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Gorakhpur News: बंगाली डॉक्टर लापता, रात में भी बैंककर्मी वसूली करने पहुंच रहे घर
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हरपुर-बुदहट। देवराडतुल गांव में महिलाओं के नाम पर 20 बैंकों से 1.50 कराेड़ रुपये लोन लेकर बंगाली डॉक्टर कही जाने वाली महिला फरार हो गई। पीड़ित महिलाओं की दौड़-भाग के बाद 27 सितंबर को हरपुर-बुदहट थाने में आरोपी महिला रूपा और उसके पति दिनेश पर केस दर्ज कर लिया गया, लेकिन उन्हें पकड़ना तो दूर अभी तक पुलिस उनके लोकेशन का भी पता नहीं लगा पाई। वहीं पीड़ित महिलाओं के घर लोन की वसूली के लिए अब रात में भी बैंक कर्मी पहुंच रहे हैं। जिससे सभी हैरान व परेशान हैं।
गांव की बिंदा देवी का कहना है कि माइक्रो फाइनेंस कंपनी के एजेंट रोज घर आ रहे हैं। घर का सामान उठवाने कि धमकी दे रहे हैं। फूला देवी का कहना है कि फाइनेंस कंपनियों के एजेंट से बताया गया है कि इस मामले में केस दर्ज है, इसके बाद भी वह वसूली करने आ रहे हैं। शदरुन्निशा ने बताया कि बैंक वाले रात में भी आते हैं और घर का सामान ले जाने का प्रयास करते हैं। संध्या देवी ने बताया कि छह से सात की संख्या में एजेंट आते हैं। सभी कहते हैं कि कहीं से भी लाकर पैसे जमा कराओ। किरन ने बताया कि कई बार बैंक वाले इतना परेशान कर दे रहे हैं, कि पुलिस को बुलाना पड़ता है। पुलिस को देखकर सभी भाग जाते हैं। इस मामले में फंसने के बाद हमलोग का जीवन खराब हो गया है। पूरा जीवन कमाई करेंगे तब भी लोन नहीं चुका पाएंगे।
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संचालिका ने 20 बैंकों से कराया है लोन
पीड़ित महिलाओं ने बताया कि देवराडतुल गांव में करीब 20 वर्ष पहले रूपा पति और बेटी के साथ आकर किराए का कमरा लेकर रहने लगी। उसे गांव में बंगाली डॉक्टर कहकर बुलाते थे। ग्रामीण छोटी-मोटी बीमारी में उससे दवा लेते थे। धीरे-धीरे वह पूरे गांव की खास हो गई थी। पिछले साल उसने सभी महिलाओं को मिलाकर एक समूह बनाया, उसका संचालन खुद करने लगी। इसी बीच करीब 20 बैंकों से 1.50 करोड़ रुपये लोन स्वीकृत कर निकाल लिया। पता चलने पर उसके पास जाकर महिलाओं ने पूछताछ की तो उसने कहा कि बेटी का मेडिकल में एडमिशन करवाना था, इसलिए समूह का पैसा निकालकर जमा कर दिया। आश्वासन दिया कि बहुत जल्द सारा लोन जमा कर देगी। कुछ ही दिन बाद आठ सितंबर 2023 को वह घर में ताला बंद कर फरार हो गई।
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गांव की बिंदा देवी का कहना है कि माइक्रो फाइनेंस कंपनी के एजेंट रोज घर आ रहे हैं। घर का सामान उठवाने कि धमकी दे रहे हैं। फूला देवी का कहना है कि फाइनेंस कंपनियों के एजेंट से बताया गया है कि इस मामले में केस दर्ज है, इसके बाद भी वह वसूली करने आ रहे हैं। शदरुन्निशा ने बताया कि बैंक वाले रात में भी आते हैं और घर का सामान ले जाने का प्रयास करते हैं। संध्या देवी ने बताया कि छह से सात की संख्या में एजेंट आते हैं। सभी कहते हैं कि कहीं से भी लाकर पैसे जमा कराओ। किरन ने बताया कि कई बार बैंक वाले इतना परेशान कर दे रहे हैं, कि पुलिस को बुलाना पड़ता है। पुलिस को देखकर सभी भाग जाते हैं। इस मामले में फंसने के बाद हमलोग का जीवन खराब हो गया है। पूरा जीवन कमाई करेंगे तब भी लोन नहीं चुका पाएंगे।
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संचालिका ने 20 बैंकों से कराया है लोन
पीड़ित महिलाओं ने बताया कि देवराडतुल गांव में करीब 20 वर्ष पहले रूपा पति और बेटी के साथ आकर किराए का कमरा लेकर रहने लगी। उसे गांव में बंगाली डॉक्टर कहकर बुलाते थे। ग्रामीण छोटी-मोटी बीमारी में उससे दवा लेते थे। धीरे-धीरे वह पूरे गांव की खास हो गई थी। पिछले साल उसने सभी महिलाओं को मिलाकर एक समूह बनाया, उसका संचालन खुद करने लगी। इसी बीच करीब 20 बैंकों से 1.50 करोड़ रुपये लोन स्वीकृत कर निकाल लिया। पता चलने पर उसके पास जाकर महिलाओं ने पूछताछ की तो उसने कहा कि बेटी का मेडिकल में एडमिशन करवाना था, इसलिए समूह का पैसा निकालकर जमा कर दिया। आश्वासन दिया कि बहुत जल्द सारा लोन जमा कर देगी। कुछ ही दिन बाद आठ सितंबर 2023 को वह घर में ताला बंद कर फरार हो गई।
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