Gorakhpur News: अब 693 करोड़ की लागत से होगा गोरखपुर रेलवे स्टेशन का पुनर्विकास, टेंडर की तैयारी
15 जनवरी, 1885 को सोनपुर से मनकापुर तक मीटर गेज रेल लाइन के निर्माण के साथ ही गोरखपुर रेलवे स्टेशन अस्तित्व में आया। वर्ष 1886 में गोरखपुर से उस्का बाजार लाइन के निर्माण के साथ ही गोरखपुर जंक्शन स्टेशन बना।
विस्तार
गोरखपुर रेलवे स्टेशन को वर्ल्ड क्लास स्टेशन बनाने के लिए भवन के पुनर्विकास योजना की नई डिजाइन और डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) को रेल प्रशासन ने रेलवे बोर्ड को भेज दी है। अब निर्माण कार्य की लागत 612 करोड़ रुपये से बढ़कर 693 करोड़ हो गई है।
अब कार्य शुरू करने के लिए टेंडर जारी करने की तैयारी है। रेलवे स्टेशन को आगामी 50 वर्षों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर विकसित किया जाएगा। अनुमान है कि उस समय स्टेशन पर करीब प्रतिदिन 1,68,000 यात्रियों का आवागमन होगा।
15 जनवरी 1885 में अस्तित्व में आया था गोरखपुर स्टेशन
15 जनवरी, 1885 को सोनपुर से मनकापुर तक मीटर गेज रेल लाइन के निर्माण के साथ ही गोरखपुर रेलवे स्टेशन अस्तित्व में आया। वर्ष 1886 में गोरखपुर से उस्का बाजार लाइन के निर्माण के साथ ही गोरखपुर जंक्शन स्टेशन बना। वर्ष 1981 में छपरा से मल्हौर तक का आमान परिवर्तन पूर्ण हुआ और गोरखपुर जंक्शन बड़ी लाइन के माध्यम से देश के अन्य महानगरों से जुड़ा।
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स्टेशन की खास बातें
- प्लेटफॉर्म की लंबाई रैंप के साथ 1366.33 मीटर है।
- लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड में दर्ज है।
- स्टेशन पर कुल 10 प्लेटफॉर्म हैं।
- प्रतिदिन 93,000 यात्रियों का आवागमन
- प्रतिदिन 91 जोड़ी यात्री ट्रेनें चलती हैं।
सांस्कृतिक विरासत एवं वास्तुकला की झलक दिखेगी
गोरखपुर रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास मॉडल में स्थानीय सांस्कृतिक विरासत एवं वास्तुकला की झलक देखने को मिलेगी। मुख्य स्टेशन भवन का निर्माण 5,855 वर्ग मीटर एवं द्वितीय प्रवेश द्वार का निर्माण 720 वर्ग मीटर में किया गया है। प्रस्तावित स्टेशन का निर्माण 17,900 वर्ग मीटर एवं द्वितीय प्रवेश द्वार का निर्माण 7,400 वर्ग मीटर में किया जाएगा।
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10,800 वर्ग मीटर में रूफ प्लाजा होगा। जहां फूड आउटलेट, वेटिंग हॉल, एटीएम एवं किड्स प्ले एरिया बनेगा। रूफ प्लाजा से प्लेटफॉर्मों तथा प्रवेश एवं निकास द्वार को 44 लिफ्ट एवं 21 एस्केलेटर लगेंगे। 300 वर्ग मीटर में टिकट खिड़कियां बनाई जाएंगी।
6,300 वर्ग मीटर में वेटिंग हाल होगा जहां 3,500 व्यक्ति एक साथ बैठ कर गाड़ियों की प्रतीक्षा कर सकते हैं। दो मल्टी परपज वाणिज्यिक टॉवर बनाएं जाएंगे, जिसमें मल्टी लेवल कार पार्किंग, बजट होटल, कामर्शियल शॉप इत्यादि का प्रावधान होगा।