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Gorakhpur News: अब क्यूआर कोड वाले जन्म प्रमाणपत्र के लिए बढ़े आवेदन
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निगम में नाम बदलने के लिए रोजाना आ रहे 50 आवेदन
आधार कार्ड में जन्म प्रमाणपत्र की जरूरत को देखते हुए बढ़े आवेदन
गोरखपुर। आधार कार्ड बनवाने के लिए क्यूआर कोड वाले जन्म प्रमाणपत्र की अनिवार्यता को देखते हुए इन दिनों नगर निगम के काउंटर पर भीड़ बढ़ गई है। एक प्रमाणपत्र को बनने में एक हफ्ते से अधिक का समय लग ला रहा है। वहीं, प्रमाण पत्र में नाम की स्पेलिंग ठीक कराने के लिए भी आवेदकों की संख्या में इजाफा हुआ है।
आधार कार्ड बनवाने के लिए बार कोड वाले जन्म प्रमाणपत्र की जरूरत पड़ रही है। इसकी वजह से पुराने प्रमाणपत्रों को अपडेट करने के लिए लोग आवेदन कर रहे हैं। पांचों जोन मिलाकर रोजाना बार कोड वाले प्रमाण पत्र के लिए करीब 200 आवेदन आ रहे हैं। प्रमाण पत्र में नाम की स्पेलिंग ठीक करवाने के लिए भी करीब 50 आवेदन रोज आ रहे हैं। इन सबकी वजह से लंबित मामलों की संख्या बढ़ गई है। नगर निगम में जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र के करीब 250 आवेदन लंबित हैं। वहीं, एसडीएम स्तर पर 1000 से ज्यादा आवेदन लंबित हैं।
शाहपुर के आलोक ने बेटे के जन्म प्रमाणपत्र में संशोधन के लिए आवेदन किया। उनको क्यूआर कोड वाला प्रमाणपत्र मिलने में पांच दिनों का वक्त लग गया। इसके बाद उन्होंने आधार कार्ड के लिए आवेदन किया। रुस्तमपुर के मनोज ने बताया कि स्कूल में अपार आईडी के लिए बच्चे का आधार कार्ड बनवाना था। पुराने जन्म प्रमाणपत्र पर आवेदन नहीं हो रहा था। इसके बाद क्यूआर कोड वाले प्रमाणपत्र के लिए आवेदन किया तो उसमें करीब एक हफ्ते का समय लग गया।
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एसडीएम कार्यालय के दो कर्मचारियों को वेतन नहीं देगा निगम
जन्म मृत्यु प्रमाणपत्र के लंबित मामलों को लेकर नगर निगम ने पूर्व में एसडीएम दफ्तर के दो कर्मचारियों को निगम से वेतन देने का निर्णय लिया था। मंगलवार को कार्यकारिणी समिति की बैठक में सदस्यों ने कहा कि इन कर्मचारियों के बाद भी लंबित मामलों में कोई कमी नहीं दिख रही है। इसके बाद कार्यकारिणी ने दोनों कर्मचारियों को नगर निगम से वेतन पर रोक लगाने की संस्तुति की। कार्यकारिणी सदस्य ऋषि मोहन वर्मा ने बताया कि जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र में देरी की समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा है। इससे जनता काफी परेशान है।
वर्जन
आधार कार्ड को लेकर जन्म प्रमाण पत्रों के आवेदनों की संख्या बढ़ी है। स्पेलिंग ठीक कराने के मामले भी तेजी से बढ़े हैं जिन्हें जल्द से जल्द निस्तारित किया जा रहा है।
दुर्गेश मिश्रा, अपर नगर आयुक्त
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आधार कार्ड में जन्म प्रमाणपत्र की जरूरत को देखते हुए बढ़े आवेदन
गोरखपुर। आधार कार्ड बनवाने के लिए क्यूआर कोड वाले जन्म प्रमाणपत्र की अनिवार्यता को देखते हुए इन दिनों नगर निगम के काउंटर पर भीड़ बढ़ गई है। एक प्रमाणपत्र को बनने में एक हफ्ते से अधिक का समय लग ला रहा है। वहीं, प्रमाण पत्र में नाम की स्पेलिंग ठीक कराने के लिए भी आवेदकों की संख्या में इजाफा हुआ है।
आधार कार्ड बनवाने के लिए बार कोड वाले जन्म प्रमाणपत्र की जरूरत पड़ रही है। इसकी वजह से पुराने प्रमाणपत्रों को अपडेट करने के लिए लोग आवेदन कर रहे हैं। पांचों जोन मिलाकर रोजाना बार कोड वाले प्रमाण पत्र के लिए करीब 200 आवेदन आ रहे हैं। प्रमाण पत्र में नाम की स्पेलिंग ठीक करवाने के लिए भी करीब 50 आवेदन रोज आ रहे हैं। इन सबकी वजह से लंबित मामलों की संख्या बढ़ गई है। नगर निगम में जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र के करीब 250 आवेदन लंबित हैं। वहीं, एसडीएम स्तर पर 1000 से ज्यादा आवेदन लंबित हैं।
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शाहपुर के आलोक ने बेटे के जन्म प्रमाणपत्र में संशोधन के लिए आवेदन किया। उनको क्यूआर कोड वाला प्रमाणपत्र मिलने में पांच दिनों का वक्त लग गया। इसके बाद उन्होंने आधार कार्ड के लिए आवेदन किया। रुस्तमपुर के मनोज ने बताया कि स्कूल में अपार आईडी के लिए बच्चे का आधार कार्ड बनवाना था। पुराने जन्म प्रमाणपत्र पर आवेदन नहीं हो रहा था। इसके बाद क्यूआर कोड वाले प्रमाणपत्र के लिए आवेदन किया तो उसमें करीब एक हफ्ते का समय लग गया।
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एसडीएम कार्यालय के दो कर्मचारियों को वेतन नहीं देगा निगम
जन्म मृत्यु प्रमाणपत्र के लंबित मामलों को लेकर नगर निगम ने पूर्व में एसडीएम दफ्तर के दो कर्मचारियों को निगम से वेतन देने का निर्णय लिया था। मंगलवार को कार्यकारिणी समिति की बैठक में सदस्यों ने कहा कि इन कर्मचारियों के बाद भी लंबित मामलों में कोई कमी नहीं दिख रही है। इसके बाद कार्यकारिणी ने दोनों कर्मचारियों को नगर निगम से वेतन पर रोक लगाने की संस्तुति की। कार्यकारिणी सदस्य ऋषि मोहन वर्मा ने बताया कि जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र में देरी की समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा है। इससे जनता काफी परेशान है।
वर्जन
आधार कार्ड को लेकर जन्म प्रमाण पत्रों के आवेदनों की संख्या बढ़ी है। स्पेलिंग ठीक कराने के मामले भी तेजी से बढ़े हैं जिन्हें जल्द से जल्द निस्तारित किया जा रहा है।
दुर्गेश मिश्रा, अपर नगर आयुक्त