{"_id":"5e09f1598ebc3e881275178f","slug":"gorakhpur-rajghat-decorate-by-rajasthani-culture","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"अब ऐसा दिखेगा गोरखपुर का राजघाट, राजस्थानी कला का होगा संगम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अब ऐसा दिखेगा गोरखपुर का राजघाट, राजस्थानी कला का होगा संगम
Mon, 30 Dec 2019 06:15 PM IST
विजय जैन
डिजिटल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गोरखपुर
डिजिटल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गोरखपुर
Published by: विजय जैन
Updated Mon, 30 Dec 2019 06:15 PM IST
विज्ञापन
निर्माणाधीन राजघाट।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गोरखपुर में भवन निर्माण की राजस्थानी शैली ‘गजीबो’ और ‘पालकी’ राजघाट की खूबसूरती बढ़ाएगी। साथ ही यह पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र भी बनेगी। अंत्येष्टि स्थल के सुंदरीकरण के क्रम में राजघाट को जो नया रूप दिया जा रहा है, उसी के अंतर्गत राजघाट पर लाल पत्थरों से राजस्थानी शैली में विभिन्न प्रकार के निर्माण कराए जा रहे हैं। आने वाले समय में यह अंत्येष्टि स्थल गोरखपुर के पर्यटन स्थलों की सूची में जुड़ जाएगा। जून तक यह सौगात गोरखपुर की जनता को मिल जाने की उम्मीद है।
राप्ती नदी के ‘राजघाट’ का नाम आते ही मन मस्तिष्क में अंत्येष्टि स्थल का ख्याल आता है, लेकिन आने वाले समय में यह एक पर्यटक स्थल बनने वाला है। नगर निगम की ओर से राजघाट का कायाकल्प किया जा रहा है। सुंदरीकरण की जिम्मेदारी सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग को दी गई है। प्रथम चरण में करीब 27.70 करोड़ की लागत से इसका सुंदरीकरण किया जा रहा है। इसके अंतर्गत कार्यदायी संस्था की ओर से राजस्थानी लाल पत्थर से घाट और विभिन्न प्रकार का निर्माण कराया जा रहा है।
विज्ञापन
राप्ती नदी के ‘राजघाट’ का नाम आते ही मन मस्तिष्क में अंत्येष्टि स्थल का ख्याल आता है, लेकिन आने वाले समय में यह एक पर्यटक स्थल बनने वाला है। नगर निगम की ओर से राजघाट का कायाकल्प किया जा रहा है। सुंदरीकरण की जिम्मेदारी सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग को दी गई है। प्रथम चरण में करीब 27.70 करोड़ की लागत से इसका सुंदरीकरण किया जा रहा है। इसके अंतर्गत कार्यदायी संस्था की ओर से राजस्थानी लाल पत्थर से घाट और विभिन्न प्रकार का निर्माण कराया जा रहा है।
विज्ञापन
आकर्षण का केंद्र होगा शिव मंदिर
निर्माणाधीन राजघाट।
- फोटो : अमर उजाला
करीब 150 मीटर लंबाई में बनाए जा रहे इस घाट पर बनाया जा रहा शिव मंदिर भी आकर्षण का केंद्र होगा। साथ ही यहां लाल पत्थर से अष्टभुजा आकार के चार ‘गजीबो’ भी बनाए जा रहे हैं। जिसके चबूतरे पर बैठा भी जा सकता है।
दूसरी तरफ बन रहा है रामघाट
राजघाट के दूसरी तरफ रामघाट का निर्माण भी शुरू हो चुका है। सिंचाई विभाग के अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही इसका निर्माण पूरा कर लिया जाएगा।
सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग के अवर अभियंता नवीन कुमार ने कहा- राजघाट के सुंदरीकरण का काम राजस्थानी शैली से किया जा रहा है। ‘गजीबो’ और ‘पालकी’ लोगों के आकर्षण का केंद्र होंगे। प्रथम चरण में 18.70 करोड़ रुपये की लागत से करीब 100 मीटर घाट के निर्माण के अलावा कई निर्माण किए जा रहे हैं। इसके अलावा राजघाट की तरफ और 50 मीटर लंबाई में घाट का निर्माण कराया जा रहा है।
दूसरी तरफ बन रहा है रामघाट
राजघाट के दूसरी तरफ रामघाट का निर्माण भी शुरू हो चुका है। सिंचाई विभाग के अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही इसका निर्माण पूरा कर लिया जाएगा।
सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग के अवर अभियंता नवीन कुमार ने कहा- राजघाट के सुंदरीकरण का काम राजस्थानी शैली से किया जा रहा है। ‘गजीबो’ और ‘पालकी’ लोगों के आकर्षण का केंद्र होंगे। प्रथम चरण में 18.70 करोड़ रुपये की लागत से करीब 100 मीटर घाट के निर्माण के अलावा कई निर्माण किए जा रहे हैं। इसके अलावा राजघाट की तरफ और 50 मीटर लंबाई में घाट का निर्माण कराया जा रहा है।