फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gorakhpur News ›   Gorakhpur University coming days will able to keep mobile phone in pocket like hanky

आने वाले दिनों में रुमाल जैसे मोड़ कर जेब में रख सकेंगे मोबाइल फोन, जानिए कैसे

Sun, 20 Dec 2020 11:07 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर। Published by: गोरखपुर ब्यूरो Updated Sun, 20 Dec 2020 11:07 AM IST
विज्ञापन
Gorakhpur University coming days will able to keep mobile phone in pocket like hanky
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay
आने वाले समय में मोबाइल फोन को रुमाल की तरह मोड़ कर जेब में रख सकेंगे। इस दौरान मोबाइल की स्क्रीन भी नहीं टूटेगी। जरूरत पड़ी तो उसका आकार भी बड़ा किया जा सकेगा। इस पर रिसर्च एडवांस स्टेज पर है। यह बातें सीएसआईआर भोपाल के मुख्य वैज्ञानिक डॉ. मनोज गुप्ता ने कहीं।
विज्ञापन


वह शनिवार को दीन दयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालयय के फिजिक्स विभाग की ओर से आयोजित फ्यूचरिस्टिक मैटेरियल पर आयोजित सेमिनार के दूसरे दिन बोल रहे थे। इलेक्ट्रिक नैनो मैटेरियल्स आधारित नैनोजेनरेटर्स के बारे में उन्होंने बताया कि मोबाइल फोन का आकार छोटा करने में बैट्री सबसे बड़ी बाधा थी। इसे दूर कर लिया गया है।
विज्ञापन


पीजो नैनोमैटेरियल आकार में छोटे, मुड़ने वाले और पारदर्शी होते हैं। आईआईटी कानपुर के प्रो. अंजन गुप्ता ने ग्रेफीन में सिलिकॉन की असंगतता पर जानकारी दी। कहा कि सिलिकॉन को लेकर कई प्रयोग किए गए। यह सफल रहे हैं। सिलिकॉन पार्टिकल से मोबाइल की बैटरी का आकार और छोटा हो जाएगा। आने वाले दिनों में छोटे आकार की बैटरी से लंबे समय तक फोन चलेंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन


विश्वविद्यालय के भौतिक विज्ञान विभाग के डॉ. सचिन कुमार सिंह ने द्रव क्रिस्टल पदार्थों पर चर्चा की। बताया कि एलईडी स्क्रीन से आंखों पर दबाव अधिक पड़ रहा है। इस खामी को लिक्विड क्रिस्टल मैटेरियल से दूर किया जा सकता। यह आंखों पर दुष्प्रभाव नहीं डालेंगे। दक्षिण कोरिया की प्रो. सादिया अमीन ने ड्राई डिग्रेडेशन एवं ट्रेस मेटल आयन डिटेक्शन पर, शारदा विश्वविद्यालय के प्रो. पीके सिंह ने नैनो पदार्थों एवं सोलर सेल पर व्याख्यान प्रस्तुत किया।

चेक गणराज्य के भौतिक विज्ञानी प्रो. कुमुदबंधु मिश्र ने फोटो सिंथेसिस, सऊदी अरब के प्रो. एसए सिद्दीकी का मोलेक्युलर डायोड, लखनऊ विश्वविद्यालय के डॉ. अनार सिंह का हेटेरोस्ट्रक्चर्स तथा एनआईटी पटना के डॉ. डीके महतो ने पराऑक्साइड पर चर्चा की। विशेष सत्र में बायोविया के डॉ. आर कावाथेकर ने मैटेरियल्स स्टूडियो द्वारा कंप्यूटेशनल मैटेरियल्स साइंस पर जानकारी साझा की।


इसकी अध्यक्षता लखनऊ विश्वविद्यालय के प्रो. नीरज मिश्र ने की। विभिन्न सत्रों में प्रो. रविशंकर सिंह, प्रो. दिनेश यादव, प्रो. उमेश यादव, प्रो. राकेश तिवारी, प्रो. वीके पांडेय, प्रो. शरद मिश्र, प्रो. सुग्रीव नाथ तिवारी, प्रो. शांतनु रस्तोगी और डॉ. अंबरीश श्रीवास्तव मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed