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डीडीयू के कुलपति ने सीएम योगी से की मुलाकात, कहा- 'पूरी दुनिया में गूंजेगी नाथ पंथ की महिमा'
Sun, 25 Oct 2020 10:58 AM IST
vivek shukla
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर।
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Sun, 25 Oct 2020 10:58 AM IST
सार
- गुरु गोरक्षनाथ शोध पीठ को विश्वस्तरीय बनाने के लिए पेश किया रोड मैप
- राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत प्रस्तावित नए केंद्र और संस्थानों की भी दी जानकारी
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गोविवि के कुलपति प्रोफेसर राजेश सिंह व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ।(फाइल)
- फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
गोरखपुर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर राजेश सिंह ने गोरखनाथ मंदिर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की। उन्होंने महायोगी गुरु गोरक्षनाथ शोध पीठ को विश्वस्तरीय बनाने का मसौदा सीएम के समक्ष रखा। कुलपति ने कहा कि नाथ पंथ की महिमा को जन-जन तक पहुंचाया जाएगा। इसी लिहाज से नाथ पंथ पर आधारित इनसाइक्लोपीडिया को तैयार करने का काम तेजी से चल रहा है। जल्द ही यह जनता के बीच होगा। नाथ पंथ पर आधारित इनसाइक्लोपीडिया की पहुंच पूरी दुनिया में होगी।
गोरखनाथ मंदिर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिले कुलपति ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अंतर्गत प्रस्तावित नए सेंटर एवं इंस्टीट्यूट के माध्यम से विश्वविद्यालय में विश्वस्तरीय और रोजगारपरक शिक्षा और सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। कोर्स पूरा करने वाले विद्यार्थियों को रोजगार की तलाश में भटकना नहीं पड़ेगा।
स्नातक, परास्नातक से लेकर पीजी डिप्लोमा और सर्टिफिकेट कोर्स को डिजाइन किया जा रहा है। इनमें थ्योरी के साथ-साथ प्रैक्टिकल पर भी पूरा फोकस होगा ताकि विद्यार्थी केवल किताबी ज्ञान तक ही न सिमट कर रह जाएं। सीएम ने रूपरेखा को समझने के बाद हर संभव मदद का भरोसा दिलाया।
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गोरखनाथ मंदिर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिले कुलपति ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अंतर्गत प्रस्तावित नए सेंटर एवं इंस्टीट्यूट के माध्यम से विश्वविद्यालय में विश्वस्तरीय और रोजगारपरक शिक्षा और सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। कोर्स पूरा करने वाले विद्यार्थियों को रोजगार की तलाश में भटकना नहीं पड़ेगा।
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स्नातक, परास्नातक से लेकर पीजी डिप्लोमा और सर्टिफिकेट कोर्स को डिजाइन किया जा रहा है। इनमें थ्योरी के साथ-साथ प्रैक्टिकल पर भी पूरा फोकस होगा ताकि विद्यार्थी केवल किताबी ज्ञान तक ही न सिमट कर रह जाएं। सीएम ने रूपरेखा को समझने के बाद हर संभव मदद का भरोसा दिलाया।
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आठ सेंटर खोले जाएंगे
कुलपति ने बताया कि विश्वविद्यालय में इंस्टीट्यूट ऑफ मल्टी डिसिप्लिनरी साइंसेज के अंतर्गत आठ सेंटर प्रस्तावित है। इनमें सेंटर जेनेटिक्स एवं बायोइन्फॉर्मेटिक्स, एक्वाकल्चर, बायो रिसोर्सेज एंड क्लाइमेट चेंज, डाटा साइंस एंड इंफॉर्मेशन सिक्योरिटी, फूड टेक्नोलॉजी एंड पैकेजिंग तथा इंस्ट्रूमेंटेशन को शुरू करना प्रस्तावित है। पाठ्यक्रम को लेकर संचालन की रूपरेखा तैयार की जा चुकी है।
गुरु गोरक्षनाथ सेंटर फॉर मीडिया एंड कम्युनिकेशन की मिलेगी सौगात
कुलपति ने बताया कि इंस्टीट्यूट ऑफ फिजिकल एजुकेशन एंड स्पोर्ट्स साइंस, इंस्टीट्यूट ऑफ होटल मैनेजमेंट कैटरिंग एंड टूरिज्म, महायोगी इंस्टीट्यूट ऑफ योगा वेदिक एजुकेशन एंड रिसर्च, सेंटर फॉर डेवलपमेंट स्टडीज, गुरु गोरक्षनाथ सेंटर फॉर मीडिया एंड कम्युनिकेशन, सेंटर फॉर एंटरप्रेन्योरशिप डेवलपमेंट एंड बिजनेस इनक्यूबेशन सेंटर तथा महायोगी गोरक्षनाथ ग्लोबल इंस्टीट्यूट फॉर कल्चरल एंड डेवलपमेंट स्टडीज को राज्य सरकार या केंद्र सरकार की सहायता से और पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप के तहत चलाए जाने की योजना है।
गुरु गोरक्षनाथ सेंटर फॉर मीडिया एंड कम्युनिकेशन की मिलेगी सौगात
कुलपति ने बताया कि इंस्टीट्यूट ऑफ फिजिकल एजुकेशन एंड स्पोर्ट्स साइंस, इंस्टीट्यूट ऑफ होटल मैनेजमेंट कैटरिंग एंड टूरिज्म, महायोगी इंस्टीट्यूट ऑफ योगा वेदिक एजुकेशन एंड रिसर्च, सेंटर फॉर डेवलपमेंट स्टडीज, गुरु गोरक्षनाथ सेंटर फॉर मीडिया एंड कम्युनिकेशन, सेंटर फॉर एंटरप्रेन्योरशिप डेवलपमेंट एंड बिजनेस इनक्यूबेशन सेंटर तथा महायोगी गोरक्षनाथ ग्लोबल इंस्टीट्यूट फॉर कल्चरल एंड डेवलपमेंट स्टडीज को राज्य सरकार या केंद्र सरकार की सहायता से और पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप के तहत चलाए जाने की योजना है।