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गोरखपुर विश्वविद्यालय: 16 स्ववित्तपोषित पाठ्यक्रमों में हुई है फीस वृद्धि, सात में कम करने का दावा

Fri, 28 Jul 2023 02:36 PM IST
vivek shukla संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर।
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Fri, 28 Jul 2023 02:36 PM IST
सार

विवि प्रशासन का दावा है कि नियमित पीएचडी की फीस में मामूली वृद्धि की गई है। बीए, बीएससी, बीकॉम में गोरखपुर विश्वविद्यालय द्वारा ली जारी रही 2598 रुपये फीस लखनऊ विश्वविद्यालय, अवध विश्वविद्यालय, वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय से कम है।

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Gorakhpur University Fees have been increased in 16 self-financed courses
DDU Gorakhpur - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

गोरखपुर विश्वविद्यालय प्रशासन के मुताबिक वर्तमान में विश्वविद्यालय एवं संबद्ध महाविद्यालयों में कुल 2,16,662 विद्यार्थी पंजीकृत हैं। महाविद्यालयों के 2,03,101 विद्यार्थी फीस वृद्धि से प्रभावित नहीं हैं। विश्विद्यालय परिसर में कुल विद्यार्थियों की संख्या 13,561 है, जिसमें मात्र 1585 ही स्ववित्तपोषित पाठ्यक्रमों में अध्ययन कर रहे हैं। सिर्फ 16 पाठ्यक्रमों में शुल्क वृद्धि की गई है। 7 में फीस कम की गई है।
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74 पाठ्यक्रमों में फीस में किसी भी प्रकार का बदलाव नहीं किया गया है। विवि प्रशासन ने कहा है कि छात्र-छात्राएं निर्धारित तिथि के अंदर फीस जमा कर अपना दाखिला करा लें। यदि किसी विद्यार्थी को फीस संबंधित कोई आपत्ति हो तो वह विश्वविद्यालय प्रसाशन को अवगत कराए। उनकी आपत्ति को वित्त समिति के समक्ष रखा जाएगा।
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नियमित पाठ्यक्रमों में मामूली वृद्धि का दावा
विवि प्रशासन का दावा है कि नियमित पीएचडी की फीस में मामूली वृद्धि की गई है। बीए, बीएससी, बीकॉम में गोरखपुर विश्वविद्यालय द्वारा ली जारी रही 2598 रुपये फीस लखनऊ विश्वविद्यालय, अवध विश्वविद्यालय, वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय से कम है। कई स्ववित्तपोषित पाठ्यक्रमों का शुल्क भी अन्य विवि की तुलना में कम है।
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एमबीए की फीस 53319 रुपये व बीबीए की 27598 रुपये प्रति सेमेस्टर
एमबीए प्रोग्राम में फीस वृद्धि के बाद 53319 रुपये व बीबीए में वृद्धि के बाद फीस 27598 रुपये प्रति सेमेस्टर है। इसी प्रकार रेगुलर पीएचडी प्रोग्राम में 20111 रुपये फीस ली जा रही है। पार्ट टाइम पीएचडी प्रोग्राम की फीस 56,111 रुपये है।

 

प्रशासनिक भवन में अब बिना पास के नहीं मिलेगा प्रवेश

दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के प्रशासनिक भवन में अब बिना पास प्रशासनिक भवन के अधिकारियों-कर्मचारियों के अलावा किसी अन्य को इंट्री नहीं मिलेगी। अगले दो-तीन दिनों में इसे लागू किया जा सकता है। विश्वविद्यालय परिसर में सुबह-शाम टहलने वालों को भी पास बनवाना होगा।

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गोविवि में चल रहे बवाल के बीच बृहस्पतिवार की देर रात कुलपति आवास पर कुलपति की अध्यक्षता में नियंता मंडल की बैठक में इस पर निर्णय लिया गया। बताते हैं कि अब प्रशासनिक भवन के अलावा किसी भी दूसरे विभाग के शिक्षकों-कर्मचारियों को भी आने पर उसका कारण बताना होगा। विभिन्न कॉलेजों के प्रबंधक या प्राचार्यों को प्रशासनिक भवन न आना पड़े, इसके लिए जरूरी उपाय करने की योजना बनाने का निर्णय लिया गया। ये सारी व्यवस्थाएं पिछले दिनों प्रशासनिक भवन में हुए बवाल को देखते हुए की जा रही हैं।

बेतहाशा फीस वृद्धि पर छात्रों को भ्रमित कर रहें कुलपति- हरिदेव

गोरखपुर विश्वविद्यालय प्रशासन की तरफ से शुल्क वृद्धि को लेकर की गई बैठक पर एबीवीपी गोरक्ष प्रांत संगठन मंत्री हरिदेव ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि गोरखपुर विश्वविद्यालय प्रशासन शुल्क वृद्धि को लेकर छात्रों को भ्रमित कर रहा है।

विश्वविद्यालय में ग्रामीण क्षेत्रों के गरीब, किसान परिवार के छात्र शिक्षा ग्रहण करने के लिए आते हैं। एबीवीपी विश्वविद्यालय में हुए मनमाने ढंग से शुल्क वृद्धि के कारण उन गरीब छात्रों की शिक्षा रुकने नहीं देगी। छात्रशक्ति के हित में एबीवीपी का आंदोलन निरंतर जारी रहेगा।




 
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