फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gorakhpur News ›   Gorakhpur University Four directors changed in two and a half years for first time VC is determined

गोरखपुर विश्वविद्यालय: ढाई साल में चार नियंता बदले, पहली बार वीसी से है ठनी

Thu, 27 Apr 2023 10:45 AM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Thu, 27 Apr 2023 10:45 AM IST
सार

 प्रो. प्रसाद का कहना है कि दबाव बनाकर छात्रों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने को कुलपति ने कहा। एक बार मैंने करा दिया। लेकिन, बार-बार ऐसा करने पर मना कर दिया तो अमर्यादित व्यवहार पर उतर गए।

विज्ञापन
Gorakhpur University Four directors changed in two and a half years for first time VC is determined
DDU Gorakhpur - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय में नियंता प्रो. गोपाल प्रसाद के इस्तीफे से परिसर में का माहौल गर्म है। पिछले ढाई साल में कोई भी नियंता अपना कार्यकाल पूरा नहीं कर पाया है। इस दौरान चार नियंता बनाए गए हैं और दो ने तबीयत का हवाला देकर इस्तीफा दे दिया था। लेकिन, पहली बार प्रो. गोपाल प्रसाद ने विरोध का सुर मुखर किया है। कुलपति प्रो. राजेश सिंह से उनकी ठन गई है। विवि प्रशासन ने जैसे जांच कराने की बात कही तो प्रो. प्रसाद ने जरूरत पड़ने पर बड़े खुलासे की बात कहकर पलटवार किया है।

विज्ञापन


विश्वविद्यालय में कुलपति के कार्यकाल में सबसे पहले नियंता प्रो. सतीश चंद्र पांडेय थे। छह महीने बाद ही उन्हें हटा दिया गया। इसके बाद प्रो. प्रदीप यादव को नियंता बनाया गया। लेकिन, छह महीने के बाद प्रो. यादव ने तबीयत खराब होने का हवाला देकर इस्तीफा दे दिया। इसके बाद फिर से प्रो. सतीश चंद्र पांडेय को नियंता की कमान दे दी गई।
विज्ञापन


इसे भी पढ़ें: गोरखपुर में भाजपा के पक्ष में माहौल बनाने आएंगे सीएम योगी, करेंगे जनसभा
विज्ञापन
विज्ञापन



नवंबर 2022 में प्रो. पांडेय ने भी खराब तबीयत की बात कहकर इस्तीफा दे दिया। इसके बाद कुलपति के निर्देश पर पांच नवंबर 2022 को प्रो. गोपाल प्रसाद को नियंता बनाया गया। प्रो. प्रसाद से बीते दिनों कुलपति की ठन गई।

प्रो. प्रसाद का कहना है कि दबाव बनाकर छात्रों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने को कुलपति ने कहा। एक बार मैंने करा दिया। लेकिन, बार-बार ऐसा करने पर मना कर दिया तो अमर्यादित व्यवहार पर उतर गए। प्रो. प्रसाद का कहना है कि कुलपति प्री-पीएचडी के मामले में पुलिस के खिलाफ इस्तेगाशा का दबाव बना रहे थे। वहीं, अंदरखाने की खबर है कि शिक्षकों में भी इस घटना को लेकर आक्रोश उपज रहा है।
 

जरूरत पड़ी तो जल्द ही बड़े खुलासे करूंगा : प्रो. गोपाल प्रसाद

Gorakhpur University Four directors changed in two and a half years for first time VC is determined
प्रो गोपाल प्रसाद, पूर्व नियंता गोरखपुर विश्वविद्यालय - फोटो : अमर उजाला।

गोरखपुर विश्वविद्यालय के राजनीति शास्त्र के वरिष्ठ प्रोफेसर और पूर्व नियंता प्रो. गोपाल प्रसाद ने उनके खिलाफ विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा जांच कराए जाने को सरासर गलत करार दिया है। जांच और नोटिस पर चेतावनी दी है कि यदि जरूरत पड़ी तो जल्द ही बड़े खुलासे करूंगा।

उन्होंने कहा कि मेरे पद पर रहते हुए सब ठीक था। पद छोड़ते ही जांच और नोटिस थमा दिया गया। पद पर रहते हुए मैंने अपने दायित्वों का निर्वहन किया, यह नोटिस और जांच उसी का रिवार्ड है। उन्होंने प्रशासन के बजाय मीडिया को इस्तीफा भेजने के सवालों पर कहा कि मैंने कुलपति को व्हाट्सएप और ईमेल से अपना इस्तीफा भेजा था। उसके बाद उनके पीए को भेजा था। मंगलवार को मैंने दोपहर में इस्तीफे की हार्डकॉपी कुलपति कार्यालय में रिसीव करा दी थी। जब मैं दर्शनशास्त्र का विभागाध्यक्ष ही नहीं था तो मैं मीटिंग में क्यों जाता? मंगलवार को मेरी तबीयत ठीक नहीं लग रही थी, इसलिए सीएल लिया था।


 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed