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उप्र शिक्षा सेवा चयन आयोग: गोरखपुर की प्रोफेसर कीर्ति पांडेय बनीं अध्यक्ष, 13 लाख युवाओं का खत्म होगा इंतजार
Sun, 01 Sep 2024 03:12 PM IST
रोहित सिंह
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर
Published by: रोहित सिंह
Updated Sun, 01 Sep 2024 03:12 PM IST
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प्रोफेसर कीर्ति पांडेय
- फोटो : अमर उजाला
प्रदेश में बेसिक से माध्यमिक व उच्च शिक्षा विभाग (प्राविधिक को छोड़कर) में शिक्षकों की भर्ती के पिछले साल गठित उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग में अध्यक्ष की तैनाती के साथ ही 5000 से अधिक शिक्षको की भर्ती का रास्ता भी साफ हो गया है। प्रदेश में टीजीटी, पीजीटी के 4100 से अधिक व प्रवक्ता, असिस्टेंट प्रोफेसर के 1000 से अधिक पदों पर भर्ती के लिए अलग अलग आवेदन लिया जा चुका है।
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दोनों भर्ती के लिए 13 लाख से अधिक आवेदन आए हैं। किंतु अधिनस्थ सेवा चयन बोर्ड व उच्च शिक्षा सेवा चयन आयोग में अध्यक्ष व सदस्य की तैनाती न होने से भर्ती प्रक्रिया नहीं पूरी हो पा रही थी। अब यह भर्ती गति पकड़ेगी।
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चिकित्सा क्षेत्र से जुड़ा है प्रो. कीर्ति का पूरा परिवार
प्रो. कीर्ति पांडेय का मायका गोरखपुर के कैंपियरगंज में है, लेकिन परिवार के सभी लोग शहर में जटेपुर उत्तरी कॉलोनी में रहते हैं। उनकी ससुराल देवरिया जिले के रुद्रपुर क्षेत्र के खोखर गांव में है। उनके पति डॉ. राजेश पांडेय स्वास्थ्य विभाग में ज्वाइंट डायरेक्टर रह चुके हैं। उनके तीनों बेटे भी डॉक्टर हैं।
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प्रो. कीर्ति का लंबा है प्रशासनिक अनुभव
प्रो. कीर्ति का लंबा प्रशासनिक अनुभव है। वह जून 2023 से डीडीयू में डीन आर्ट्स हैं। वर्ष 2011-14 तक वह समाजशास्त्र की विभागाध्यक्ष रहीं। वर्ष 2015 से 2017 तक वह डीडीयू स्थित यूजीसी-एचआरडीसी की निदेशक रहीं। अक्तूबर 2021 में उन्हें भारत सरकार की ओर से तीन साल के लिए नाथ ईस्टर्न हिल यूनिवर्सिटी, शिलांग का विजिटर्स नॉमिनी नियुक्त किया गया था।
प्रोफेसर कीर्ति पांडेय
- फोटो : अमर उजाला
वहां इसी महीने उनका कार्यकाल पूरा होगा। प्रो. कीर्ति राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय फैजाबाद, महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ वाराणसी, बुंदेलखंड विश्वविद्यालय झांसी और सिद्धार्थ विश्वविद्यालय कपिलवस्तु के बोर्ड ऑफ स्टडीज की सदस्य रही हैं।
महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ और आरएमएल अवध यूनिवर्सिटी में से रिसर्च डिग्री समिति की भी सदस्य रह चुकी हैं। इसके अलावा महारानी लक्ष्मीबाई छात्रावास का वह लंबे समय तक वार्डेन भी रहीं। प्रो. कीर्ति पाण्डेय की विशेषज्ञता ''इंडियन सोसाइटी एंड कल्चर'' है। इस पर उन्होंने काफी काम भी किया है। सोशियोलॉजी ऑफ डेवलपमेंट उनका पसंदीदा क्षेत्र है।
प्राथमिक से उच्चतर शिक्षा तक नियुक्ति करेगा आयोग
उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग बेसिक और माध्यमिक से लेकर एडेड महाविद्यालयों तक में शिक्षक भर्ती करेगा। पहले इसके लिए अलग-अलग आयोग होते थे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर एकीकृत शिक्षक भर्तियां करने के लिए उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग का अधिनियम 23 अगस्त 2023 को बनाया गया।
इसमें एक अध्यक्ष और 12 सदस्यों के पद सृजित किए गए थे। पूर्णकालिक अध्यक्ष की नियुक्ति होने तक एमपी अग्रवाल को कार्यवाहक अध्यक्ष का प्रभार दिया गया था। लंबे समय बाद उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग को अपना पहला पूर्णकालिक अध्यक्ष मिलने पर युवाओं में भी उत्साह है।
महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ और आरएमएल अवध यूनिवर्सिटी में से रिसर्च डिग्री समिति की भी सदस्य रह चुकी हैं। इसके अलावा महारानी लक्ष्मीबाई छात्रावास का वह लंबे समय तक वार्डेन भी रहीं। प्रो. कीर्ति पाण्डेय की विशेषज्ञता ''इंडियन सोसाइटी एंड कल्चर'' है। इस पर उन्होंने काफी काम भी किया है। सोशियोलॉजी ऑफ डेवलपमेंट उनका पसंदीदा क्षेत्र है।
प्राथमिक से उच्चतर शिक्षा तक नियुक्ति करेगा आयोग
उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग बेसिक और माध्यमिक से लेकर एडेड महाविद्यालयों तक में शिक्षक भर्ती करेगा। पहले इसके लिए अलग-अलग आयोग होते थे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर एकीकृत शिक्षक भर्तियां करने के लिए उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग का अधिनियम 23 अगस्त 2023 को बनाया गया।
इसमें एक अध्यक्ष और 12 सदस्यों के पद सृजित किए गए थे। पूर्णकालिक अध्यक्ष की नियुक्ति होने तक एमपी अग्रवाल को कार्यवाहक अध्यक्ष का प्रभार दिया गया था। लंबे समय बाद उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग को अपना पहला पूर्णकालिक अध्यक्ष मिलने पर युवाओं में भी उत्साह है।