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Gorakhpur News: डिग्री के साथ रोजगार का हुनर भी सीखेंगे गोरखपुर विश्वविद्यालय के विद्यार्थी
Fri, 11 Sep 2026 02:38 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
Updated Fri, 11 Sep 2026 02:38 AM IST
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- हर विद्यार्थी के लिए अनिवार्य होगा दो-क्रेडिट स्किल कोर्स
गोरखपुर। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों को अब डिग्री के साथ नौकरी और स्वरोजगार के लिए जरूरी हुनर भी सीखने का मौका मिलेगा। विश्वविद्यालय सभी विद्यार्थियों के लिए अनिवार्य दो-क्रेडिट स्किल आधारित कोर्स शुरू करने की तैयारी में है। इससे अलग-अलग संकायों के विद्यार्थियों को अपनी पढ़ाई के साथ डिजिटल दक्षता, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डेटा एनालिटिक्स जैसे रोजगारपरक कौशल सीखने का अवसर मिलेगा।
कुलपति प्रो. केपी सिंह ने अधिकारियों और विभागाध्यक्षों को उद्योगों की मौजूदा जरूरतों के अनुरूप पाठ्यक्रम तैयार करने के निर्देश दिए हैं। उनका जोर ऐसे कौशल विकसित करने पर है जिनका इस्तेमाल विद्यार्थी पढ़ाई पूरी करने के बाद नौकरी, इंटर्नशिप या अपना काम शुरू करने में कर सकें।
नए कोर्स में सिर्फ सैद्धांतिक पढ़ाई के बजाय प्रोजेक्ट और व्यावहारिक प्रशिक्षण कराया जाएगा। विद्यार्थी वास्तविक कार्यस्थल की समस्याओं पर काम कर सकेंगे जिससे उनके आत्मविश्वास और रोजगार क्षमता में बढ़ोतरी की उम्मीद है। पाठ्यक्रम तैयार होने के बाद इसे आगामी शैक्षणिक सत्र से लागू करने की तैयारी है।
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गोरखपुर। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों को अब डिग्री के साथ नौकरी और स्वरोजगार के लिए जरूरी हुनर भी सीखने का मौका मिलेगा। विश्वविद्यालय सभी विद्यार्थियों के लिए अनिवार्य दो-क्रेडिट स्किल आधारित कोर्स शुरू करने की तैयारी में है। इससे अलग-अलग संकायों के विद्यार्थियों को अपनी पढ़ाई के साथ डिजिटल दक्षता, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डेटा एनालिटिक्स जैसे रोजगारपरक कौशल सीखने का अवसर मिलेगा।
कुलपति प्रो. केपी सिंह ने अधिकारियों और विभागाध्यक्षों को उद्योगों की मौजूदा जरूरतों के अनुरूप पाठ्यक्रम तैयार करने के निर्देश दिए हैं। उनका जोर ऐसे कौशल विकसित करने पर है जिनका इस्तेमाल विद्यार्थी पढ़ाई पूरी करने के बाद नौकरी, इंटर्नशिप या अपना काम शुरू करने में कर सकें।
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नए कोर्स में सिर्फ सैद्धांतिक पढ़ाई के बजाय प्रोजेक्ट और व्यावहारिक प्रशिक्षण कराया जाएगा। विद्यार्थी वास्तविक कार्यस्थल की समस्याओं पर काम कर सकेंगे जिससे उनके आत्मविश्वास और रोजगार क्षमता में बढ़ोतरी की उम्मीद है। पाठ्यक्रम तैयार होने के बाद इसे आगामी शैक्षणिक सत्र से लागू करने की तैयारी है।
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