ञापन
संघर्ष समिति के पदाधिकारी भास्कर पांडेय ने कहा कि निजीकरण होने के बाद प्राइवेट कंपनियों का सीएजी ऑडिट नहीं होती। सीएजी ऑडिट न होने से वास्तविक लाइन हानियां कम होने का लाभ उपभोक्ताओं को नहीं मिल पाता है। इसके साथ ही निजीकरण उपभोक्ताओं और कर्मियों के हित में नहीं हैं। इसलिए इसे वापस लिया जाए।
विज्ञापन
इस दौरान इंजीनियर मुकेश गुप्ता, मनीष मिश्रा, सुनील प्रजापति, सूरज प्रजापति, रमेश प्रजापति, अशोक कुमार, संतोष गुप्ता, विजय कुमार, धीरेंद्र यादव, प्रदुम्न कुमार, श्रवण प्रजापति, नारायण चंद्र, आशीष कुमार आदि मौजूद रहे।