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सावधानी: पाकिस्तान के नंबरों से 'डिजिटल अरेस्ट' कर रहे जालसाज, जानिए किससे शुरू होते हैं ये मोबाइल नंबर

Wed, 13 Nov 2024 04:09 PM IST
रोहित सिंह अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर Published by: रोहित सिंह Updated Wed, 13 Nov 2024 04:09 PM IST
सार

साइबर अपराध थाने की पुलिस का कहना है कि लोगों को वीडियो कॉल रिसीव करते समय बहुत सावधानी बरतनी चाहिए। +92 से शुरू होने वाले नंबरों से आने वाली कॉल कतई रिसीव नहीं करनी चाहिए। ये पाकिस्तान से आने वाले नंबर का कोड है। डिजिटल अरेस्ट के मामले में ऐसे ही नंबरों के इस्तेमाल हो रहे हैं।

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Gorakhpur SP Crime told precautions regarding digital arrest, numbers start with +92
डिजिटल अरेस्ट। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

शहर में डिजिटल अरेस्ट के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। पुलिस का हुलिया धारण कर जालसाज वीडियो कॉल पर धमकी देकर रुपये वसूल रहे हैं। लोग डरकर जालसाजों के चंगुल में फंस रहे हैं। साइबर अपराध थाने की पुलिस का कहना है कि लोगों को वीडियो कॉल रिसीव करते समय बहुत सावधानी बरतनी चाहिए।

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+92 से शुरू होने वाले नंबरों से आने वाली कॉल कतई रिसीव नहीं करनी चाहिए। ये पाकिस्तान से आने वाले नंबर का कोड है। डिजिटल अरेस्ट के मामले में ऐसे ही नंबरों के इस्तेमाल हो रहे हैं।
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अभी हाल ही में मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (एमएमएमयूटी) में पढ़ने वाली छात्रा को डिजिटल अरेस्ट कर जालसाजों ने 38 हजार 132 रुपये ले लिए। इसी तरह कई मामले और भी यहां डिजिटल अरेस्ट के आ चुके हैं।
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डर गई थी छात्रा, इसलिए फंस गई
एमएमएमयूटी की छात्रा के साथ 10 अक्तूबर को कॉल आई थी। छात्रा ने बताया कि कॉल करने वाले कई ऐसी चीजें भी बताई, जो सही थीं, जिसे केवल मैं जानती थी। उन बातों की जानकारी न जाने कैसे जालसाजों को भी हो गई। वर्दी पहनकर सामने वही बातें कोई पुलिस कर्मी बोलने लगा तो मैं डर गई। डरकर उसके जाल में फंस गई। उसने बोला कि हैदराबाद में केस दर्ज हो गया है। तब मुझे अपने भविष्य की चिंता होने लगी।

Gorakhpur SP Crime told precautions regarding digital arrest, numbers start with +92
डिजिटल अरेस्ट कर की ठगी। - फोटो : amar ujala
समय पर पहुंचकर पत्नी को बचा लिया
सितंबर माह में तिवारीपुर इलाके में एक महिला को जालसाजों ने डिजिटल अरेस्ट कर लिया था। पति कमलनाथ तिवारी ने बताया कि मैंने समय पर पहुंचकर पत्नी को जालसाजी से बचा लिया। उन्होंने बताया कि पत्नी कोरियर से सामान हमेशा मंगाती थी। जालसाज ने मादक पदार्थ पकड़े जाने का डर दिखाकर पत्नी को जाल में फंसा लिया था। पत्नी ने मुझसे मां के इलाज के नाम पर 50 हजार रुपये भी मांगे थे। तब मुझे शक हुआ और समय पर घर पहुंच गया।

इस तरह से करें बचाव
एसपी क्राइम सुधीर जायसवाल ने बताया कि डिजिटल अरेस्ट कभी पुलिस नहीं करती है। स्काइप के जरिए आने वाली कॉल कभी रिसीव नहीं करनी चाहिए। स्काइप के जरिए मुफ्त में वॉयस और वीडियो कॉल कर सकते हैं, इसका जालसाज फायदा उठाते हैं।

कोई भी अंजान नंबर से वीडियो कॉल रिसीव करने से पहले अपना फ्रंट कैमरा तुंरत बंद कर दें। बात ध्यान से सुनें। इसके बाद नजदीकी थाने पर भी सूचना दें। साथ ही उस नंबर को बंद कराने के लिए चक्षु एप पर शिकायत दर्ज कराएं। इससे उस नंबर को दोबारा जालसाज इस्तेमाल नहीं कर पाएंगे।
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