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चौरीचौरा घटना पर शोध के जरिए प्रमाणिक जानकारी जुटाएगा डीडीयू, शासन ने दी अहम जिम्मेदारी

Sun, 31 Jan 2021 08:00 PM IST
vivek shukla अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Sun, 31 Jan 2021 08:00 PM IST
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Gorakhpur University will gather authentic information through research on Chauri Chaura incident
चौरीचौरा शताब्दी समारोह - फोटो : अमर उजाला।

चौरीचौरा में पुलिस की गोली से शहीद हुए स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों का दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय प्रमाणिक विवरण जुटाएगा। विश्वविद्यालय शोध छात्रों से इस पर शोध कराएगा। साथ ही पुलिस की गोलीबारी के चलते जनसैलाब द्वारा थाना फूंकने की घटना और पुलिस की ओर से अभियुक्त बनाए स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों की पूरी सूची प्रकाशित करेगा। इसके प्रचार-प्रसार के लिए विश्वविद्यालय प्रदर्शनी भी लगाएगा।

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शासन ने शताब्दी समारोह के तहत विश्वविद्यालय को उच्च शैक्षणिक संस्थानों में व्यापक प्रचार-प्रसार की जिम्मेदारी सौंपी है। अपर मुख्य सचिव मोनिका गर्ग ने पत्र भेजकर शासन की मंशा से अवगत कराया है। जिसमें विश्वविद्यालय से कहा है कि वह चौरीचौरा में शहीद हुए स्वतंत्रता सेनानियों की स्मृति में दीवारों पर म्यूरल बनवाए।
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साथ ही चौरीचौरा की घटनाओं पर आधारित शिल्प एवं शहीदों की मूर्तियां स्थापित कराए। घटना को टेराकोटा, सेरेमिक, सीमेंट, ग्लास, पत्थर, धातु आदि माध्यमों से आकर्षक व स्थायी बनाने की सलाह भी शासन ने विश्वविद्यालय को दी है। इस कार्य में पर्यटन विभाग भी विश्वविद्यालय की मदद करेगा।
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वर्ष भर होगा आयोजन, शासन ने बनाई रूपरेखा

Gorakhpur University will gather authentic information through research on Chauri Chaura incident
DDU Gorakhpur - फोटो : अमर उजाला

चौरीचौरा शताब्दी समारोह के तहत प्रदेश के उच्च शिक्षण संस्थानों में वर्ष भर आयोजन किए जाएंगे। इसके लिए शासन ने कार्ययोजना तैयार की है और उसके मुताबिक कार्य करने का निर्देश संस्थानों को दिया है। कहा गया है कि वह पाक्षिक या मासिक रूप से कई तरह की प्रतियोगिताओं का आयोजन करें।

इसके तहत वाद-विवाद, पेंटिंग, स्लोगन, लेखन, रंगाली, देशभक्ति गीत लेखन, गायन, नाट्य मंचन, शिल्प जैसी रचनात्मक विधाओं की प्रतियोगिताओं का आयोजन कराने को कहा गया है। प्रतियोगिता के विजेताओं को शताब्दी समारोह के समापन कार्यक्रम में मुख्य रूप से आमंत्रित किया जाए।

संगोष्ठी व डॉक्यूमेंट्री फिल्मों का प्रदर्शन होगा
शासन ने उच्च स्तरीय संगोष्ठी के आयोजन का भी निर्देश दिया है। संगोष्ठी का विषय स्वाधीनता संग्राम में हमारा जनपद, स्वाधीनता संग्राम एवं चौरीचौरा, स्वदेशी, स्वावलंबन एवं स्वच्छता, आत्मनिर्भर भारत, आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश और वोकल फॉर लोकल रखा जाए। चौरीचौरा पर आधारित डाक्यूमेंट्री फिल्मों का प्रदर्शन किया जाए। शासन ने इसके लिए संस्थानों को एक्टिविटी कैलेंडर बनाने को कहा है।
 

शोध और संकलन के लिए शासन ने सहेजा

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चौरी-चौरा कांड - फोटो : अमर उजाला
अपर मुख्य सचिव ने राज्य के सभी विश्वविविद्यालयों से कहा है कि वह अपने कार्यक्षेत्र में इतिहास के विभिन्न पहलुओं के अतिरिक्त गांव में प्रचलित वाचिक परंपराओं, गीतों और कहानियों का संकलन कराएं। तत्कालीन समाचार पत्रों और अन्य अभिलेखों को संजोने वालों से हासिल करें।

इससे जुड़े शोध के लिए स्कालरशिप की कार्ययोजना बनाएं। स्वतंत्रता संग्राम के स्थलों, तिथियों और घटनाओं पर वास्तविक लेखन कराने और शताब्दी समारोह के अंत में उसकी प्रस्तुति कराने के लिए भी कहा गया है।

चार फरवरी को होंगी चौरीचौरा पर आधारित प्रस्तुतियां
शासन की ओर से उच्च शिक्षण संस्थानों को जारी पत्र में शताब्दी वर्ष के शुभारंभ अवसर पर विविध कार्यक्रम आयोजन करने का मार्गदर्शन भी दिया गया है। इसके तहत चार फरवरी को संस्थानों में समारोहपूर्वक देशभक्ति गीतों गायन किया जाएगा। नुक्कड़ कार्यक्रमों के माध्यम से चौरीचौरा और स्वतंत्रता संग्राम पर आधारित प्रस्तुतियां की जाएंगी। विश्वविद्यालयों से आयोजन से जुड़ी रूपरेखा तीन फरवरी तक मांगी गई है।

प्रो. हिमांशु बनाए गए नोडल अधिकारी
चौरीचौरा शताब्दी समारोह के तहत गोरखपुर विश्वविद्यालय में आयोजित होने वाले कार्यक्रमों के क्रियान्वयन  की जिम्मेदारी विश्वविद्यालय के इतिहास विभाग के पूर्व अध्यक्ष प्रो. हिमांशु चतुर्वेदी को दी है। कुलपति प्रो राजेश सिंह ने प्रो. हिमांशु को विश्वविद्यालय की ओर से नोडल अधिकारी नामित किया गया है।


 
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