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Gorakhpur Flood: तेज हवा चलने से नदियों में उठ रही लहर, जलस्तर घटा तो कटान करने लगीं नदियां
Wed, 08 Sep 2021 02:46 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Wed, 08 Sep 2021 02:46 PM IST
सार
तटबंधों से टकराने के कारण हो रही कटान, गोरखपुर जिले की सभी नदियों का जलस्तर आ रहा नीचे, रोहिन लाल निशान पर आकर स्थिर, घाघरा नदी खतरे के निशान से नीचे, राप्ती और गोर्रा लाल निशान से डेढ़ मीटर उफर।
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गोरखपुर में बाढ़।
- फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
गोरखपुर जिले में पिछले कई दिनों से नेपाल की पहाड़ी से लेकर मैदानी भागों में बारिश नहीं होने का असर नदियों पर दिखाई देने लगा है। लगभग सभी नदियों के उफान में कमी आ गई है। सबसे अधिक डराने वाली राप्ती नदी का जलस्तर पर भी नीचे आ रहा है। घाघरा नदी खतरे के निशान से नीचे बहने लगी है। वहीं, तेज हवा चलने से नदियों में लहर उठने लगी है। इससे तटबंधों में तेज कटान होने लगी है। यह स्थिति चिंता में डालने वाली हो गई है।
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जानकारी के अनुसार, बीते 24 घंटे में राप्ती नदी का जलस्तर 17 सेमी नीचे आया है। हालांकि वह अब भी खतरे के निशान से 1.87 मीटर ऊपर बह रही है। रोहिन नदी का जलस्तर 24 घंटे में 59 सेमी नीचे आया है। वह शाम चार बजे तक खतरे के लाल निशान पर आकर स्थिर हो गई थी। राप्ती की सहायक नदी गोर्रा भी नीचे आ रही है, लेकिन वह खतरे के निशान से 1.45 मीटर ऊपर बह रही है। घाघरा दो दिन से खतरे के निशान से 36 सेमी नीचे बह रही है। फिर भी सिंचाई विभाग के इंजीनियर बंधों पर डटे हैं।
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बाढ़ खंड-2 के अधिशासी अभियंता रुपेश कुमार खरे ने कहा कि सभी नदियों का जलस्तर नीचे आ रहा है, लेकिन सतर्कता उसी तरह से बनी हुई है। तेज हवा के कारण बंधों के किनारे पानी की लहर उठ रही है। इससे तटबंधों पर कई स्थानों पर कटान हो रही है। पेड़ की डालियां आदि डालकर कटान को रोका जा रहा है। एक सप्ताह तक सतर्क रहना है। जेई-एई बंधों पर रह रहे हैं। एक्सीईएन व एसई तथा चीफ इंजीनियर देर रात तक बंधों पर जाकर स्थिति का जायजा ले रहे हैं।
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