DDU: गोरखपुर विश्वविद्यालय प्रशासन ने दिया एनसी छात्रावास खाली करने का आदेश, अभी रह रहे हैं 61 विद्यार्थी
विश्वविद्यालय मीडिया सेल से जारी बयान के मुताबिक संतकबीर छात्रावास, गौतम बुद्धा छात्रावास, विवेकानंद छात्रावास, अलकनंदा छात्रावास और रानी लक्ष्मीबाई छात्रावास में रहने वाले विद्यार्थियों को एक सप्ताह में अगली कक्षा के रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया को पूरा कराने के साथ छात्रावास आवंटन के लिए आवेदन करना होगा।
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दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय प्रशासन के नाथ चंद्रावत (एनसी) छात्रावास को खाली करने का निर्देश जारी किया है। बृहस्पवितार को वार्डेन एसके सिंह के निर्देश को चस्पा कर दिया गया है। छात्रावास में 61 विद्यार्थी रह रहे हैं।
बृहस्पतिवार को कुलपति प्रो. राजेश सिंह की मौजूदगी में सभी वार्डेन और अधिष्ठाता छात्र कल्याण की बैठक हुई, जिसमें यह निर्णय लिया गया कि सभी विद्यार्थियों को जल्द से जल्द आईडी कार्ड जारी किया जाएगा। परिसर के अंदर सिर्फ आईडी कार्ड दिखाने पर ही विद्यार्थियों को प्रवेश मिलेगा। नाथ चंद्रावत छात्रावास में रहने वाले विद्यार्थियों को दूसरे छात्रावास में जाने को कहा गया है।
70 विद्यार्थियों को पहले ही नए छात्रावास में शिफ्ट कराया गया है। बीए एलएलबी के 16 विद्यार्थियों को विवेकानंद छात्रावास और अन्य छात्रों को संत कबीर छात्रावास में रहने को कहा गया है। छात्रावास में अवैध रूप से रहने वालों पर मुकदमा दर्ज कराया जाएगा। अगर, कोई विश्वविद्यालय का छात्र वहां निवास कर रहा है तो उसे निष्कासित किया जाएगा। परिसर और छात्रावास के अंदर बाहरी लड़कों का प्रवेश पूरी तरह से प्रतिबंधित होगा।
सप्ताह भर में कराना है अगली कक्षा में रजिस्ट्रेशन
विश्वविद्यालय मीडिया सेल से जारी बयान के मुताबिक संतकबीर छात्रावास, गौतम बुद्धा छात्रावास, विवेकानंद छात्रावास, अलकनंदा छात्रावास और रानी लक्ष्मीबाई छात्रावास में रहने वाले विद्यार्थियों को एक सप्ताह में अगली कक्षा के रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया को पूरा कराने के साथ छात्रावास आवंटन के लिए आवेदन करना होगा। छात्रावास का शुल्क जमा कराना होगा। जो ऐसा नहीं करेंगे, उनके खिलाफ विश्वविद्यालय की ओर से कार्रवाई की जाएगी। छात्रावास के कमरों में बाहरी लोगों को प्रवेश करने या रहने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
कौन रहता था कमरा नंबर 131 में
नाथ चंद्रावत के 131 नंबर कमरा किसी आवंटित नहीं है। ऐसे में सवाल यह उठता है कि उस कमरे में कौन रहता था? कमरे में रहने की इजाजत कब और किसने दी? आगजनी करने वाले छात्रों के गुट ने उसी कमरे को टारगेट पर क्यों रखा?
यह नोटिस चस्पा किया गया
वार्डेन एसके सिंह की ओर से नोटिस चस्पा किया गया है। जिसमें कहा गया है कि एनसी छात्रावास में रह रहे छात्र तत्काल कमरा छोड़कर दूसरे छात्रावास में चले जाएं, जहां उन्हें रहने को कहा गया है। ऐसा न करने वालों के खिलाफ विधिक कार्रवाई की जाएगी।