Gorakhpur Weather: ठंड में बढ़ा तापमान...किसान-व्यापारी सभी परेशान
कृषि मौसम विशेषज्ञ सतीश कुमार सिंह का कहना है कि तापमान बढ़ा रहने से गेहूं समेत अन्य रबी की फसल पर असर पड़ रहा है। यह समय गेहूं की फसल के विकास और उसमें कन्ना निकलने का समय है। इसके लिए तापमान 5 से 7 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहना चाहिए।
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सर्दी के मौसम में बढ़ते तापमान से न सिर्फ आमजन परेशान हैं, बल्कि किसान, व्यापारी समेत हर वर्ग की मुश्किलें बढ़ गई हैं। खेतों से नमी गायब है तो किसानों को गेहूं के कम पैदावार की चिंता सताने लगी है। वहीं ठंड नहीं होने से ऊनी कपड़ों का बाजार ठंडा पड़ गया है। गीजर, हीटर और ब्लोअर की दुकानों पर ग्राहक ही नहीं हैं। ऐसे में व्यापारी भी परेशान हैं। उनका कहना है कि दिसंबर में ऐसा मौसम नहीं देखा। अगर सप्ताह भर में ठंड नहीं पड़ी तो भारी नुकसान उठाना पड़ेगा।
लगातार अधिकतम व न्यूनतम तापमान सामान्य से अधिक होने के चलते मौसम शुष्क बना हुआ है। कृषि मौसम वैज्ञानिकों की माने तो रबी की फसल के लिए दिसंबर में न्यूनतम तापमान 5 से 7 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहना चाहिए। जबकि पिछले एक सप्ताह से न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से ऊपर बना हुआ है।
वहीं अधिकतम तापमान 25 से 26 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ है। तापमान में अधिकता का सीधा प्रभाव गेहूं के साथ रबी की अन्य फसल, जौ, सरसों, चना, मटर आदि पर पड़ रहा है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि अगले सप्ताह तक मौसम में बदलाव नहीं आया तो रबी की फसल प्रभावित हो सकती है।
क्या कहते हैं कृषि मौसम विशेषज्ञ
कृषि मौसम विशेषज्ञ सतीश कुमार सिंह का कहना है कि तापमान बढ़ा रहने से गेहूं समेत अन्य रबी की फसल पर असर पड़ रहा है। यह समय गेहूं की फसल के विकास और उसमें कन्ना निकलने का समय है। इसके लिए तापमान 5 से 7 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहना चाहिए। साथ में अधिकतम तापमान भी 20 के नीचे रहना चाहिए। जनवरी के प्रथम सप्ताह में मौसम में बदलाव के आसार हैं। अगर तापमान में गिरावट नहीं आता है तो गेहूं के पैदावार पर इसका सीधा असर पड़ेगा।
मौसम के उतार-चढ़ाव से बच्चे और बुजुर्ग हो रहे बीमार
मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार बुधवार को दिन में अधिकतम तापमान 25.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से तीन डिग्री सेल्सियस अधिक है। वहीं रात का तापमान भी अन्य दिनों की अपेक्षा शुष्क रहा। रात में न्यूनतम तापमान 11.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया जो सामान्य से तीन डिग्री सेल्सियस अधिक रहा। कुछ दिन पहले न्यूनतम तापमान 7.4 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था जबकि न्यूनतम तापमान 23 के आसपास तक था।
कभी ठंड तो कभी मौसम शुष्क होने के चलते शरीर भी एडजेस्ट नहीं कर पा रही है। जिसके चलते बच्चे और बुजुर्ग सर्दी, खांसी जुकाम व बुखार से पीड़ित हो रहे हैं। मौसम विशेषज्ञ शफीक सिद्दकी ने बताया कि अभी मौसम शुष्क बना रहेगा। फिजिसियन डॉ. राजीव जायसवाल ने बताया कि मौसम के उतार-चढ़ाव के साथ हवा में हल्की-हल्की ठंड का अहसास बना हुआ है। जिसके चलते सर्दी, खांसी या बुखार की संभावना बढ़ जाती है।
ऊनी कपड़ों और इलेक्टिक सामान के बाजारों में मंदी
सर्दी के मौसम को देखते हुए व्यापारियों ने ऊनी कपड़ाें और इलेक्टिक सामान का स्टाक लगा रखा है। दिसंबर के अंतिम में भी ठंड नहीं पड़ने से उनकी खरीदारी नहीं बढ़ रही है। सुबह शाम ठंड रहने के चलते लोग स्वेटर से ही अभी काम चला रहे हैं।
ठंड के समय टाउन हॉल मैदान और उसके आसपास सड़कों पर लगे ऊनी कपड़ों की दुकानों पर ग्राहकों की भीड़ लगी रहती थी, लेकिन इन दिनों यहां सन्नाटा पसरा हुआ है। तिब्बत मार्केट, कश्मीरी और लुधियाना मार्केट में बुधवार को दिन में दुकानों पर एकाध लोग कपड़ा देखते दिखाई पड़े। कश्मीर के मंजूर अहमद ने बताया कि वह 12 साल से दुकान लगा रहे हैं। इस बार ग्राहक कम है। जाफरा बाजार निवासी जुफराह ने बताया कि वह लुधियाना से ऊनी कपड़े मंगाकर दुकान लगाते हैं। इस बार बाजार एकदम मंदा है।
रेती चौक पर इलेक्टिक के सामान के विक्रेता राजू रस्तोगी ने बताया कि सर्दी को देखते हुए रूम हीटर, ब्लोअर आदि मंगवाया था। लेकिन खरीदारी एक दम कम है।