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एसटीएफ को मिली सफलता: 5.72 किलोग्राम चरस के साथ बिहार का युवक गिरफ्तार, बुलेट प्रूफ जैकेट जैसे बनियान में छिपाई थी चरस
Sun, 05 Dec 2021 02:26 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Sun, 05 Dec 2021 02:26 PM IST
सार
एसटीएफ की गोरखपुर इकाई ने हुसैन अंसारी को गिरफ्तार करके कैंट थाने में केस दर्ज कराया। चरस लेकर आरोपी कानपुर जा रहा था।
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आरोपी हुसैन अंसारी।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
एसटीएफ की गोरखपुर इकाई ने शनिवार को रेलवे रोडवेज स्टेशन से पांच किलो 72 ग्राम चरस के साथ बेतिया पश्चिमी चंपारण बिहार के ग्राम गवनहा निवासी हुसैन अंसारी को गिरफ्तार कर लिया। चरस की कीमत 50 लाख रुपये बताई जा रही है।
हुसैन के खिलाफ कैंट थाने में एनडीपीएस एक्ट के तहत केस दर्ज कराया गया है। एसटीएफ के मुताबिक, हुसैन अंसारी चरस लेकर कानपुर जा रहा था। झकरकट्टी बस स्टेशन पर पीर मोहम्मद व उसके बेटे महसूद को चरस देनी थी। पीर मोहम्मद बस स्टेशन के आसपास ही रहता है। हुसैन अंसारी ने एसटीएफ को बताया कि वह पहले भी दोनों को चरस की आपूर्ति कर चुका है।
अब एसटीएफ एक-एक कड़ी तलाशने में जुट गई है। कानपुर के खरीदारों तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है। जानकारी के मुताबिक, एसटीएफ को चरस सप्लाई की सूचना मिली थी। इसी आधार पर प्रभारी निरीक्षक सत्य प्रकाश सिंह व दरोगा आलोक राय ने टीम के साथ घेराबंदी कर दी। पहले से मिली सूचना के मुताबिक ही आरोपित हुसैन अंसारी रेलवे रोडवेज बस स्टेशन पहुंच गया। वह रोडवेज की बस से कानपुर जाने की फिराक में था, लेकिन दबोच लिया गया। एसटीएफ के मुताबिक, इस गिरोह के सदस्य मुंबई, चेन्नई, अहमदाबाद व कानपुर सहित कई बड़े शहरों में चरस की खेप पहुंचाते हैं। आरोपी के पास से चरस के अलावा मोबाइल फोन, दो सिमकार्ड सहित तमाम दस्तावेज बरामद किए गए हैं।
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हुसैन बिहार के नरकटियागंज से बस पर सवार होकर गोरखपुर पहुंचा था। एसटीएफ गोरखपुर इकाई के प्रभारी निरीक्षक सत्यप्रकाश सिंह ने बताया कि हुसैन अंसारी का भाई हसन अंसारी भी चरस तस्करी में गिरफ्तार किया जा चुका है। वह जेल में बंद है।
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हुसैन के खिलाफ कैंट थाने में एनडीपीएस एक्ट के तहत केस दर्ज कराया गया है। एसटीएफ के मुताबिक, हुसैन अंसारी चरस लेकर कानपुर जा रहा था। झकरकट्टी बस स्टेशन पर पीर मोहम्मद व उसके बेटे महसूद को चरस देनी थी। पीर मोहम्मद बस स्टेशन के आसपास ही रहता है। हुसैन अंसारी ने एसटीएफ को बताया कि वह पहले भी दोनों को चरस की आपूर्ति कर चुका है।
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अब एसटीएफ एक-एक कड़ी तलाशने में जुट गई है। कानपुर के खरीदारों तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है। जानकारी के मुताबिक, एसटीएफ को चरस सप्लाई की सूचना मिली थी। इसी आधार पर प्रभारी निरीक्षक सत्य प्रकाश सिंह व दरोगा आलोक राय ने टीम के साथ घेराबंदी कर दी। पहले से मिली सूचना के मुताबिक ही आरोपित हुसैन अंसारी रेलवे रोडवेज बस स्टेशन पहुंच गया। वह रोडवेज की बस से कानपुर जाने की फिराक में था, लेकिन दबोच लिया गया। एसटीएफ के मुताबिक, इस गिरोह के सदस्य मुंबई, चेन्नई, अहमदाबाद व कानपुर सहित कई बड़े शहरों में चरस की खेप पहुंचाते हैं। आरोपी के पास से चरस के अलावा मोबाइल फोन, दो सिमकार्ड सहित तमाम दस्तावेज बरामद किए गए हैं।
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हुसैन बिहार के नरकटियागंज से बस पर सवार होकर गोरखपुर पहुंचा था। एसटीएफ गोरखपुर इकाई के प्रभारी निरीक्षक सत्यप्रकाश सिंह ने बताया कि हुसैन अंसारी का भाई हसन अंसारी भी चरस तस्करी में गिरफ्तार किया जा चुका है। वह जेल में बंद है।