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नई शिक्षा नीति: दसवीं और बारहवीं की सनद सीधे शिक्षा मंत्रालय से होगी जारी, बनेगा नया विभाग
Sun, 08 Aug 2021 02:41 AM IST
vivek shukla
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Sun, 08 Aug 2021 02:41 AM IST
सार
नई शिक्षा नीति के अंतर्गत वर्ष 2023 से लागू होगी नई व्यवस्था, शिक्षा मंत्रालय में बनेगा नया विभाग, केंद्रीय कृत रूप से हो सकते बोर्ड विद्यार्थियों के रिकार्ड की निगरानी।
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सांकेतिक तस्वीर।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
दसवीं और बारहवीं की परीक्षाएं दो अलग अलग बोर्ड से एक साथ देने वाले विद्यार्थियों पर लगाम कसने के लिए शिक्षा मंत्रालय ने बड़ा फैसला लिया है। इसके अंतर्गत वर्ष 2023 से विद्यार्थियों की केवल मार्कशीट ही राज्य सरकार और संबंधित बोर्ड जारी करेंगे। सनद के लिए शिक्षा मंत्रालय में एक विभाग बनाया जाएगा जो इससे जुड़ी कार्रवाई को पूरा करेगा।
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नई शिक्षा नीति के तहत इसका प्रावधान किया गया है। इसका मकसद देश भर के राज्य स्तरीय बोर्ड और केंद्रीय बोर्ड को एक छत के नीचे लाना है। ताकि एक ही प्लेटफार्म से दोनों की केंद्रीय कृत निगरानी की जा सके। फर्जीवाड़ा को रोकने के लिए सनद को आधार कार्ड से भी लिंक किया जाएगा। वर्तमान व्यवस्था के अंतर्गत विद्यार्थियों की ओर से एक साथ दो-दो बोर्ड से दसवीं और बारहवीं में पंजीकरण कराए जाने की शिकायतें शिक्षा मंत्रालय को लगातार मिल रही थीं।
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कई बार दो जगह से आवेदन करने के फेर में विद्यार्थी फर्जी बोर्ड के चंगुल में भी फंस जा रहे थे। जिसके बाद से बोर्ड ने सनद जारी करने की प्रक्रिया में बदलाव किया है। वर्तमान व्यवस्था के अंतर्गत सीबीएसई, सीआईएससीई, यूपी बोर्ड से दसवीं और बारहवीं की परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले विद्यार्थियों को राज्य सरकार और संबंधित बोर्ड की ओर से मार्कशीट और सनद प्रदान की जाती है।
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गोरखपुर स्कूल एसोसिएशन के अध्यक्ष अजय शाही ने कहा कि नई शिक्षा नीति के अंतर्गत शिक्षा मंत्रालय ऐसा विभाग बनाने जा रहा है, जिसके अंतर्गत राज्य और केंद्र सरकार से संचालित होने वाले बोर्ड की सनद नए विभाग की ओर से जारी की जाएगी। मार्कशीट पुराने पैर्टन के मुताबिक ही मिलेगी।